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सरकार ने ₹9814 करोड़ की दो बड़ी परियोजनाओं को दी मंजूरी, ओडिशा और राजस्थान को मिलेगा विकास का बूस्ट
ओडिशा और राजस्थान में स्वीकृत ये दो परियोजनाएं न केवल ट्रैफिक और परिवहन समस्याओं का समाधान करेंगी, बल्कि व्यापक आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और निवेश को आकर्षित करने का भी मार्ग प्रशस्त करेंगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को दो महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिनकी कुल लागत ₹9814.74 करोड़ है. इसमें ओडिशा में 6-लेन रिंग रोड और राजस्थान के कोटा-बूंदी में एक ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण शामिल है. सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से दोनों राज्यों में कनेक्टिविटी, व्यापार और रोजगार के अवसरों में बड़ा इजाफा होगा.
ओडिशा में बनेगी 6-लेन कैपिटल रीजन रिंग रोड
8307.74 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह सड़क परियोजना ओडिशा के लिए एक बड़ी राहत लेकर आएगी. इस 110.875 किलोमीटर लंबी रिंग रोड को भुवनेश्वर बायपास के रूप में विकसित किया जाएगा और इसका निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) पर होगा.
भीषण ट्रैफिक से मिलेगी राहत: यह सड़क खोरधा, भुवनेश्वर और कटक जैसे घनी आबादी वाले शहरी इलाकों को भारी ट्रैफिक से राहत दिलाएगी. वर्तमान में रेमेश्वर से टांगी तक का मार्ग जाम की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। रिंग रोड के बनने से भारी वाणिज्यिक वाहनों को शहरी क्षेत्र से बाहर डायवर्ट किया जा सकेगा, जिससे यातायात दबाव में उल्लेखनीय कमी आएगी.
पूरे पूर्वी भारत को होगा लाभ : यह परियोजना न केवल ओडिशा, बल्कि पूरे पूर्वी भारत को लाभ पहुंचाएगी. रिंग रोड एनएच-55, एनएच-57, एनएच-655 और एसएच-65 जैसे प्रमुख राजमार्गों से जुड़ी होगी, जिससे राज्य के महत्वपूर्ण धार्मिक, औद्योगिक और शैक्षणिक केंद्रों की इंटरकनेक्टिविटी और बेहतर होगी.
रोजगार और विकास को मिलेगा बल : सरकारी अनुमान के अनुसार, इस परियोजना से 74.43 लाख व्यक्ति-दिवस प्रत्यक्ष और 93.04 लाख व्यक्ति-दिवस अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे. यह कॉरिडोर 10 आर्थिक नोड्स, 4 सामाजिक नोड्स और 5 लॉजिस्टिक नोड्स से भी जुड़कर क्षेत्रीय विकास को नई गति देगा. साथ ही, प्रस्तावित मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (MMLP), रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डा और बंदरगाहों से संपर्क स्थापित कर लॉजिस्टिक्स को सशक्त बनाएगा.
राजस्थान के कोटा-बूंदी में बनेगा नया ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट
दूसरी ओर, मंत्रिमंडल ने ₹1507 करोड़ की लागत से राजस्थान के कोटा-बूंदी क्षेत्र में एक आधुनिक ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण को भी मंजूरी दी है. यह एयरपोर्ट **एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI)** द्वारा विकसित किया जाएगा.
शिक्षा और उद्योग की जरूरत पूरी करेगा एयरपोर्ट : कोटा देश का एक प्रमुख शैक्षणिक और औद्योगिक केंद्र है, जहाँ हर साल लाखों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं. इसके अलावा, कोटा फर्टिलाइजर, कोटा स्टोन और टेक्सटाइल उद्योग के लिए भी जाना जाता है. नए एयरपोर्ट से इन सभी क्षेत्रों को वैश्विक कनेक्टिविटी मिलेगी. इसके अलावा क्षेत्रीय व्यापार, टूरिज्म और इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा. हजारों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे.
क्या होंगे एयरपोर्ट के प्रमुख फीचर्स?
- टर्मिनल भवन : 20,000 वर्गमीटर क्षेत्रफल, 1000 पीक ऑवर यात्री और 2 मिलियन यात्री प्रति वर्ष की क्षमता
- रनवे : 3200 मीटर लंबा, A-321 जैसे बड़े विमानों के लिए उपयुक्त
- एप्रन : 7 विमानों की पार्किंग क्षमता
- अन्य सुविधाएं : दो टैक्सीवे, एटीसी बिल्डिंग, फायर स्टेशन, कार पार्किंग आदि
राजस्थान सरकार ने इस एयरपोर्ट के लिए 440.06 हेक्टेयर भूमि AAI को हस्तांतरित कर दी है.
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