होम / बिजनेस / भारत के कट एंड पॉलिश्ड डायमंड सेक्टर पर FY26 में दबाव, यूएस टैरिफ और कमजोर मांग से आय-लाभ घटने का खतरा
भारत के कट एंड पॉलिश्ड डायमंड सेक्टर पर FY26 में दबाव, यूएस टैरिफ और कमजोर मांग से आय-लाभ घटने का खतरा
इंड-रा का अनुमान: अमेरिका व चीन में सुस्त खपत, 50% टैरिफ और लैब-ग्रोन डायमंड्स की प्रतिस्पर्धा से इंडस्ट्री की रेवेन्यू व मार्जिन पर असर
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago
भारत की कट एंड पॉलिश्ड डायमंड (CPD) इंडस्ट्री के लिए FY26 कठिन रहने वाला है. इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च (इंड-रा) ने गुरुवार को जारी रिपोर्ट में कहा कि सबसे बड़े निर्यात बाजारों में मांग कमजोर रहने और अमेरिका द्वारा टैरिफ बढ़ाने से सेक्टर की आय और लाभप्रदता पर दबाव बना रहेगा.
एजेंसी के मुताबिक अमेरिका और चीन में सुस्त खपत, अमेरिकी खरीदारों के लिए टैरिफ से बढ़ी लागत और लैब-ग्रोन डायमंड्स (LGDs) से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते रेवेन्यू व मार्जिन दबाव में रहेंगे. इंड-रा ने CPD कंपनियों को IND BBB कैटेगरी में रेट किया है, जिसमें नेगेटिव और स्टेबल आउटलुक का मिश्रण है, और चेताया है कि कंपनियों की अतिरिक्त झटके सहने की क्षमता सीमित है.
इंड-रा के एसोसिएट डायरेक्टर, कॉरपोरेट रेटिंग्स, आदर्श गुथा ने कहा, “भारतीय CPD इंडस्ट्री FY26 में मैक्रोइकोनॉमिक स्लोडाउन, कमजोर कंज्यूमर सेंटिमेंट और लैब-ग्रोन डायमंड्स की प्रतिस्पर्धा के चलते रेवेन्यू और मार्जिन में नरमी देखेगी. प्राइसिंग पर टैरिफ का असर अमेरिकी मांग को और दबाएगा, जबकि चीन और भारत से सीमित राहत ही मिलेगी.”
अमेरिका प्राकृतिक डायमंड्स के लिए भारत का सबसे बड़ा बाजार है और लगभग USD 5 बिलियन यानी भारतीय डायमंड एक्सपोर्ट का करीब 36 प्रतिशत हिस्सा लेता है. अमेरिका में आयात होने वाले कुल डायमंड्स का लगभग आधा भारत से आता है. FY25 में अमेरिका को भारत के जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट करीब USD 10 बिलियन रहे, जो सेक्टर की कुल ओवरसीज शिपमेंट का लगभग एक तिहाई है.
भारत से डायमंड एक्सपोर्ट पर 50 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने का फैसला उपभोक्ताओं के लिए लैंडेड कॉस्ट बढ़ाएगा. यह दर इजरायल और बेल्जियम जैसे प्रतिस्पर्धी देशों पर लागू 15 प्रतिशत या दक्षिण अफ्रीका के 30 प्रतिशत से काफी अधिक है. इंड-रा ने कहा कि इससे पहले से कमजोर मांग और दबेगी तथा नेचुरल डायमंड्स और LGDs के बीच प्राइस गैप और चौड़ा होगा, जिससे सिंथेटिक स्टोन्स की ओर शिफ्टिंग तेज हो सकती है.
भारत से CPD एक्सपोर्ट लगातार तीसरे साल घटे हैं और FY25 में USD 13.8 बिलियन पर आ गए. अमेरिका की सुस्ती के साथ चीन, जो दूसरा सबसे बड़ा बाजार है, में भी मांग कमजोर बनी हुई है. चीन में मंद उपभोक्ता भावनाएं और भारत के घरेलू बाजार में छोटे, कम मूल्य वाले डायमंड्स की पसंद के कारण कोई भी बाजार अमेरिका की कमी की भरपाई करने की स्थिति में नहीं है.
टैग्स