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राज्यसभा से भी पारित हुआ ऑनलाइन गेमिंग बिल, पैसे वाले गेम्स पर लगेगी सख्त रोक
ऑनलाइन गेमिंग प्रोत्साहन और विनियमन विधेयक, 2025' भारत में ऑनलाइन गेमिंग के लिए एक संतुलित और सख्त ढांचा तैयार करता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago
भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित 'ऑनलाइन गेमिंग प्रोत्साहन और विनियमन विधेयक, 2025' को राज्यसभा में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया है. इससे एक दिन पहले यह विधेयक लोकसभा में भी पारित हो चुका था. अब यह विधेयक राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद कानून का रूप ले लेगा.
गेमिंग सेक्टर में संतुलन और सुरक्षा
यह विधेयक देश में तेजी से बढ़ रहे पैसे वाले ऑनलाइन गेम्स (Online Money Games) को नियंत्रित करने और बाकी गेमिंग सेक्टर को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. इसका लक्ष्य ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री के दो-तिहाई हिस्से को बढ़ावा देना है, जबकि केवल एक-तिहाई हिस्से यानी मनी गेम्स पर प्रतिबंध लगाना है.
ऑनलाइन मनी गेम्स की परिभाषा
विधेयक में ‘ऑनलाइन मनी गेम’ को इस तरह परिभाषित किया गया है “ऐसा ऑनलाइन खेल जिसमें उपयोगकर्ता पैसे देकर, धन जमा करके या किसी दांव के साथ भाग लेता है और बदले में उसे राशि या लाभ मिलने की उम्मीद होती है.” इसमें कौशल, संयोग या दोनों पर आधारित खेल शामिल हैं. हालांकि, इसमें ई-स्पोर्ट्स को शामिल नहीं किया गया है.
संसद में विपक्ष का विरोध और विधेयक का पारित होना
राज्यसभा में विपक्ष के सांसद जॉन ब्रिटास समेत कुछ सदस्यों ने इसे सेलेक्ट कमेटी को भेजने की मांग की, लेकिन यह प्रस्ताव वोटिंग में खारिज कर दिया गया. विपक्ष ने इस पर चर्चा से बहिष्कार किया और सदन में ‘वोट चोरी’ के आरोप लगाते हुए नारेबाजी की. अंततः विधेयक को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया.
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव की संसद में टिप्पणी
विधेयक को पेश करते हुए केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा भारत में 45 करोड़ लोग ऑनलाइन मनी गेम्स से प्रभावित हैं. मध्यवर्गीय परिवारों को इससे अब तक ₹20,000 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है. WHO ने ऑनलाइन मनी गेमिंग को Gaming Disorder घोषित किया है. इससे मानसिक स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति पर गंभीर प्रभाव पड़ा है. इस गतिविधि के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी वित्तपोषण भी संभव है.
कड़े दंड और निगरानी की व्यवस्था
1. प्रतिबंधित ऑनलाइन मनी गेमिंग सेवा देने पर: 3 साल तक जेल, ₹1 करोड़ तक जुर्माना या दोनों.
2. ऐसे गेम्स का प्रचार/विज्ञापन करने पर: 2 साल तक जेल, ₹50 लाख तक जुर्माना या दोनों.
3. केंद्र सरकार द्वारा एक ‘प्राधिकरण’ (Authority) की स्थापना की जाएगी, जो स्वतः संज्ञान लेकर किसी भी गेम को मनी गेम घोषित कर सकेगा.
4. जांच अधिकारी को बिना वारंट तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी की अनुमति होगी, यदि अपराध की आशंका हो.
विदेशी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स भी आएंगे दायरे में
यह विधेयक केवल भारत में संचालित सेवाओं पर ही नहीं, बल्कि विदेशों से संचालित ऑनलाइन मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर भी लागू होगा. इससे कानूनी कवरेज का दायरा व्यापक हो जाएगा.
ई-स्पोर्ट्स और सामाजिक गेम्स को मिलेगा बढ़ावा
विधेयक के अनुसार, ई-स्पोर्ट्स को वैध और प्रोत्साहित किया जाएगा, बशर्ते वे शारीरिक या मानसिक दक्षता और रणनीतिक सोच पर आधारित हों. इनमें कोई दांव या इनाम राशि शामिल न हो. शैक्षिक या मनोरंजन के उद्देश्य से डिजाइन किए गए हों. सरकार सामाजिक और शैक्षणिक गेमिंग को नवाचार और आर्थिक विकास के साधन के रूप में देखती है.
सुरक्षित डिजिटल भविष्य की ओर कदम
सरकार का मानना है कि यह विधेयक डिजिटल गेमिंग वातावरण को सुरक्षित बनाएगा. धोखाधड़ी, लत और वंचित वर्गों के शोषण को रोकेगा. सभी नागरिकों के लिए जिम्मेदार गेमिंग का माहौल तैयार करेगा. नवाचार और रोजगार को बढ़ावा देगा.
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