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कई बैंकों ने MCLR दरों में बदलाव किया, SBI और IOB ने बढ़ाई, BoB और HDFC ने घटाई
कैनरा बैंक ने अगस्त के लिए दरें यथावत रखीं. उधार लेने की लागत पर होगा सीधा असर.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago
शुक्रवार को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB), एचडीएफसी बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) समेत कई बैंकों ने अपनी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स-बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में संशोधन की घोषणा की. वहीं, कैनरा बैंक ने अगस्त के लिए दरों में कोई बदलाव नहीं किया.
SBI ने सभी अवधियों के लिए MCLR में 5 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की है. संशोधित दरें अब 7.90% से 8.85% के बीच होंगी. यह वृद्धि बैंक द्वारा पिछले महीने की गई 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती के बाद आई है. IOB ने अपनी MCLR में 10 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की है, जिससे इसकी उधार दरें अब 8.05% से 8.85% के बीच हो गई हैं. दोनों बैंकों ने बताया कि नई दरें शुक्रवार से लागू हो गई हैं.
देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक HDFC ने चुनिंदा अवधियों के लिए MCLR में 5 बेसिस प्वाइंट की कटौती की है. संशोधित दरें 8.55% से 8.75% के बीच होंगी. बैंक ने जुलाई में 30 बेसिस प्वाइंट की बड़ी कटौती की थी.
बैंक ऑफ बड़ौदा ने 10 से 35 बेसिस प्वाइंट तक की कटौती की है. ओवरनाइट दर 8.10% से घटकर 7.95% हो गई. एक माह की दर 8.30% से घटकर 7.95% और तीन माह की दर 8.50% से घटकर 8.35% पर आ गई. छह माह और एक वर्ष की दरों में 10 बेसिस प्वाइंट की कटौती हुई है, जो अब क्रमशः 8.65% और 8.80% होंगी.
कैनरा बैंक ने अगस्त के लिए MCLR में कोई बदलाव नहीं किया है और अपनी मौजूदा लेंडिंग रेट संरचना को बरकरार रखा है.
MCLR वह मानक दर है, जिसके नीचे बैंक ऋण नहीं दे सकते. भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के दिशानिर्देशों के तहत इसे हर माह समीक्षा कर प्रकाशित किया जाता है. MCLR में बदलाव से उपभोक्ताओं और कंपनियों के लिए ऋण की लागत सीधे प्रभावित होती है, जिससे कर्ज की मांग पर असर पड़ सकता है.
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