✕

होम / बिजनेस / फिक्स्ड इनकम इन्वेस्टर्स के लिए बेस्ट हैं ये 6 ऑप्शंस

फिक्स्ड इनकम इन्वेस्टर्स के लिए बेस्ट हैं ये 6 ऑप्शंस

फिक्स्ड इनकम इन्वेस्टर्स के लिए पिछले कुछ साल बहुत ही मुश्किल रहे हैं ऐसे में हम आपके लिए लेकर आये हैं इन्वेस्टमेंट के 6 ऐसे ऑप्शन जो इंटरेस्ट रेट्स से प्रभावित नहीं होते.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

फिक्स्ड इनकम इन्वेस्टर्स के लिए पिछले कुछ साल बहुत ही मुश्किल भरे रहे हैं. कोविड आने के बाद से ही दुनिया भर में केन्द्रीय बैंकों ने पॉलिसी रेट्स में कटौती करके इकॉनमी को बढ़ावा दिया था. लेकिन इस वजह से फिक्स्ड इनकम प्रोडक्ट्स जैसे बैंक की FD (फिक्स्ड डिपाजिट) और स्मॉल सेविंग्स स्कीम आदि के रिटर्न्स बहुत ही खराब हो गए. जहां केन्द्रीय बैंक इकॉनमी की ग्रोथ के लिये लड़ रहे थे वहीं इन्फ्लेशन का बढ़ना एक बुरे सपने जैसा था. इसकी वजह से बहुत सी बड़ी और जरुरी इकॉनोमीज ने अपनी पोजीशन को बदला और रेट्स को बढ़ाना शुरू कर दिया. इन्फ्लेशन को रोकने के लिए मई 2022 से इंडिया के केंद्रीय बैंक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने भी रेपो रेट को 250BPS (बेसिस पॉइंट्स) बढ़ाकर 6.5% कर दिया है. ग्लोबल और डोमेस्टिक दोनों ही जगह से मिलने वाले डाटा के आधार पर रेट्स का बढ़ना अभी भी जारी है. आने वाले समय में इंटरेस्ट रेट की अनिश्चित हालत को ध्यान में रखकर हमने 6 ऐसे इनकम इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट्स की लिस्ट बनायी है जो फिक्स्ड इनकम इन्वेस्टर्स को बेहतर रिटर्न्स डे सकते हैं.

