✕

होम / बिजनेस / विपक्ष के आरोपों में कितना दम, मोदी राज में कितनी बढ़ी अंबानी-अडानी की संपत्ति?

विपक्ष के आरोपों में कितना दम, मोदी राज में कितनी बढ़ी अंबानी-अडानी की संपत्ति?

विपक्ष कहता रहा है कि मोदी सरकार उद्योगपतियों को फायदा पहुंचा रही है. खासकर मुकेश अंबानी और गौतम अडानी पर वो ज्यादा मेहरबान है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

आम आदमी के हित की बात करके सत्ता में आई मोदी सरकार अब पूरी तरह से आर्थिक सुधारों पर फोकस हो गई है. इन सुधारों के नाम पर सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है. कुछ सरकारी कंपनियां बिक चुकी हैं और कुछ कतार में है. तमाम विरोध के बावजूद सरकार पीछे हटने को तैयार नहीं है. इस वजह से उस पर कई गंभीर आरोप भी लगते हैं. यह भी कहा जाता रहा है कि मोदी सरकार उद्योगपतियों को फायदा पहुंचा रही है. खासकर मुकेश अंबानी और गौतम अडानी पर वो ज्यादा मेहरबान है. जिस तरह से अडानी ग्रुप को एक के बाद एक एयरपोर्ट लीज पर मिले हैं, उससे इन आरोपों को और बल मिलता है.  

मजबूत हुई फाइनेंशियल नींव
फिलहाल अडानी ग्रुप के पास 7 एयरपोर्ट्स का मैनेजमेंट आ गया है. वैसे बात केवल इतनी ही नहीं है,यदि दोनों अरबपतियों की संपत्ति के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो साफ नजर आता है कि 2014 के बाद से इनकी तरक्की का ग्राफ एकदम से खड़ा हो गया है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2014 के बाद से अडानी की संपत्ति करीब 230 गुना बढ़ी है. इससे पहले, अडानी समूह की स्थिति अच्छी नहीं थी. शेयर बाजार पर समूह की कंपनियों के शेयरों को देखा जाए, तो समझ आ सकता है कि ग्रुप की फाइनेंशियल नींव कितनी मजबूत गई है.

22वें नंबर से सीधे 11 पर 
फोर्ब्स की 2013 की अरबपतियों की सूची में मुकेश अंबानी की नेट वर्थ 21000 मिलियन USD थी. जबकि गौतम अडानी 2650 मिलियन USD की नेट वर्थ के साथ 22वें नंबर पर थे. इसी तरह 2014 की लिस्ट में अंबानी की नेट वर्थ 23.6 बिलियन USD बताई गई और अडानी 22वें नंबर से सीधे 11वें पर आ गए. इस दौरान उनकी नेटवर्क 7.1 बिलियन USD हो गई.

2 साल कम रही चाल
फोर्ब्स की इंडिया रिच लिस्ट 2015-16 के अनुसार, अंबानी-अडानी की नेट वर्थ में इन दो सालों में कुछ कमी देखने को मिली, लेकिन इसके बाद यानी 2017 में दोनों ने लंबी छलांग लगाई. रिलायंस इंडस्ट्री के चेयरमैन अंबानी की नेट वर्थ 2017 में बढ़कर 38 बिलियन डॉलर पहुंच गई, जबकि अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी की नेट वर्थ का आंकड़ा 11 बिलियन डॉलर पहुंच गया. इसके साथ ही लिस्ट में वह 11वें नंबर से 10वें स्थान पर आ गए.

सभी रह गए हैरान
साल 2018 भी दोनों अरबपतियों के लिए काफी अच्छा गया. अंबानी की नेट वर्थ 47.3 बिलियन डॉलर हो गई और अडानी की 11.9 बिलियन USD. लेकिन 2019 में गौतम अडानी की नेटवर्थ में ऐसा उछाल आया कि सभी हैरान रह गए. इस साल Forbes India Rich List में कई उद्योगपतियों को पछाड़ते हुए 2 नंबर पर आ गए और अंबानी के बाद देश के दूसरे सबसे अमीर शख्स बन गए. 2019 में उनकी नेटवर्थ का आंकड़ा 15.7 बिलियन USD को गया.   

