✕

होम / बिजनेस / रुपया वेंटिलेटर, महंगाई एलीवेटर पर, पर सरकार की नज़र में ऑल इज वेल

रुपया वेंटिलेटर, महंगाई एलीवेटर पर, पर सरकार की नज़र में ऑल इज वेल

डॉलर के मुकाबले हमारे रुपए में कमजोरी का दौर जारी है. वैसे, ये कमजोरी पिछली यानी कि मनमोहन सरकार में भी थी, लेकिन मोदी राज में हाल ज्यादा बेहाल हो गए हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

डॉलर के मुकाबले हमारे रुपए में कमजोरी का दौर जारी है. वैसे, ये कमजोरी पिछली यानी कि मनमोहन सरकार में भी थी, लेकिन मोदी राज में हाल ज्यादा बेहाल हो गए हैं. शुक्रवार को रुपए 11 पैसे टूटकर 77.85 पर पहुंच गया. अब एक डॉलर के लिए हमें करीब 78 रुपए चुकाने होंगे. हालांकि, केंद्र सरकार की मानें तो ऑल इज़ वेल, यानी सबकुछ ठीक है. सरकार इस गिरावट के लिए वैश्विक हालातों को जिम्मेदार बता रही है. इसमें कोई दोराय नहीं कि अंतर्राष्ट्रीय उथल-पुथल का ऐसी गिरावटों में योगदान रहता है, लेकिन सरकार की नीतियां भी इसमें अहम भूमिका निभाती हैं. यही वजह है कि रुपए में कमजोरी को लेकर सरकार से सवाल किया जाता है.

सरकार बदली, जवाब वही

प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठने से पहले नरेंद्र मोदी ने रुपए में गिरावट पर मनमोहन सरकार की जमकर खिंचाई की थी. 2013 में उन्होंने यहां तक कह दिया था कि UPA को न तो अर्थव्यवस्था की चिंता है और न ही गिरते रुपए की, उसे तो सिर्फ अपनी कुर्सी बचाने की फिक्र है. उस वक्त रुपया प्रति डॉलर 64.11 रुपए था. जबकि आज लगभग 78 जा पहुंचा है. कुछ ऐसा ही मोदी ने महंगाई को लेकर भी कहा था. उन्होंने मनमोहन सरकार को नेतृत्वहीन करार देते हुए पूछा था कि कीमतें कब कम होंगी? अब समय का पहियां घूम गया है और मनमोहन सिंह की जगह मोदी हैं, और जवाब वही है अंतर्राष्ट्रीय कारण.

दोनों मोर्चों पर नाकाम

26 मई 2014 को नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में NDA की सरकार बनी, तब डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमत करीब 58.93 रुपए थी, जिसके बाद से वो लगातार कमजोर होता गया. आज रुपया अपने अब तक के निचले स्तर पर है. मोदी सरकार रुपए को मजबूत करने और बढ़ती महंगाई को रोकने में नाकाम साबित हो रही है. यह कहना लगत नहीं होगा कि आज रुपया वेंटिलेटर पर है और महंगाई एलीवेटर पर सवार होकर ऊपर बढ़ती जा रही है. इस गिरावट के आम जनता के लिए क्या मायने होंगे, ये भी समझ लेते हैं.

ऐसे होगा आप पर असर

भारत बड़ी संख्या में अन्य देशों से सामान आयात करता है. ऐसे में रुपए की कमजोरी से आयात महंगा हो जाएगा. क्रूड ऑयल, इलेक्ट्रॉनिक सामान सहित वे सभी वस्तुएं महंगी हो जाएंगी, जो बाहर से देश में आती हैं. कच्चा तेल महंगा होने से पेट्रोल-डीजल के दाम फिर बढ़ सकते हैं, ऐसे में खाने-पीने की चीज़ें और दूसरे ज़रूरी सामान महंगे हो जाएंगे. वैसे भी महंगाई का डीजल से सीधा कनेक्शन है. मतलब महंगाई से राहत मिलना तो दूर आने वाले दिनों में हालात और खराब हो सकते हैं.

इस तरह गिरता गया रुपया

इसके अलावा, रुपया कमजोर होने से विदेशों में घूमना, पढ़ाई आदि के लिए भी जेब ज्यादा ढीली करनी होगी. अब जरा रुपए के गिरने की कहानी को आंकड़ों की जुबानी समझ लेते हैं. 29, मई 2014 को रुपया 58.93 था, इसके बाद 29, मई 2015 को 63.73, 30 मई, 2016 को 66.97, 30 मई, 2017, 64.66, 4 अक्टूबर, 2018 को 73.79, 10 मई, 2022 को 77.50 और 10 जून, 2022 को 77.85 प्रति डॉलर आ गया है.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

2030 तक भारत की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता 530 GW पहुंचने का अनुमान, सौर ऊर्जा की होगी 80% से ज्यादा हिस्सेदारी: IEA

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के मुताबिक, भारत की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता 2030 तक बढ़कर करीब 530 गीगावॉट हो सकती है. इस विस्तार में सौर ऊर्जा की हिस्सेदारी 80 फीसदी से अधिक रहने का अनुमान है.

