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कंटेनर लॉजिस्टिक समय आज 44 घंटे से 26 घंटे में आ चुका है- पीएम मोदी
इस पॉलिसी के बारे में बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि एक मैन्युफैक्चरर को हर जिले में अलग-अलग लाइसेंस लेना पड़ता है. इस पॉलिसी को औपचारिक उपाय करने पड़ते हैं, लेकिन इसने उन सबको आसान बना दिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्ली: अपने जन्मदिन के अवसर पर पीएम मोदी ने देश की पहली लॉजिस्टिक पॉलिसी लॉन्च करते हुए कहा कि सरकार के किए उपायों से आज कंटेनर लॉजिस्टिक का समय 44 घंटे से 26 घंटे पर आ चुका है. हमें भारतमाला प्रोजेक्ट, डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और वाटर वे योजना के जरिए ये समय कम करने में मदद मिली है. उन्होंने कहा कि ड्रोन के जरिए सुदूर गांवों में होने वाली फसलों को कैसे कम से कम समय में आसानी से पहुंचाया जाए इस पर हम प्रयोग कर चुके हैं. हम इसे लेकर बड़ी प्रोग्रेसिव पॉलिसी लेकर आ चुके हैं. लॉजिस्टिक पॉलिसी लॉन्च करते हुए उन्होंने कहा कि इतने उपायों के करने के बाद ही हमने इस पॉलिसी को बनाया है.
क्या नया है इस नई लॉजिस्टिक पॉलिसी में
इस पॉलिसी के जरिए सरकार का लक्ष्य है कि लॉजिस्टिक कास्ट जो आज 13 से 14 प्रतिशत है उसे सिंगल डिजिट में लाना है. इस पॉलिसी के बारे में बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि एक मैन्युफैक्चरर को हर जिले में अलग-अलग लाइसेंस लेना पड़ता है. ई वे बिल, रेलवे बिल सहित कई अन्य औपचारिक उपाय करने पड़ते हैं, लेकिन इस पॉलिसी से उन सबको आसान बना दिया गया है. ई लॉग का एक नया वेब पोर्टल लॉन्च किया गया है. उन्होंने कहा कि लॉजिस्टिक पॉलिसी को पीएम गतिशक्ति नेशनल मॉडल से सबसे ज्यादा फायदा मिलने वाला है.
तकनीक से कैसे बदलेगी लॉजिस्टिक सेक्टर की स्पीड
पीएम ने जिस नेशनल लॉजिस्टिक पॉलिसी को लॉन्च किया है उसे तकनीक से लैस बनाया गया है.
- इस पॉलिसी में पोर्टल बनाया गया जिसके जरिए एक मैप सिस्टम भी दिया गया है. जिससे कारगो कंटेनरों की लोकेशन को ट्रैक किया जा सकता है, वो कहां है, कहां तक पहुंचे हैं, इन सबकी जानकारी भी ली जा सकती है.
- इसमें उस तकनीक को भी लॉन्च किया गया है, जिससे कैमरा अलग-अलग जगहों पर काम करने वाले लोगों पर नजर रख सकता है. मसलन अगर साइट पर किसी ने हैल्मेट नहीं पहना है तो कैमरा उसे भी पहचान सकता है.
किसी भी रूट पर लॉजिस्टिक के रवाना होने से पहले उस रूट की पूरी डिटेल ली जा सकती है. उस रूट पर कितने टोल हैं, सड़क कैसी है, सड़क की क्वालिटी कैसी है, इन सब चीजों का आंकलन किया जा सकता है.
इस पॉलिसी का लक्ष्य भारत को दुनिया के टॉप 25 लॉजिस्टिक देशों की सूची में लाना है.
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