ChatGPT को बनाने वाले Sam Altman आ रहे हैं भारत; क्या है यात्रा का मकसद?

ChatGPT ने थोड़े से समय में ही दुनिया में तहलका मचा दिया है. इससे जहां लोगों का काम आसान हो गया है, वहीं कुछ नौकरियों पर भी खतरा मंडरा रहा है.

Last Modified:
Monday, 05 June, 2023
Photo Credit:  Euronews

ChatGPT के बारे में तो आप जानते ही होंगे. उसे बनाने वाली कंपनी OpenAI के CEO सैम अल्टमैन (Sam Altman) भारत आ रहे हैं. हालांकि, अभी तक ये स्पष्ट नहीं है कि उनकी इस यात्रा का मकसद क्या है और इस दौरान वह किस-किस से मुलाकात करेंगे. सैम ने सोशल मीडिया पर बताया है कि वह इस हफ्ते कुछ देशों की यात्रा करेंगे, इसमें इजरायल, जॉर्डन, कतर, UAE, भारत और दक्षिण कोरिया शामिल हैं. सैम अल्टमैन ने लिखा है कि वो इन छह देशों की यात्रा के लिए बेहद उत्साहित हैं. 

किससे करेंगे मुलाकात?
सैम अल्टमैन के इस ऐलान के बाद अब लोगों में इसे लेकर एक्साइटमेंट है कि वह भारत में कहां जाएंगे, किससे मुलाकात करेंगे. सोशल मीडिया पर लगातार ऐसे सवाल पूछे जा रहे हैं. हालांकि, सैम फिलहाल खामोश हैं. उन्होंने ऐसे किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया है. OpenAI के CEO की यह भारत यात्रा ऐसे समय हो रही है कि जब ChatGPT यहां भी काफी लोकप्रिय हो गया है. बता दें कि 38 साल की उम्र में सैम अपनी क्रिएटिविटी और इनोवेशन के दम पर करीब 250 मिलियन डॉलर की संपत्ति के मालिक बन गए हैं. 

देखते ही देखते फेमस
OpenAI ने पिछले साल नवंबर में दुनिया के सामने ChatGPT को पेश किया था और देखते ही देखते ये AI टूल फेमस हो गया. म्यूजिक और कविता से लेकर निबंध लिखने तक, ChatGPT अनगिनत कार्यों के लिए एकमात्र समाधान बन गया है. इस टूल को शुरू में न्यूयॉर्क के पब्लिक स्कूलों में प्रतिबंधित कर दिया गया था, क्योंकि शिक्षक नई तकनीक के बारे में अनिश्चित थे. हालांकि, कुछ दिन पहले यह प्रतिबंध हटा दिया गया, क्योंकि लोग अब यह सीखना चाहते हैं कि उभरती हुई तकनीक का सर्वोत्तम उपयोग कैसे किया जाए. 

नौकरियों पर भी खतरा!
ChatGPT की लोकप्रियता को देखते हुए गूगल और माइक्रोसॉफ्ट ने इस साल फरवरी में अपना AI टूल बार्ड और बिंग पेश किया था. हालांकि, इन दोनों के मुकाबले ChatGPT के चाहने वालों की संख्या काफी ज्यादा है. वैसे, ये AI टूल्स लोगों की परेशानी की वजह भी बन गए हैं. इनके चलते नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है और कई लोगों की नौकरियां जाने की बात भी सामने आई है. एक रिपोर्ट बताती है कि अधिकांश आर्टिफिशल इंटेलिजेंस यानी AI का बेहतर उपयोग करने में लगी हुई हैं, जिसके चलते मई 2023 में लगभग 4000 लोगों को अपनी जॉब गंवानी पड़ी. रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि पिछले महीने टेक सेक्टर में AI के प्रयोग के चलते 4000 लोगों की नौकरी चली गई.


निफ्टी लाल लेकिन Bank Nifty में आई बहार; तेजी से दौड़ रहे बैंकों के शेयर 

बैंक निफ्टी को आज पंख लगे हुए हैं. खासतौर पर प्राइवेट बैंकों के शेयरों में तेजी दिखाई दे रही है.

Last Modified:
Wednesday, 19 June, 2024
BWHindia

शेयर बाजार (Stock Market) में आज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रही है. एक तरफ जहां बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स हरे निशान पर कारोबार कर रहा है. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी वापस लाल निशान पर आ गया है. दोपहर एक बजे तक निफ्टी 0.014% की गिरावट के साथ 23,554.55 के लेवल पर कारोबार कर रहा था. जबकि सेंसेक्स 0.17% मजबूती हासिल कर चुका था. इन दोनों इंडेक्स में चल रहे उतार-चढ़ाव के बीच बैंक निफ्टी तेजी से दौड़ रहा है. बैंकिंग सेक्टर के अधिकांश शेयर मुनाफे में दिखाई दे रहे हैं.

