होम / बिजनेस / SEBI ने शेयर घोटाले के शिकार कार्वी निवेशकों को दी राहत, अब दिसंबर तक कर सकेंगे क्लेम
SEBI ने शेयर घोटाले के शिकार कार्वी निवेशकों को दी राहत, अब दिसंबर तक कर सकेंगे क्लेम
SEBI का यह कदम उन लोगों के लिए खास है जो अब तक क्लेम नहीं कर पाए थे. निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते अपना दावा दर्ज करें.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग लिमिटेड (KSBL) के प्रभावित निवेशकों को बड़ी राहत देते हुए दावा दाखिल करने की समयसीमा बढ़ा दी है. अब निवेशक 31 दिसंबर, 2025 तक अपने दावे दर्ज कर सकते हैं. इससे पहले दावे दाखिल करने की अंतिम तिथि 2 जून, 2025 तय की गई थी, लेकिन निवेशकों की ओर से समय पर दावे नहीं आने के कारण SEBI ने यह फैसला लिया है.
NSE ने किया था डिफॉल्टर घोषित
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने 23 नवंबर, 2020 को कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग लिमिटेड को डिफॉल्टर घोषित किया था. इसके बाद निवेशकों को अपने शेयरों और फंड के निपटान के लिए दावा दाखिल करने का निर्देश दिया गया था. SEBI ने यह स्पष्ट किया है कि जिन्होंने अभी तक दावा दाखिल नहीं किया है, वे अब 31 दिसंबर, 2025 तक NSE के माध्यम से प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं.
निवेशकों के लिए NSE ने जारी किया टोल-फ्री नंबर
निवेशकों की सुविधा के लिए NSE ने एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800 266 0050 जारी किया है. इसके अलावा, निवेशक ईमेल के माध्यम से भी जानकारी और सहायता प्राप्त कर सकते हैं. SEBI ने निवेशकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि से पहले सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ अपना दावा जमा करें, ताकि उनके हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
KSBL पर लगाया था 21 करोड़ का जुर्माना
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कार्वी पर यह आरोप था कि उसने ग्राहकों की ओर से दी गई 'पावर ऑफ अटॉर्नी' का दुरुपयोग करते हुए उनके शेयरों को गिरवी रखकर वित्तीय संस्थानों से बड़ी रकम जुटाई और फिर उन पैसों का गबन किया. इस गंभीर अनियमितता के चलते अप्रैल 2023 में SEBI ने कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग लिमिटेड और उसके चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर सी. पार्थसारथी को सात साल के लिए प्रतिभूति बाजार में प्रतिबंधित कर दिया था. साथ ही, उन पर 21 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था.
ग्राहकों के शेयर और फंड निपटान में चूक से हुआ विवाद
कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग लिमिटेड अपने ग्राहकों के शेयर और फंड का समय पर निपटान करने में विफल रहा, जो कि SEBI के नियामकीय मानकों का स्पष्ट उल्लंघन था. यह मामला सामने आने के बाद SEBI ने सख्त कार्रवाई करते हुए कंपनी के खिलाफ कई दंडात्मक कदम उठाए थे.
(नोट: निवेशक अधिक जानकारी के लिए NSE की आधिकारिक वेबसाइट या टोल-फ्री नंबर पर संपर्क कर सकते हैं.)
टैग्स