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ऐसा क्या हुआ कि बायजू को निकालने पड़े 2500 कर्मचारी?

देश कोरोना के प्रभाव से करीब-करीब निकल आया है, तो एडटेक कंपनियों का चढ़ता ग्राफ नीचे आ रहा है और इसका खामियाजा इनमें काम करने वाले कर्मचारियों को उठाना पड़ रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

कोरोना महामारी के दौरान एडटेक कंपनियों में एकदम से बूम देखने को मिला था. बायजू (Byju's) जैसी कंपनियों ने इस दौरान अच्छा-खासा मार्केट कैप्चर कर लिया किया था, लेकिन अब जब स्थिति सामान्य हो गई है. यानी कि देश कोरोना के प्रभाव से करीब-करीब निकल आया है, तो इन कंपनियों का चढ़ता ग्राफ नीचे आ रहा है और इसका खामियाजा इनमें काम करने वाले कर्मचारियों को उठाना पड़ रहा है.

22 अरब डॉलर की वैल्यू
मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि बायजू रवीन्द्रन की अगुवाई वाली इस यूनिकॉर्न कंपनी ने 2500 से अधिक कर्मचारियों की छंटनी की है. 22 अरब डॉलर वैल्यू वाले इस स्टार्टअप ने ग्रुप की कई कंपनियों के कर्मचारियों को बाहर कर दिया है. वैसे अकेले बायजू ही नहीं, इस सेक्टर से जुड़ी कई कंपनियों ने कॉस्ट कटिंग के नाम पर छंटनी की है.

सभी पर गिरी गाज
Toppr, WhiteHat Jr बायजूस का हिस्सा हैं, इन कंपनियों से भी 1500 से अधिक कर्मचारियों को चलता किया गया है. ग्रुप ने मुख्य तौर पर सेल्स एंड मार्केटिंग, ऑपरेशंस, कंटेंट और डिजाइन टीमों से फुल-टाइम के साथ-साथ कॉन्ट्रैक्ट वाले कई कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है. बायजू ने पिछले साल 15 करोड़ डॉलर में Toppr को खरीदा था, जबकि WhiteHat के लिए डील 30 करोड़ डॉलर में हुई थी.

1690 करोड़ का नुकसान 
कंपनी का कहना है कि निकाले गए कर्मचारियों को एक महीने की सैलरी दी गई है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2021 में कंपनी को 1690 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था. इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 483.9 करोड़ रुपए रहा, जबकि कुल खर्च बढ़कर 2175.2 करोड़ हो गया. पिछले साल बायजू आकाश एजुकेशनल सर्विसेज को 7300 करोड़ में खरीदा था. यह भारतीय टेक जगत की सबसे बड़ी डील थी. अब खबर ये भी है कि बायजू ने आकाश के पेमेंट में भी देरी की है. इससे पता चलता है कि कंपनी की स्थिति ठीक नहीं है.

यहां भी हुई छंटनी
स्कूल-कॉलेज खुलने से एडटेक सेक्टर में नरमी का दौर देखने को मिल रहा है. लिहाजा, आशंका है कि आने वाले समय में और कर्मचारियों की नौकरी जा सकती है. पिछले कुछ महीनों में वेदांतू, Unacademy Group, FrontRow, Lido Learning जैसी कुछ कंपनियों ने भी स्टाफ में छंटनी की है. मई में वेदांतू ने 424 कर्मचारियों को निकाला था. इसी तरह FrontRow ने भी अपने 145 कर्मचारियों को निकाल दिया था.  
 


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