ये है टॉप गेनर
बैंक निफ्टी इस समय 1.36% या 685.05 अंकों की तेजी के साथ कारोबार कर रहा है. इस बैंकिंग इंडेक्स में HDFC बैंक टॉप गेनर बना हुआ है. फिलहाल यह करीब 2 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,637.40 रुपए पर ट्रेड कर रहा है. इसके बाद ICICI बैंक का नंबर है. इस प्राइवेट बैंक के शेयर में भी लगभग दो प्रतिशत का उछाल आया है. 1,139.55 रुपए के भाव पर मिल रहा ये शेयर तेजी से आगे बढ़ रहा है. Axis बैंक के शेयर 1.77% की मजबूती हासिल करके 1,213.05 रुपए पर कारोबार कर रहे हैं. प्राइवेट सेक्टर के कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों में भी आज बढ़त आई है. इसमें अब तक एक प्रतिशत से अधिक की उछाल दर्ज हो चुकी है. वहीं, Indusind Bank डेढ़ प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ 1,531.25 रुपए पर ट्रेड कर रहा है.

इनमें भी आया उछाल
सरकारी बैंकों के शेयरों में SBI 0.21% की तेजी के साथ 846.65 रुपए पर पहुंच चुका है. शुरुआती कारोबार में बैंक का शेयर चढ़कर 852 रुपए के लेवल पर पहुंच गया था, लेकिन बाद में इसमें कुछ नरमी देखने को मिली. बैंक निफ्टी के बढ़त वाले शेयरों में IDFC First Bank, AU Small Finance Bank और Bandhan Bank भी शामिल हैं. बंधन बैंक के शेयर दोपहर एक बजे तक 0.52% की बढ़त हासिल कर चुके थे. जबकि AU में 0.31% की तेजी दर्ज हुई थी और 1.45% के उछाल के साथ 82.59 रुपए पर पहुंच गए थे.

इनमें आई है गिरावट
आज बढ़त के बीच कुछ बैंकों के शेयरों में गिरावट भी दिखाई दे रही है. Union Bank of India के शेयर 0.30% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं. पंजाब नेशनल बैंक के शेयर में 0.55% की गिरावट आई है. Bank of Baroda सबसे ज्यादा 1.22% गिर चुका है. इसी तरह, Central Bank of India (0.046%), Canara बैंक (0.35%), Bank of Maharashtra (0.046%) और Federal Bank (0.36%) भी लाल निशान पर कारोबार कर रहे हैं. इससे पहले फेडरल बैंक ने पिछले 5 कारोबारी सत्रों में 4.44% का रिटर्न भी दिया है. इस साल अब तक ये शेयर 11.44% चढ़ चुका है.


Maggi ने बनाया सबको दीवाना, कमाई में बनी नंबर-1, 15 महीने में कमा डाले 24000 करोड़ रुपये

नेस्ले की इंडिया यूनिट Nestle India ने अपनी साला रिपोर्ट में बताया है कि कंपनी ने FY2023-24 में इंस्टैंट नूडल्स मैगी की रिकॉर्ड सेल करते हुए इस प्रोडक्ट के लिए दुनिया का सबसे बड़ा मार्केट बन गया है.

Last Modified:
Wednesday, 19 June, 2024
BWHindia

दो मिनट में बन जाने नूडल्स मैगी (Maggi) ने भारत में रिकॉर्डतोड़ बिक्री की है. नेस्ले इंडिया (Nestle India) के अनुसार, भारत मैगी का सबसे बड़ा मार्केट बन गया है. कंपनी ने वित्त वर्ष 2023-24 में भारत में लगभग 600 करोड़ यूनिट मैगी की बिक्री की है. इसके अलावा कंपनी की चॉकलेट किटकैट (KitKat) ने भी बिक्री के रिकॉर्ड तोड़े हैं. कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष के दौरान 420 करोड़ यूनिट किटकैट बेची हैं. भारत किटकैट का दूसरा सबसे बड़ा मार्केट बन गया है.

मैगी और किटकैट ने कराई मोटी कमाई

स्विस एमएनसी नेस्ले की इंडिया यूनिट ने अपनी सालाना रिपोर्ट में यह आंकड़े जारी किए. इसके मुताबिक, दुनिया में सबसे ज्यादा मैगी भारत में ही बिक रही है. नेस्ले ने बताया कि भारत उनके लिए सबसे तेजी से बढ़ता बाजार बन गया है. कंपनी यहां डबल डिजिट में ग्रोथ कर रही है. कंपनी ने मैगी नूडल्स और मैगी मसाला-ए-मैजिक की कीमत एवं प्रोडक्ट मिक्स के जरिए यह तेजी हासिल की है. किटकैट चॉकलेट भी नेस्ले का बेस्टसेलर बनी है. वहीं, इससे कंपनी की भी अच्छी खासी कमाई हुई है. कंपनी के प्रोडक्ट की सेल में जोरदार इजाफे के चलते Nestle India ने 31 मार्च 2024 तक पिछले 15 महीने में ही 24,275.5 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की है.

