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Vedanta Group की ऐसी प्लानिंग, इकोनॉमी तो सुधरेगी ही; कई कंपनियों को भी होगा फायदा
2015-16 में भी कंपनी ने 1000 करोड़ अमेरिकी डॉलर से सेमीकडंक्टर बिजनेस में जाने की घोषणा की थी, लेकिन तब केंद्र सरकार से अप्रूवल नहीं मिल पाया था.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः मल्टीनेशनल कंपनी वेदांता समूह (Vedanta Group)अपने एक कारोबार से 350 करोड़ डॉलर कमाने का लक्ष्य है, जिससे इलेक्ट्रोनिक्स और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में कार्यरत देशी व विदेशी कंपनियों को भी फायदा होने वाला है. इसके साथ ही उसके ऐसा करने से भारत की इकोनॉमी को अच्छी खासी विदेशी मुद्रा भी अर्जित होगी.
फॉक्सकॉन के साथ किया करार
वेदांता ने हाल ही में इंटरनेशनल चिप निर्माता कंपनी फॉक्सकॉन (Foxconn) के साथ करार किया है. कंपनी के एमडी (डिस्पले और सेमीकंडक्टर) आकर्ष हेब्बार ने बताया कि जल्द ही उनकी कंपनी फॉक्सकॉन के साथ मिलकर इलेक्ट्रोनिक चिप बनाने की तैयारी कर रही है. "हम उम्मीद करते हैं कि हमारा कारोबार पहले चरण में 2026-27 तक 3-3.5 बिलियन अमेरीकन डॉलर की सीमा में होगा. यह डिस्प्ले और सेमीकंडक्टर दोनों कारोबार से होगा. उस समय हम एक्सपोर्ट से 1 बिलियन अमेरीकन डॉलर आने की उम्मीद करते हैं. "
नहीं होगी अगले 10 सालों के चिप की कमी
वेदांता दूसरी बार चिप बनाने के बिजनेस में हाथ डालने जा रही है. 2015-16 में भी कंपनी ने 1000 करोड़ अमेरिकी डॉलर से सेमीकडंक्टर बिजनेस में जाने की घोषणा की थी, लेकिन तब केंद्र सरकार से अप्रूवल न मिलने के कारण वो कारोबार को शुरू नहीं कर पायी थी. वेदांता समूह ने सेमीकंडक्टर व्यवसाय के लिए 2000 करोड़ डॉलर तक के निवेश को निर्धारित किया है, और इसकी योजना पहले 10 वर्षों में 1500 करोड़ डॉलर के निवेश की है.
इतना है भारत का 2030 का लक्ष्य
भारत का लक्ष्य 2030 तक 1 अरब स्मार्टफोन, 1.5 करोड़ टेलीविजन और 2030 तक 2.4 करोड़ नोटबुक प्रति वर्ष केवल स्थानीय खपत के लिए बनाना है. हेब्बार ने कहा, "हमारा टारगेट स्थानीय खपत की ओर है. हम निर्यात के लिए 10 प्रतिशत प्रदर्शन और निर्यात के लिए अर्धचालक में 20-25 प्रतिशत रखेंगे. मुख्य रूप से हम इसे भारत के लिए बनाएंगे."
कंपनी 2024-25 में डिस्प्ले यूनिट और 2025-26 तक सेमीकंडक्टर्स का निर्माण शुरू करने की उम्मीद करती है. वेदांता 28 नैनोमीटर (एनएम) चिपसेट बनाने पर विचार करेगी. उन्होंने कहा कि वेदांता समूह हर महीने सेमीकंडक्टर के 40,000 पैनल और डिस्प्ले के 60,000 पैनल बनाने पर विचार करेगा.
सरकार कर रही आवेदन पर विचार
कंपनी के आवेदन पर सरकार विचार कर रही है. इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि सरकार चालू कैलेंडर वर्ष में आवेदनों को मंजूरी देना शुरू कर देगी. सरकार ने सेमीकंडक्टर कंपनियों नीतिगत समर्थन देने का भी आश्वासन दिया है. हेब्बार ने कहा कि उत्पादन क्षमता का 20-30 फीसदी हिस्सा फॉक्सकॉन द्वारा ही उठाए जाने की संभावना है और कंपनी व्यवसाय के लिए स्मार्टफोन निर्माताओं के साथ भी चर्चा कर रही है.
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