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Banks Board Bureau का हुआ कायाकल्प, अब इस नए नाम और काम से बनेगी पहचान
केंद्र सरकार ने सरकारी बैंकों और वित्तीय संस्थानों के बड़े पदों पर नियुक्ति करने वाले बैंक बोर्ड ब्यूरो (Banks Board Bureau) का कायाकल्प कर दिया है।
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः केंद्र सरकार ने सरकारी बैंकों और वित्तीय संस्थानों के बड़े पदों पर नियुक्ति करने वाले बैंक बोर्ड ब्यूरो (Banks Board Bureau) का कायाकल्प कर दिया है। जहां एक तरफ सरकार ने बोर्ड के कानून में कुछ परिवर्तन करके इसका नाम बदल दिया हैं, वहीं दूसरी तरफ इसके अब काम करने का तरीका भी पूरी तरह से बदल जाएगा। सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट के पिछले साल दिए गए एक आदेश के बाद ये परिवर्तन किया है। अब इसको फाइनेंशियल सर्विसेज इंस्टीट्यूशन ब्यूरो (FSIB) के तौर पर जाना जाएगा।
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिया था ये फैसला
दिल्ली हाईकोर्ट ने पिछले साल एक फैसले में कहा था कि बैंक बोर्ड ब्यूरो कोई ऐसा निकाय नहीं है जो कि सरकारी जनरल इंश्योरेंस कंपनियों के डायरेक्टर्स और जनरल मैनेजर्स को चुने। इस फैसले के बाद जनरल इंश्योरेंस कंपनियों में आधा दर्जन से अधिक नए चुने गए निदेशकों को अपना पद छोड़ना पड़ा था।
लेकिन अब एफएसआईबी के जरिए ऐसी कंपनियों में निदेशकों और जनरल मैनेजर्स की नियुक्ति की जा सकेगी।
कैबिनेट ने दिया डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज को यह आदेश
कैबिनेट की अप्वाइंटमेंट्स कमेटी ने डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज को वित्त मंत्री के अनुमोदन से सरकारी बैंकों (प्रबंधन और विविध प्रावधान) योजना 1970/1980 में आवश्यक संशोधन करने के लिए कहा है और फिर FSIB की स्थापना के लिए सरकार के प्रस्ताव को अधिसूचित किया है। बैंकों और वित्तीय संस्थानों के पूर्णकालिक निदेशकों और गैर-कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए सिफारिशें करने के लिए एक एकल इकाई।
इनको बनाया गया है चेयरपर्सन
एसीसी ने Banks Board Bureau के पूर्व अध्यक्ष भानु प्रताप शर्मा को दो साल की अवधि के लिए FSIB के प्रारंभिक अध्यक्ष के रूप में नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। इसके अन्य सदस्यों में खत्म हो चुकी ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अनिमेष चौहान, आरबीआई के पूर्व कार्यकारी निदेशक दीपक सिंघल और तत्कालीन आईएनजी वैश्य बैंक के पूर्व एमडी शैलेंद्र भंडारी हैं।
2016 में बना था Banks Board Bureau
प्रधान मंत्री ने 2016 में, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSB) और राज्य के स्वामित्व वाले वित्तीय संस्थानों के पूर्णकालिक निदेशकों के साथ-साथ गैर-कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्ति के लिए सिफारिश करने के लिए प्रख्यात पेशेवरों और अधिकारियों के एक निकाय के रूप में BBB के गठन को मंजूरी दी थी। इसे सभी पीएसबी के निदेशक मंडल के साथ जोड़ने का काम भी सौंपा गया था ताकि इनकी ग्रोथ और डेवलपमेंट के लिए उपयुक्त रणनीति तैयार की जा सके।
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