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Insolvency मामले में NCLT पहुंचे पुनीत गोयनका, दायर की याचिका
इस याचिका में उन्होंने Insolvency प्रक्रिया को रोके जाने की मांग की है, जिसे एनसीएलटी ने स्वीकार कर लिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) के एमडी और सीईओ पुनीत गोयनका ने आज नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) में एक अपील दायर की है, जिसमें नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की मुंबई बेंच द्वारा पारित इंसाल्वेंसी प्रक्रिया शुरू करने के आदेश के खिलाफ राहत मांगी गई है. ये याचिका कंपनी के खिलाफ दायर एक दिवालिया याचिका के संबंध में है.
क्या है याचिका
पुनीत गोयनका ने आज राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) में एक अपील दायर की है, जिसमें राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की मुंबई पीठ द्वारा पारित आदेश के खिलाफ राहत की मांग की गई है. पुनीत गोयनका के इस कदम को ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ज़ी) के सभी हितधारकों के हितों की रक्षा के लिए और कल्वर मैक्स एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के साथ प्रस्तावित विलय को समय पर पूरा करने के मकसद को लेकर देखा जा रहा है.
कंपनी ने इस पर क्या कहा
पुनीत गोयनका के इस मूव पर कंपनी का कहना है कि गोयनका सभी हितधारकों को अत्यधिक मूल्य प्रदान करने के लिए दृढ़ता से विलय की क्षमता में विश्वास करते हैं. कंपनी ने कहा कि ZEE एक ऋण-मुक्त और वित्तीय रूप से मजबूत कंपनी है, और अपने हितधारकों के लिए मूल्य निर्माण (वैल्यू क्रिएशन) में विश्वास करती है.
दिवालिया प्रक्रिया में जाने पर नहीं हो सकता एसेट ट्रांसफर
एनसीएलटी की पीठ ने बुधवार को इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (आईबीसी) की धारा 7 के तहत इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (आईबीसी) की धारा 7 के तहत अपने वित्तीय लेनदार इंडसइंड बैंक द्वारा दायर ZEE के खिलाफ एक इनसॉल्वेंसी याचिका को स्वीकार कर लिया. दिवालिया याचिका की स्वीकृति ने ZEE और Sony के विलय को रोक दिया. IBC के अनुसार, एक बार जब कोई कंपनी दिवालिया हो जाती है, तो संपत्ति के किसी भी हस्तांतरण पर रोक लग जाती है. इंडसइंड बैंक ने फरवरी 2022 में दायर अपनी याचिका में मीडिया और मनोरंजन फर्म के खिलाफ 83.08 करोड़ रुपये के डिफॉल्ट का दावा किया था.
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