  1. शॉर्ट ड्यूरेशन फंड्स: शॉर्ट ड्यूरेशन फंड्स (SDF) एक डेब्ट म्यूच्यूअल फंड स्कीम है जो अधिकतर शॉर्ट से मीडियम मैच्योरिटी वाले बांड्स में इन्वेस्ट करती है. SDF बांड्स में 1 से 3 साल तक की अवधि के लिए इन्वेस्ट करते हैं. लम्बे मैच्योरिटी पीरियड के मुकाबले शॉर्ट मैच्योरिटी वाले बांड्स इंटरेस्ट रेट्स की मूवमेंट से कम प्रभावित होते हैं. बढ़ते हुए रेट्स की हालत में SDF पसंदीदा ऑप्शन माना जाता है. अगर आपके पास भी कम से कम 3 साल का समय है तो आपको SDF में इन्वेस्ट करने के बारे में सोचना चाहिए.
  2. टारगेट मैच्योरिटी फंड्स: टारगेट मैच्योरिटी फंड्स (TMF) निष्क्रिय रूप से मैनेज किये जाने वाले डेब्ट म्यूच्यूअल फंड्स होते हैं. बड़े रिटर्न्स चाहने वाले इन्वेस्टर्स को TMF बहुत आकर्षित लग सकता है. TMF की मैच्योरिटी डेट पहले से निर्धारित होती है और यह बुनियादी इंडेक्स के एक पार्ट डेब्ट सिक्योरिटीज को होल्ड करके रखता है. इन सूचकांकों में अधिकतर सरकारी सिक्योरिटीज, स्टेट डेवलपमेंट लोन्स और पब्लिक सेक्टर की एंटरप्राइजेज द्वारा जारी किये गए हाई क्वालिटी बांड्स होते हैं. 3 साल से ज्यादा अवधि की मैच्योरिटी वाले TMF फिलहाल लगभग 7.5% का इंटरेस्ट रेट दे रहे हैं.
  3. फिक्स्ड डिपाजिट: रुढ़िवादी इन्वेस्टर्स बैंकों और कंपनियों के द्वारा जारी किये गए FD (फिक्स्ड डिपाजिट) में लम्बे समय से इन्वेस्ट करते आये हैं. अब FD की मार्केट में बहुत से ऑप्शंस उपलब्ध हैं क्योंकि अब मार्केट में स्मॉल फाइनेंस बैंक, और नए युग के बैंक भी हैं जिनके पास अपने खुद के FD उत्पाद हैं. एश्योर्ड रिटर्न्स की वजह से FD का ऑप्शन अभी भी बहुत से लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करता है. RBI के द्वारा पॉलिसी रेट्स बढाए जाने के बाद से बैंकों और फाइनेंस कंपनियों ने ऑफर के इंटरेस्ट रेट्स को बढ़ा दिया है.
  4. टैक्स फ्री बांड्स: साल 2012 से 2016 के बीच टैक्स फ्री बांड्स को राज्य द्वारा चलाये जाने वाली इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के द्वारा जारी किया जाता था. इन बांड्स को मार्केट में लिस्ट किया जाता था और फिर BSE (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) और NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) के कैश सेगमेंट में इन बांड्स का ट्रेड होता था. इन्वेस्टर्स इन बांड्स को अपने डीमैट अकाउंट या फिर सेकेंडरी मार्किट से खरीद सकते हैं. इन बांड्स पर सालाना इंटरेस्ट मिलता है और यह टैक्स फ्री होता है. बड़े इन्वेस्टर्स के द्वारा छोटी अवधि में इन बांड्स को सबसे ज्यादा प्रमुखता दी जाती है.
  5.   टैक्सेबल NCDs: नॉन कनवर्टिबल डिबेंचर्स (NCD) फिक्स्ड इनकम उपकरण हैं जिन्हें कॉर्पोरेट्स द्वारा लॉन्ग टर्म फण्ड इकठ्ठा करने के लिए पब्लिक को जारी किया जाता है. इन्हें एक विशेष समायवधि के लिए जारी किया जाता है जैसे 1 से सात सालों तक. और इनका इंटरेस्ट रेट या तो कभी कभी दिया जाता है या फिर मैच्योरिटी खत्म होने के बाद ही दिया जाता है. बहुत सी NCD जिन्हें रिटेल इन्वेस्टर्स (ज्यादातर उन्हें जिनकी फेस वैल्यू 1000 करोड़ से ज्यादा थी) को जारी किया गया था उन्हें एक्सचेंज में लिस्ट किया गया और इक्विटी शेयर्स की तरह ट्रेड किया गया. ऐसे इन्वेस्टर्स जो मीडियम स्तर का जोखिम उठा सकते हैं और बैंक और कॉर्पोरेट के द्वारा जारी की जाने वाली FD के अलावा दुसरे ऑप्शंस तलाश रहे हैं वे इस विकल्प में इन्वेस्ट कर सकते हैं.
  6. गवर्नमेंट बांड्स: सरकारी सिक्योरिटीज को RBI द्वारा केंद्रीय सरकार की ओर से जरी किया जाता है. राज्य सरकारें भी ऐसे उपकरणों के इस्तेमाल से पैसा इकठ्ठा करती हैं. इन्हें ही स्टेट डेवलपमेंट लोन कहा जाता है. क्योंकि इन बांड्स को सरकार के द्वारा जारी किया जाता है इसलिए ये क्रेडिट फ्री और रिस्क फ्री इन्वेस्टमेंट मानी जाती है. लेकिन ये बांड्स इंटरेस्ट रेट्स के खतरे से बच नहीं पाते. रिटेल इन्वेस्टर्स सरकारी सिक्योरिटीज को RBI के रिटेल डायरेक्ट प्लेटफार्म कक इस्तेमाल करके खरीद सकते हैं या फिर सेकेंडरी मार्केट जिसे NDS OM कहा जाता है, में उतारकर इन सिक्योरिटीज को खरीद सकते हैं.

 

यह भी पढ़ें: तमिलनाडु में 5300 करोड़ रुपये की इन्वेस्टमेंट, लॉन्च होगी नयी डस्टर SUV


टैग्स
सम्बंधित खबरें

तमिलनाडु में 5 लाख से अधिक ग्रामीण घरों को मिलेगा ब्रॉडबैंड कनेक्शन, केंद्र ने दी सब्सिडी को मंजूरी

संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के तहत तमिलनाडु के 4,767 गांवों तक मांग के आधार पर ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाई जाएगी. केंद्र की वित्तीय सहायता से ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट नेटवर्क का विस्तार और डिजिटल सेवाओं तक पहुंच आसान होगी.