और चढ़ा दौलत का ग्राफ
साल 2018 भी दोनों अरबपतियों के लिए काफी अच्छा गया. अंबानी की नेट वर्थ 47.3 बिलियन डॉलर हो गई और अडानी की 11.9 बिलियन USD. लेकिन 2019 में गौतम अडानी की नेटवर्थ में ऐसा उछाल आया कि सभी हैरान रह गए. इस साल Forbes India Rich List में कई उद्योगपतियों को पछाड़ते हुए 2 नंबर पर आ गए और अंबानी के बाद देश के दूसरे सबसे अमीर शख्स बन गए. 2019 में उनकी नेटवर्थ का आंकड़ा 15.7 बिलियन USD हो गई. इसी दौरान, अंबानी की नेट वर्थ भी 51.4 बिलियन डॉलर हो गई. यानी उनकी दौलत का ग्राफ भी काफी चढ़ा.   

अंबानी से ज्यादा इजाफा
इस दौरान,लक्ष्मी मित्तल और कुमार मंगलम बिडला जैसे उद्योगपतियों की नेटवर्थ में उतार देखने को मिला, लेकिन अंबानी-अडानी लगातार तरक्की करती रहे. यह कहना गलत नहीं होगा कि 2019 से गौतम अडानी की सफलता को पंख लग गए. साल 2020 में उनकी नेट वर्थ 22.2 बिलियन डॉलर जा पहुंची और अंबानी की 88.7 बिलियन USD. इसी तरह, 2021 की रिपोर्ट में मुकेश अंबानी की नेट वर्थ 92.7 बिलियन डॉलर बताई गई है, जबकि अडानी की 74.8 बिलियन डॉलर. अब 2020 और 2021 में दोनों अरबपतियों की नेटवर्थ की तुलना करें, तो इस एक साल में अडानी की नेटवर्थ करीब 52.6 बिलियन बढ़ी. वहीं, अंबानी के मामले में यह आंकड़ा 4 बिलियन डॉलर का रहा.   

लगा था ये गंभीर आरोप
हाल ही में आई 2022 की फोर्ब्स की भारत के अरबपतियों की लिस्ट में मुकेश अंबानी भले ही पहले स्थान पर कायम रहे, लेकिन नेट वर्थ 90.7 बिलियन डॉलर रह गई. जबकि गौतम अडानी की नेट वर्थ 90 बिलियन डॉलर हो गई. ऐसे में कहा जा सकता है कि मोदी राज में अंबानी-अडानी दोनों ने खूब तरक्की की, लेकिन इस ‘खूब’ में अडानी का हिस्सा ज्यादा रहा. विपक्ष लगातार यह कहता आ रहा है कि मोदी सरकार अडानी-अंबानी को फायदा पहुंचा रही है. हाल ही में यह खबर भी सामने आई थी कि मोदी सरकार ने अडानी समूह को परियोजना देने के लिए श्रीलंका पर दबाब डाला था. हालांकि, श्रीलंका ने बाद में इस रिपोर्ट को गलत करार दे दिया. 
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

भारतीय इक्विटी फंड्स का उभरते बाजारों से बेहतर प्रदर्शन, 17 साल में सबसे बड़ी बढ़त

अमेरिकी इक्विटी फंड्स में भी 32 अरब डॉलर का निवेश आया. वहीं, ग्लोबल इमर्जिंग मार्केट (GEM) फंड्स में 3.6 अरब डॉलर का निवेश दर्ज किया गया, जो तीन महीने का उच्चतम स्तर है.

9 hours ago

दो सप्ताह में करीब 3.9 अरब डॉलर घटा भारत का विदेशी मुद्रा भंडार, 717 अरब डॉलर पर आया

RBI के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 30 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में देश का फॉरेक्स रिजर्व 2.6 अरब डॉलर घटकर 717 अरब डॉलर रह गया. इससे पिछले सप्ताह भी इसमें करीब 1.27 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई थी.