5 hours ago

NSE-Augmont के EGR सेगमेंट में पहले दिन ₹33.11 करोड़ का कारोबार, 2.27 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स की ट्रेडिंग

NSE और Augmont की साझेदारी में इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट (EGR) सेगमेंट में 6 नवंबर को लाइव ट्रेडिंग की शुरुआत हुई. पहले ही दिन इसमें 33.11 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया गया.

5 hours ago

सरकार ने चावल बिक्री का लक्ष्य दोगुना किया, OMSS के तहत अब 50 लाख टन बेचेगी

सरकार 31 अक्टूबर तक ई-नीलामी के जरिए 25 लाख टन चावल बेच चुकी है. इसके साथ ही चावल और धान के स्टॉक की साप्ताहिक जानकारी देना भी अनिवार्य कर दिया गया है.

9 hours ago

भारतीय इक्विटी फंड्स का उभरते बाजारों से बेहतर प्रदर्शन, 17 साल में सबसे बड़ी बढ़त

अमेरिकी इक्विटी फंड्स में भी 32 अरब डॉलर का निवेश आया. वहीं, ग्लोबल इमर्जिंग मार्केट (GEM) फंड्स में 3.6 अरब डॉलर का निवेश दर्ज किया गया, जो तीन महीने का उच्चतम स्तर है.

9 hours ago

दो सप्ताह में करीब 3.9 अरब डॉलर घटा भारत का विदेशी मुद्रा भंडार, 717 अरब डॉलर पर आया

RBI के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 30 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में देश का फॉरेक्स रिजर्व 2.6 अरब डॉलर घटकर 717 अरब डॉलर रह गया. इससे पिछले सप्ताह भी इसमें करीब 1.27 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई थी.

10 hours ago


बड़ी खबरें

“अगर बोर्ड बंटा हुआ है, तो सभी की ब्रांड वैल्यू घटती है”

रवि राजन एंड कंपनी के संस्थापक एवं मैनेजिंग पार्टनर और BSE के पूर्व चेयरमैन एस रवि ने BW Businessworld के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ अनुराग बत्रा के साथ इस बातचीत में उत्तराधिकारियों के मूल्यांकन, सार्वजनिक विवादों से कारोबार को बचाने और संपत्ति सृजन में कॉरपोरेट गवर्नेंस की अहमियत पर चर्चा की.

1 day ago

2030 तक भारत की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता 530 GW पहुंचने का अनुमान, सौर ऊर्जा की होगी 80% से ज्यादा हिस्सेदारी: IEA

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के मुताबिक, भारत की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता 2030 तक बढ़कर करीब 530 गीगावॉट हो सकती है. इस विस्तार में सौर ऊर्जा की हिस्सेदारी 80 फीसदी से अधिक रहने का अनुमान है.

5 hours ago

NSE-Augmont के EGR सेगमेंट में पहले दिन ₹33.11 करोड़ का कारोबार, 2.27 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स की ट्रेडिंग

NSE और Augmont की साझेदारी में इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट (EGR) सेगमेंट में 6 नवंबर को लाइव ट्रेडिंग की शुरुआत हुई. पहले ही दिन इसमें 33.11 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया गया.

5 hours ago

सरकार ने चावल बिक्री का लक्ष्य दोगुना किया, OMSS के तहत अब 50 लाख टन बेचेगी

सरकार 31 अक्टूबर तक ई-नीलामी के जरिए 25 लाख टन चावल बेच चुकी है. इसके साथ ही चावल और धान के स्टॉक की साप्ताहिक जानकारी देना भी अनिवार्य कर दिया गया है.

9 hours ago

भारतीय इक्विटी फंड्स का उभरते बाजारों से बेहतर प्रदर्शन, 17 साल में सबसे बड़ी बढ़त

अमेरिकी इक्विटी फंड्स में भी 32 अरब डॉलर का निवेश आया. वहीं, ग्लोबल इमर्जिंग मार्केट (GEM) फंड्स में 3.6 अरब डॉलर का निवेश दर्ज किया गया, जो तीन महीने का उच्चतम स्तर है.

9 hours ago