1 day ago

पीयूष गोयल की FMCG कंपनियों से अपील, ONDC के जरिए 1.4 करोड़ किराना दुकानों को डिजिटल बनाने में करें सहयोग

सरकार का लक्ष्य डिजिटल खरीदारी को बढ़ावा देने, सप्लाई चेन मजबूत करने और छोटे खुदरा कारोबारियों को कर्ज की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उद्योग जगत के साथ मिलकर काम करना है.

1 day ago

IDBI बेच रही थी LIC, उसी दौरान Fairfax की कंपनी के बोर्ड में भी रहे LIC के निदेशक

पूर्व नीति आयोग प्रमुख, RBI के डिप्टी गवर्नर, SEBI बोर्ड के सदस्य, रक्षा सचिव और LIC के चेयरमैन जैसे सार्वजनिक पदों पर रह चुके लोगों को Fairfax की भारतीय कंपनियों ने अपने साथ जोड़ा.

1 day ago

विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट, 1.2 अरब डॉलर घटे; सोने के भंडार में भी बड़ी कमी

गोल्ड रिजर्व की वैल्यू में 2.6 अरब डॉलर की कमी, विदेशी मुद्रा संपत्ति और SDR में दर्ज हुई बढ़ोतरी; सितंबर में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद से Forex Reserve में जारी है गिरावट

1 day ago

रिलायंस इंडस्ट्रीज का मुनाफा 40.6% बढ़कर ₹25,548 करोड़ पहुंचा, रेवेन्यू में 28.6% का उछाल

ऑयल-टू-केमिकल्स और डिजिटल कारोबार के दम पर कंपनी ने दर्ज की मजबूत ग्रोथ, रिटेल कारोबार के एबिटा में आई गिरावट; ₹15,000 करोड़ जुटाने के लिए एनसीडी जारी करने को बोर्ड की मंजूरी

1 day ago


बड़ी खबरें

दिल्ली में 1 नवंबर से BS-6 से पुराने वाहनों की नो एंट्री, जानें किन गाड़ियों को मिलेगी छूट

इस फैसले का असर दिल्ली से सटे हरियाणा के शहरों से आने वाले वाहनों पर भी पड़ेगा. खासतौर पर गुरुग्राम और फरीदाबाद से दिल्ली आने वाले वाहन चालकों को इस नियम का ध्यान रखना होगा.

1 day ago

सरदार पटेल के विचारों पर आगे बढ़ रहा भारत, रक्षा उत्पादन 1.80 लाख करोड़ रुपये के पार: राजनाथ सिंह

सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर भारत-भारती ने दिल्ली में आयोजित किया राष्ट्रीय समारोह, रक्षा मंत्री ने कहा- राष्ट्रीय एकता और अखंडता को चुनौती देने वाली ताकतों के खिलाफ देश एकजुट रहेगा

20 hours ago

तमिलनाडु में 5 लाख से अधिक ग्रामीण घरों को मिलेगा ब्रॉडबैंड कनेक्शन, केंद्र ने दी सब्सिडी को मंजूरी

संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के तहत तमिलनाडु के 4,767 गांवों तक मांग के आधार पर ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाई जाएगी. केंद्र की वित्तीय सहायता से ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट नेटवर्क का विस्तार और डिजिटल सेवाओं तक पहुंच आसान होगी.

1 day ago

सोना 4,200 रुपये और चांदी 10 हजार रुपये टूटी, एक साल के निचले स्तर पर पहुंचे भाव; जानें गिरावट की वजह

MCX पर चांदी करीब 5 फीसदी और सोना 3 फीसदी तक टूट गया. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई.

1 day ago

IDBI बेच रही थी LIC, उसी दौरान Fairfax की कंपनी के बोर्ड में भी रहे LIC के निदेशक

पूर्व नीति आयोग प्रमुख, RBI के डिप्टी गवर्नर, SEBI बोर्ड के सदस्य, रक्षा सचिव और LIC के चेयरमैन जैसे सार्वजनिक पदों पर रह चुके लोगों को Fairfax की भारतीय कंपनियों ने अपने साथ जोड़ा.

1 day ago