होम / बिजनेस / टैक्सपेयर्स ने बनाया रिकॉर्ड, 7 महीने में सरकारी खजाने में जमा हुए लाखों करोड़ रुपये
टैक्सपेयर्स ने बनाया रिकॉर्ड, 7 महीने में सरकारी खजाने में जमा हुए लाखों करोड़ रुपये
इस साल एक अप्रैल से 10 नवंबर के बीच नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 15.41 प्रतिशत बढ़कर 12.11 लाख करोड़ रुपये हो गया है. इसमें नेट कॉरपोरेट टैक्स और नॉन-कॉरपोरेट टैक्स दोनों शामिल हैं.
नीरज नैयर 1 year ago
अगर आप इनकम टैक्स जमा करते हैं, तो आपको ये जानकर खुशी होगी, कि इस बार देश के टैक्सपेयर्स ने एक बड़ा रिकॉर्ड बनाया है. दरअसल, टैक्सपेयर्स ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए मौजूदा वित्त वर्ष के 224 दिनों में हर घंटे औसतन 225 करोड़ रुपये जमा किया है. इसमें नेट कॉरपोरेट टैक्स और नॉन-कॉरपोरेट टैक्स मिलाकर टैक्सपेयर्स अब तक लाखों करोड़ रुपये का टैक्स जमा कर चुके हैं. तो चलिए जानते हैं टैक्सपेयर्स से हुई कमाई से सरकारी खजाने में कितने रुपये जमा हो गए हैं?
टैक्स कलेक्शन में हुई 15 प्रतिशत से ज्यादा इजाफा
इस साल एक अप्रैल से 10 नवंबर के बीच नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 15.41 प्रतिशत बढ़कर 12.11 लाख करोड़ रुपये हो गया है. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के आंकड़ों के अनुसार इसमें 5.10 लाख करोड़ रुपये का नेट कॉरपोरेट टैक्स और 6.62 लाख करोड़ रुपये का गैर-कॉरपोरेट टैक्स (व्यक्तियों, एचयूएफ, फर्मों द्वारा भुगतान किए गए करों सहित) शामिल हैं. अन्य करों के मद में 35,923 करोड़ रुपये आए. आंकड़ों के अनुसार अप्रैल से 10 नवंबर के दौरान प्रत्यक्ष कर का सकल संग्रह 21.20 प्रतिशत बढ़कर 15.02 लाख करोड़ रुपये रहा.
रिफंड के समायोजन के बाद इतना हुआ टैक्स कलेक्शन
इस दौरान सरकार ने 2.92 लाख करोड़ रुपये के रिफंड जारी किए गए, जो एक साल पहले की तुलना में 53 प्रतिशत अधिक है. रिफंड के समायोजन के बाद, नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन (जिसमें कॉरपोरेट, गैर-कॉरपोरेट और अन्य कर शामिल हैं) लगभग 12.11 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 10.49 लाख करोड़ रुपये से 15.41 प्रतिशत अधिक है. सरकार ने चालू वित्त वर्ष में प्रत्यक्ष करों से 22.12 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य तय किया है, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक है.
बजट में ये रखा है टारगेट
वहीं, सरकार ने वित्त वर्ष 2024 के लिए केंद्र के ग्रॉस टैक्स रेवेन्यू को रिवाइज्ड कर 34.4 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया था, जोकि वित्त वर्ष 2024 के बजट अनुमान से लगभग 1 लाख करोड़ रुपये ज्यादा है. वित्त वर्ष 2025 के अनुमानों के संबंध में, सरकार ने 11.7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 38.4 लाख करोड़ रुपये का बजट रखा है. टैक्सेशन से रेवेन्यू टारगेट को इनकम टैक्स में 16.1 प्रतिशत की वृद्धि, कॉरपोरेट टैक्स में 10.5 प्रतिशत और कस्टम ड्यूटी में 8.7 प्रतिशत का समर्थ प्राप्त है. वित्त वर्ष 2024 के संशोधित अनुमान की तुलना में जीएसटी कलेक्शन टारगेट को 11 प्रतिशत बढ़ाकर 10.6 लाख करोड़ रुपये कर दिया है.
टैग्स