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रिलायंस की AGM पर सबकी निगाहें, 29 को पता चलेगा अंबानी का फ्यूचर प्लान
अडानी समूह मार्केट कैपिटलाइजेशन के मामले में मुकेश अंबानी की कंपनी को पीछे छोड़ते हुए देश का दूसरा सबसे बड़ा कारोबारी समूह बन गया है. लिहाजा, इसे ध्यान में रखते हुए AGM में कुछ घोषणाएं हो सकती हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
ऐसे वक्त में जब अडानी समूह तेजी से रिलायंस से आगे निकल रहा, 29 अगस्त को होने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) की सालाना आम बैठक (AGM) पर सबकी निगाहें हैं. इस बैठक में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं हो सकती हैं. हाल ही में, गौतम अडानी का अडानी समूह मार्केट कैपिटलाइजेशन के मामले में मुकेश अंबानी की कंपनी को पीछे छोड़ते हुए देश का दूसरा सबसे बड़ा कारोबारी समूह बन गया है. लिहाजा, माना जा रहा है कि इसे ध्यान में रखते हुए AGM में कुछ फैसले लिए जा सकते हैं.
इनका आना है आईपीओ
अडानी समूह की सात कंपनियां शेयर बाजार में लिस्टेड हैं, जिनकी मार्केट कैपिटल 19.73 लाख करोड़ रुपए पहुंच गई है. जबकि अंबानी समूह का संयुक्त बाजार पूंजीकरण 17.89 लाख करोड़ रुपए है. ऐसे में अंबानी कुछ फैसले ले सकते हैं, जिससे समूह के मार्केट कैपिटलाइजेशन में भारी इजाफा हो. इसके लिए इसके लिए AGM रिलायंस जियो और रिलायंस रिटेल के आईपीओ की घोषणाएं हो सकती हैं. यदि इन दोनों कंपनियों का IPO आता है, तो निश्चित तौर पर रिलायंस का बाजार पूंजीकरण बढ़ेगा.
सक्सेशन प्लान का ऐलान संभव
इसके अलावा, 45वीं AGM में मुकेश अंबानी सक्सेशन प्लान, अगली पीढ़ी की भूमिका और 5G को रोलआउट करने के बारे में कुछ ऐलान हो सकते हैं. माना जा रहा है कि वह रिलायंस जियो, रिलायंस रिटेल और रिलायंस के नए एनर्जी वर्टिकल में बेटे आकाश अंबानी, बेटी ईशा अंबानी और अनंत अंबानी की भूमिका को स्पष्ट कर सकते हैं. इस बैठक में रिलायंस ग्रुप के फ्यूचर रोडमैप के बारे में जानकारी मिलेगी.
डिमर्जर में लगेगा समय!
हालांकि, इस बात की संभावना कम है कि AGM में समूह के डिमर्जर को लेकर कोई घोषणा हो. बता दें कि कुछ समय पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) ने अपने कारोबार में बड़े बदलाव का ऐलान किया था. जिसके मुताबिक, अब उसके O2C (ऑयल टू केमिकल) यानी तेल से लेकर रसायन तक के कारोबार को एक पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी के रूप में अलग किया जाएगा, यानी इसका डिमर्जर किया जाएगा. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि गौतम अडानी जिस आक्रामक ढंग से कारोबार का विस्तार कर रहे हैं, उसे देखते हुए अंबानी डिमर्जर पर अभी कुछ और समय ले सकते हैं. हालांकि, असल तस्वीर AGM में ही साफ होगी, जब ये पता चलेगा कि अंबानी के दिमाग में क्या चल रहा है.
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