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RBI ने क्यों बेचे 13 बिलियन डॉलर? क्या इससे रुपये की गिरावट पर लगेगी लगाम?

फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व या फॉरेक्स रिजर्व 29 जुलाई से लेकर 2 सितंबर तक यानी लगातार 5 हफ्तों के दौरान 21 बिलियन डॉलर घटकर $553.1 बिलियन डॉलर पर आ गया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

मुंबई: डॉलर के मुकाबले रुपये में और तेज गिरावट को रोकने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने स्पॉट मार्केट में अगस्त में 13 बिलियन डॉलर बेचे थे. मीडिया रिपोर्ट्स में छपी खबरों के मुताबिक टॉप डीलर्स ने ये जानकारी दी है. उनके मुताबिक - रिजर्व बैंक ने देश के कम होते फॉरेक्स रिजर्व का हवाला देते हुए ये कदम उठाया है. 
 
रिजर्व बैंक ने डॉलर बेचे, इससे क्या होगा?
हालांकि ये कोई पहली बार नहीं है कि रुपये को और पतला होने से बचाने के लिए रिजर्व बैंक ने डॉलर्स बेचे हैं. लेकिन ये साल 2022-23 के दौरान करेंसी मार्केट में डॉलर की सबसे बड़ी मंथली बिकवाली थी, क्योंकि कहा जा रहा है कि रिजर्व बैंक रुपये के 80 डॉलर के स्तर तक गिरने के बाद एक्शन में आई है. दरअसल, करेंसी मार्केट में डिमांड और सप्लाई का खेल चलता है. जिसकी डिमांड सबसे ज्यादा और सप्लाई कम रहेगी, उसकी वैल्यू उतनी ज्यादा रहेगी, जैसे यहां पर डॉलर की डिमांड हमेशा ज्यादा रहती है. अगर मार्केट में डॉलर को ज्यादा से ज्यादा छोड़ा जाए तो इसकी सप्लाई बढ़ जाएगी और डिमांड कम हो जाएगी, ऐसे में डॉलर कमजोर होगा. रिजर्व बैंक जब भी डॉलर को रुपये के मुकाबले कमजोर करना चाहता है तो मार्केट में डॉलर बेच देता है, जिससे मार्केट में उसकी सप्लाई बढ़ जाती है. 

फॉरेक्स रिजर्व कम हुआ
रिजर्व बैंक के आकड़ों के मुताबिक - फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व या फॉरेक्स रिजर्व 29 जुलाई से लेकर 2 सितंबर तक यानी लगातार 5 हफ्तों के दौरान 21 बिलियन डॉलर घटकर $553.1 बिलियन डॉलर पर आ गया है. जो कि अक्टूबर 2020 के बाद से सबसे कम है. 29 जुलाई से 2 सितंबर के बीच 21 बिलियन डॉलर के फॉरेक्स रिजर्व में से विदेशी मुद्रा भंडार में से, 7 बिलियन डॉलर के एक हिस्से को नॉन डॉलर असेट्स के अवमूल्यन के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है. इस अवधि के दौरान, डॉलर इंडेक्स 3.6% बढ़ा है. जबकि बाकी 13 बिलियन डॉलर को रिजर्व बैंक ने स्पॉट मार्केट में बेच दिया. 

रुपया बाकी करेंसीज के मुकाबले मजबूत

29 अगस्त को डॉलर के मुकाबले रुपया अपने सबसे निचले स्तर 80.13 तक लुढ़क गया था. कुछ करेंसी डीलर्स का कहना है कि साफतौर पर दिख रहा है कि रिजर्व बैंक 80 के स्तर को बचाने की कोशिश कर रहा है और इसीलिए उसने बीते एक महीने में डॉलर बेचे हैं. हालांकि रुपया बीते हफ्ते से काफी स्थिरता दिखा रहा है, बावजूद इसके कि डॉलर इंडेक्स 110 डॉलर की ऊंचाई पर है. यानी दुनिया भर की करेंसीज भले ही डॉलर के सामने घुटने टेक रही हैं, लेकिन भारतीय रुपया डटा हुआ है. 

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