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Adani Case: पूर्व RBI गवर्नर Raghuram Rajan ने पूछे सवाल, कठघरे में SEBI
रघुराम राजन ने कहा कि मुद्दा सरकार और कारोबार जगत के बीच गैर-पारदर्शी संबंधों को कम करने का है और वास्तव में नियामकों को अपना काम करने देने का है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन (Raghuram Rajan) ने अडानी मामले (Adani Case) में बाजार नियामक सेबी (SEBI) की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने पूछा है कि आखिर सेबी ने मॉरीशस स्थित संदिग्ध फर्मों के स्वामित्व के बारे में कोई पड़ताल को नहीं की? उन्होंने कहा कि हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट में जो आरोप लगाए गए हैं, उसकी जांच करने की जरूरत शेयर बाजार रेगुलेटर सेबी को क्यों महसूस नहीं हुई, जबकि ये एक बड़ा मुद्दा है.
अडानी ग्रुप में है निवेश
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रघुराम राजन ने कहा कि मॉरीशस स्थित चार फंड्स के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने 6.9 अरब डॉलर फंड का करीब 90 फीसदी अडानी ग्रुप के शेयरों में ही लगाया हुआ है. इसकी जांच क्यों नहीं की गई? क्या सेबी को इसके लिए भी जांच एजेंसियों की मदद की जरूरत है? गौरतलब है कि हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में अडानी समूह पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं. विपक्ष भी इस मामले को लेकर लगातार हंगामा और जांच की मांग करता रहा है.
संदेह के घेरे में ये फंड्स
रिपोर्ट्स में बताया गया है कि मॉरीशस स्थित एलारा इंडिया अपॉर्चुनिटी फंड, क्रेस्टा फंड, एल्बुला इनवेस्टमेंट फंड और एपीमएस इनवेस्टमेंट फंड फर्जी कंपनी होने के आरोप लगने के बाद पिछले दो साल से संदेह के घेरे में हैं. ये कंपनियां जनवरी में दोबारा तब चर्चा में आईं, जब अमेरिकी फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च ने आरोप लगाया कि अडानी ग्रुप ने अपने शेयरों की कीमत बढ़ाने के लिए फर्जी कंपनियों का सहारा लिया. हालांकि अडानी ग्रुप ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है.
गैर-पारदर्शी संबंध
रघुराम राजन ने एक इंटरव्यू के दौरान सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया यानी सेबी के रुख पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि मुद्दा सरकार और कारोबार जगत के बीच गैर-पारदर्शी संबंधों को कम करने का है और वास्तव में नियामकों को अपना काम करने देने का है. सेबी अभी तक मॉरीशस के उन फंड्स के स्वामित्व तक क्यों नहीं पहुंच पाई है, जो अडानी के शेयरों में कारोबार कर रहे हैं? क्या उसे इसके लिए जांच एजेंसियों की मदद की जरूरत है? बता दें कि मॉरीशस उन देशों में शामिल है जहां पर कॉरपोरेट टैक्स नहीं लगता है.
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