10 hours ago

दूसरी तिमाही में मुनाफे में आई शिपरॉकेट, ₹0.6 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज; रेवेन्यू 34.7% बढ़ा

शिपरॉकेट का ऑपरेटिंग रेवेन्यू सालाना आधार पर 34.7 फीसदी बढ़कर 673.6 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 500.2 करोड़ रुपये था.

1 day ago

CenturyPly का दूसरी तिमाही का राजस्व 28.5% बढ़कर 1,780 करोड़ रुपये पहुंचा

कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में अब तक का सबसे अधिक तिमाही राजस्व दर्ज किया. प्लाईवुड, एमडीएफ, लैमिनेट्स और लॉजिस्टिक्स कारोबार में मजबूत वृद्धि से कंपनी के प्रदर्शन को सहारा मिला.

1 day ago

“अगर बोर्ड बंटा हुआ है, तो सभी की ब्रांड वैल्यू घटती है”

रवि राजन एंड कंपनी के संस्थापक एवं मैनेजिंग पार्टनर और BSE के पूर्व चेयरमैन एस रवि ने BW Businessworld के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ अनुराग बत्रा के साथ इस बातचीत में उत्तराधिकारियों के मूल्यांकन, सार्वजनिक विवादों से कारोबार को बचाने और संपत्ति सृजन में कॉरपोरेट गवर्नेंस की अहमियत पर चर्चा की.

1 day ago


बड़ी खबरें

“अगर बोर्ड बंटा हुआ है, तो सभी की ब्रांड वैल्यू घटती है”

रवि राजन एंड कंपनी के संस्थापक एवं मैनेजिंग पार्टनर और BSE के पूर्व चेयरमैन एस रवि ने BW Businessworld के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ अनुराग बत्रा के साथ इस बातचीत में उत्तराधिकारियों के मूल्यांकन, सार्वजनिक विवादों से कारोबार को बचाने और संपत्ति सृजन में कॉरपोरेट गवर्नेंस की अहमियत पर चर्चा की.

1 day ago

2030 तक भारत की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता 530 GW पहुंचने का अनुमान, सौर ऊर्जा की होगी 80% से ज्यादा हिस्सेदारी: IEA

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के मुताबिक, भारत की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता 2030 तक बढ़कर करीब 530 गीगावॉट हो सकती है. इस विस्तार में सौर ऊर्जा की हिस्सेदारी 80 फीसदी से अधिक रहने का अनुमान है.

5 hours ago

NSE-Augmont के EGR सेगमेंट में पहले दिन ₹33.11 करोड़ का कारोबार, 2.27 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स की ट्रेडिंग

NSE और Augmont की साझेदारी में इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट (EGR) सेगमेंट में 6 नवंबर को लाइव ट्रेडिंग की शुरुआत हुई. पहले ही दिन इसमें 33.11 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया गया.

5 hours ago

सरकार ने चावल बिक्री का लक्ष्य दोगुना किया, OMSS के तहत अब 50 लाख टन बेचेगी

सरकार 31 अक्टूबर तक ई-नीलामी के जरिए 25 लाख टन चावल बेच चुकी है. इसके साथ ही चावल और धान के स्टॉक की साप्ताहिक जानकारी देना भी अनिवार्य कर दिया गया है.

8 hours ago

भारतीय इक्विटी फंड्स का उभरते बाजारों से बेहतर प्रदर्शन, 17 साल में सबसे बड़ी बढ़त

अमेरिकी इक्विटी फंड्स में भी 32 अरब डॉलर का निवेश आया. वहीं, ग्लोबल इमर्जिंग मार्केट (GEM) फंड्स में 3.6 अरब डॉलर का निवेश दर्ज किया गया, जो तीन महीने का उच्चतम स्तर है.

9 hours ago