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LIC विनिवेश से सार्वजनिक हिस्सेदारी बढ़ेगी, सरकार को होगी ₹14-17 हजार करोड़ की कमाई
सरकार की LIC में हिस्सेदारी बेचने की योजना आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण कदम है, जो सार्वजनिक हिस्सेदारी बढ़ाने और केंद्र सरकार को आवश्यक वित्तीय संसाधन जुटाने में मदद करेगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago
भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में सरकार अपनी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रही है. इसके लिए अगले दो सप्ताह के भीतर रोडशो शुरू किए जाने की संभावना है. विनिवेश के पहले चरण में LIC के 2.5% से 3% तक शेयर बेचे जा सकते हैं. इस ऑफर फॉर सेल (OFS) के प्रबंधन के लिए मोतीलाल ओसवाल और आईडीबीआई कैपिटल को मैनेजर बनाया जा सकता है.
LIC हिस्सेदारी विक्रय का उद्देश्य और आय का अनुमान
पहले चरण में सरकार को LIC के शेयर बेचकर लगभग ₹14,000 करोड़ से ₹17,000 करोड़ तक की आय होने का अनुमान है. फिलहाल, सरकार के पास LIC में 96.5% की मजबूत हिस्सेदारी है. भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने LIC को 16 मई, 2027 तक अपनी सार्वजनिक हिस्सेदारी को मौजूदा 3.5% से बढ़ाकर कम से कम 10% तक ले जाने का निर्देश दिया है.
LIC की वित्तीय स्थिति और तिमाही प्रदर्शन
इस महीने की शुरुआत में LIC ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के परिणाम घोषित किए. Q1FY26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 5.02% बढ़कर ₹10,986 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में ₹10,461 करोड़ था. भारतीय बीमा बाजार में LIC की स्थिति मजबूत बनी हुई है. IRDAI के अनुसार, फर्स्ट ईयर प्रीमियम इनकम (FYPI) के आधार पर LIC की कुल बाजार हिस्सेदारी 63.51% है. व्यक्तिगत व्यवसाय में LIC की हिस्सेदारी 38.76% और समूह व्यवसाय में 76.54% रही.
LIC की ग्रोथ के प्रमुख संकेतक
- वैल्यू ऑफ न्यू बिजनेस (VNB): Q1FY26 में ₹1,944 करोड़, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही के ₹1,610 करोड़ से 20.75% अधिक है.
- नेट VNB मार्जिन: 13.9% से बढ़कर 15.4% हो गया.
- एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM): 30 जून 2025 तक 6.47% की वृद्धि के साथ ₹57,05,341 करोड़.
- ओवरऑल एक्सपेंस रेशियो: घटकर 10.47% हुआ, जो पिछले साल की तिमाही में 11.87% था.
रोडशो के बाद सरकार और मैनेजमेंट पहले चरण के शेयर विक्रय का अंतिम आकार और मूल्य तय करेंगे. निवेशकों की भागीदारी और बाजार की प्रतिक्रिया को ध्यान में रखते हुए यह बिक्री पूरी की जाएगी. यह कदम LIC की सार्वजनिक हिस्सेदारी बढ़ाने और सरकार को वित्तीय संसाधन जुटाने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
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