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Green Energy पर रिलायंस का रहेगा बड़ा फोकस, 2025 से पहले ये काम करेगी कंपनी
अंबानी ने कहा कि रिलायंस खुद को 2025 तक ग्रे एनर्जी से ग्रीन एनर्जी में तब्दील कर लेगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः रिलायंस इंडस्ट्रीज का अगला फोकस ग्रीन एनर्जी पर है और इसके लिए कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने सोमवार को कंपनी की 45वीं सालाना एजीएम में प्लान के बारे में निवेशकों को जानकारी दी. अंबानी ने कहा कि रिलायंस खुद को 2025 तक ग्रे एनर्जी से ग्रीन एनर्जी में तब्दील कर लेगी. इसके साथ ही उन्होंने कंपनी के ग्रीन बैटरी, सोलर एनर्जी के साथ ही अन्य रिन्युएबल एनर्जी के क्षेत्र में खुद को सिरमौर बनाने के प्लान के बारे में बताया. कंपनी की इस फील्ड में सबसे बड़ी टक्कर गौतम अडानी की अडानी एंटरप्राइजेज से होने वाली है.
ग्रे हाइड्रोजन बनाने में रिलायंस है सिरमौर
ग्रे हाइड्रोजन के वैश्विक उत्पादन में रिलायंस के कौशल को स्वीकार करते हुए अंबानी ने कहा कि कंपनी हाइड्रोजन के लिए नई नहीं है. ग्रीन हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी पर उन्होंने कहा, "हमने लागत में कमी और Pressurised Alkaline Electrolyzer तकनीक के व्यावसायीकरण में तेजी लाने के लिए स्टीसडल (Stiesdal) के साथ भागीदारी की है. इसके अलावा कंपनी जामनगर में गीगा-स्केल इलेक्ट्रोलाइजर निर्माण सुविधा स्थापित करने के लिए विश्व स्तर पर अन्य प्रमुख इलेक्ट्रोलाइजर टेक्नोलॉजी कंपनियों के साथ साझेदारी करने के लिए एडवांस स्टेज पर हैं.
अंबानी ने कहा “हम अपने इंजीनियरिंग कौशल, ऑपरेशनल एक्सीलेंस, समुद्र के पानी को मीठा बनाने में लंबे समय से अनुभव, डिजिटल एक्सपर्टीज और संयंत्र के स्वदेशी संतुलन के साथ स्टैक निर्माण में अपने पार्टनर के टेक्नीकल इनोवेशन का साथ लेंगे, जिसका एकमात्र उद्देश्य सबसे कम लागत पर ग्रीन हाइड्रोजन वितरित करना है."
100GW का सोलर प्लांट लगाएगी कंपनी
अंबानी ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य 2030 तक कम से कम 100GW सोलर प्लांट स्थापित करने का है. अंबानी ने इसके लिए फोटोवोल्टिक पैनल, ऊर्जा भंडारण, हरित हाइड्रोजन और ईंधन सेल प्रणाली के लिए चार गीगा कारखानों की स्थापना की भी घोषणा की. उन्होंने पावर इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए रिलायंस की नई गीगा फैक्ट्री की घोषणा की और कहा कि ग्रीन एनर्जी की संपूर्ण मूल्य श्रृंखला को जोड़ने वाले प्रमुख घटकों में से एक किफायती और विश्वसनीय पावर इलेक्ट्रॉनिक्स है.
सोलर प्लांट के अलावा इन पर रहेगा फोकस
अंबानी ने कहा कि "कंपनी सोलर एनर्जी के अलावा बायो एनर्जी, ऑफशोर विंड और रिन्युएबल एनर्जी के अन्य गैर-पारंपरिक रूपों पर भी सक्रिय रूप से प्रगति कर रही है और अपने मैन्युफेक्चरिंग इकोसिस्टम का विस्तार करना जारी रखेगी."
इस साल की एजीएम में बैटरी स्टोरेज भी अंबानी के लिए एक महत्वपूर्ण फोकस क्षेत्र था और उन्होंने कहा कि बैटरी ग्रिड-स्केल अक्षय ऊर्जा के लिए लंबी अवधि के ऊर्जा भंडारण प्रदान करने का एक अभिन्न अंग है. अंबानी ने कहा "बैटरी सामग्री से लेकर सेल निर्माण, पैकिंग और बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (बीएमएस) तक तेज चार्जिंग क्षमताओं के साथ सुरक्षित और विश्वसनीय बैटरी वितरित करने के लिए एक एंड-टू-एंड बैटरी इकोसिस्टम बनाने की हमारी महत्वाकांक्षा को और मजबूत किया है."
अंबानी ने घोषणा की, "हमारा लक्ष्य 2023 तक बैटरी पैक का उत्पादन शुरू करना और 2024 तक पैक निर्माण सुविधा के लिए पूरी तरह से एकीकृत 5 GWh वार्षिक सेल और 2027 तक 50 GWh वार्षिक क्षमता तक बढ़ाना है."
बॉयो एनर्जी के क्षेत्र में कर रही है ये काम
अंबानी ने यह भी साझा किया कि रिलायंस सक्रिय रूप से बॉयो एनर्जी पर काम कर रहा है और कंपनी अपनी कैप्टिव ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए ईंधन के रूप में कृषि अपशिष्ट (Agro Waste) का प्रयोग कर रही है.
उन्होंने कहा, "मुझे आपको यह बताते हुए खुशी हो रही है कि रिलायंस ने 15 अगस्त, 2022 को जामनगर में अपने बॉयो एनर्जी टेक्नोलॉजी (बीईटी) केंद्र के पहले चरण का उद्घाटन किया है. मैं आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में प्रगति के बारे में आपको और अपडेट करूंगा.”
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