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इस साल स्टार्टअप फंडिंग में आई ऐसी कमी कि इतनी गिर गई भारत की रैंकिंग
फिनटेक वो सेक्टर है जहां सबसे ज्यादा फंडिंग देखने को मिलती है लेकिन इस साल यहां भी बड़ी कमी देखने को मिली है. फोन पे ने सबसे ज्यादा फंडिंग जुटाई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
एक ओर जहां अर्थव्यवस्था की ग्रोथ के मामले में भारत के लिए अच्छी खबर निकलकर सामने आ रही है वहीं दूसरी ओर स्टार्टअप फंडिंग के मामले में भारत के लिए अच्छी खबर नहीं आ है. इस साल भारत की फंडिंग में बड़ी कमी देखने को मिली है जिसका प्रतिशत बढ़कर 72 प्रतिशत को पार कर गया है. इसका जितना असर देशभर में काम कर रहे स्टार्टअप पर पड़ा है वही भारत की रैंकिंग 2021 के चौथे स्थान से गिरकर पांचवे स्थान पर फिसल गई है.
क्या कहती है ये सर्वे रिपोर्ट
इस पूरे मामले में ट्रैक्सन जियो एनुअल रिपोर्ट के वर्ष 2023 के डाटा के अनुसार, इस वित्तीय वर्ष में अगर भारत की तीसरी तिमाही की फंडिंग पर नजर डालें तो वो 95.7 करोड़ डॉलर रही है. ये बीते कई वर्षों में सबसे कम रहने वाली फंडिंग है. ये गिरावट लेट स्टेज फंडिंग में आई कमी के कारण देखने को मिली है. वहीं 2022 के आंकड़ों पर नजर डालें तो उस साल फंडिंग 15.6 अरब डॉलर रही थी, जबकि इस साल ये 73 प्रतिशत कम होकर 2023 में 4.3 अरब डॉलर रह गई है. केवल ऐसी 17 फंडिंग रही जिसमें निवेश की 10 करोड़ डॉलर से ज्यादा आया है. अगर अकेले इस फंडिंग को देखा जाए तो ये पिछले साल के मुकाबले 69 प्रतिशत कम है.
फिनटेक में हुआ सिर्फ इतना निवेश
फिनटेक सेक्टर ऐसा क्षेत्र है जिसमें अच्छी फंडिंग देखने को मिलती है. लेकिन इस बार में इसमें भी फंडिंग गिरकर 2023 में 2.1 अरब डॉलर पर ही सिमट गई. जबकि 2022 में ये 4.2 अरब डॉलर रिकॉर्ड की गई थी. इसमें 69 प्रतिशत की कमी देखने को मिली है. रिपोर्ट बताती है कि इस कमी की वजह लगातार बढ़ते स्मार्टफोन और कैशलैस सुविधाओं को बढ़ाने को लेकर सरकार के द्वारा किए जा रहे प्रयासों के कारण ऐसा हुआ है. प्रमुख फिनटेक कंपनी फोन पे को इस साल चार राउंड में 75 करोड़ डॉलर का निवेश प्राप्त हुआ है.फोन पे के अलावा परफियोस, इंश्योरेंस देखो और क्रेडिट बी इस साल टॉप फंड पाने वाली कंपनियां रही है.
रिटेल सेक्टर की रही ये स्थिति
अगर रिटेल सेक्टर में देखें तो इस साल वर्ष 2023 में 1.9 अरब डॉलर का निवेश देखन को मिला. इसमें 2022 के मुकाबले 67 प्रतिशत की कमी हुई है. इनमें लेंसकार्ट ने दो राउंड की फंडिंग में 60 करोड़ डॉलर जुटाने के साथ सबसे ज्यादा फंड जुटाने वाली कंपनी रही. वहीं 2023 में एप्लीकेशन की फंडिंग में 78 प्रतिशत की कमी देखने को मिली है, जबकि इस क्षेत्र में 1.56 अरब डॉलर का निवेश हासिल हुआ है.
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