विवादों में फंस गई थी मैगी, FSSAI ने लगाया था बैन

आज कंपनी के लिए रिकॉर्ड सेल कर रही मैगी साल 2015 में बड़े विवाद में फंस गई थी. स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने जून, 2015 में मैगी नूडल्स पर 5 महीने का बैन लगा दिया था. मैगी में तय सीमा से ज्यादा लेड होने का आरोप लगा था. लेड एक खतरनाक केमिकल होता है, जो न सिर्फ इंसानों बल्कि जानवरों के लिए भी घातक होता है. FSSAI के अनुसार, मैगी में 17.2 पार्ट्स पर मिलियन (PPM) लेड था. यह तय सीमा 2.5 पीपीएम से लगभग 1000 गुना ज्यादा था. 

बैन के बाद जीरो हो गया था मैगी का मार्केट शेयर 

इस बैन के चलते नेस्ले इंडिया को तगड़ा झटका लगा था. बैन के समय भारतीय नूडल्स मार्केट में मैगी का शेयर लगभग 80 फीसदी था. बैन के एक महीने के अंदर यह घटकर शून्य पर आ गया था. अब बैन के लगभग एक दशक बाद भी मैगी अपना पुराना स्थान वापस हासिल करने में संघर्ष कर रही है. इस सेगमेंट में कई कंपनियों के आ जाने से कम्पटीशन तगड़ा हो गया है. पिछले 8 साल में कंपनी लगभग 140 प्रोडक्ट इंडिया में उतार चुकी है. साथ ही वह भारत में 2025 तक 7500 करोड़ रुपये का निवेश भी करने वाली है.
 


किसानों की होगी कमाई! सरकार उड़द और तूर दाल की MSP में कर सकती है इजाफा

तूर और उड़द दाल का उत्पादन कम होना चिंताजनक है. ऐसे में उत्पादन बढ़ाने और किसानों की कमाई बढ़ाने के लिए सरकार किसानों को बड़ा तोहफा देने की तैयारी में है. 

Last Modified:
Wednesday, 19 June, 2024
BWHindia

किसानों की कमाई बढ़ाने के लिए सरकार समय-समय पर कई बड़े फैसले लेती है. इसी क्रम में सरकार अब किसानों को  सरकार दालों का उत्पादन बढ़ाने के लिए उड़द और तूर दाल के मिनिमम स्पोर्ट प्राइज (एमएसपी)में बढ़ोतरी करके बड़ा तोहफा दे सकती है. तो चलिए जानते हैं सरकार इन दालों की एमएसपी में कितनी बढ़ोतरी कर सकती है?

इतने प्रतिशत बढ़ेगी एमएसपी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उड़द और तूर दाल के एमएसपी में 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर सकती है.  धान की कीमतों में साल 4 से 5 प्रतिशत  की बढ़ोतरी हो सकती है. इसके साथ सोयाबीन और सनफ्लावर ऑयल में 5 से 7 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. कैबिनेट एक हफ्ते में इसे मंजूरी दे सकता है. कृषि लागत और मूल्य आयोग (CACP)  ने सरकार से इसकी सिफारिश की है.  

इन फसलों की तय होगी एमएसपी
सीएसीपी की सिफारिशों के आधार पर सरकार हर साल 23 फसलों के लिए एमएसपी का ऐलान करती है.सीएसीपी कृषि मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला आयोग है. सीएसीपी 23 फसलों पर एमएसपी की सिफारिश जारी करता है. इसमें सात अनाज (मक्का, ज्वार, बाजरा, धान, गेहूं, जौ और रागी), पांच दालें (मूंग, अरहर, चना, उड़द और मसूर), सात तिलहन (सोयाबीन, तिल, सूरजमुखी, कुसुम, मूंगफली, तोरिया-सरसों, और नाइजर बीज) और चार कमर्शियल फसलें (कपास, खोपरा, गन्नाऔर कच्चा जूट) शामिल हैं.

इन दालों की कीमत में होगी कटौती

दालों पर महंगाई को कम करने के लिए सरकार ने पूरी योजना बना ली है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार संबंधित विभाग के अधिकारियों ने दावा किया है कि देश में तीन दालों की कीमतों में कटौती देखने को मिलेगी, जिसमें अरहर, चना, और उड़द की दालें हैं. सरकार का कहना है कि मौजूदा समय में ऐसे कई उपाय किए जा रहे हैं जिससे इन तीनों दालों की कीमतों में गिरावट देखने को मिलेगी.
 


Veefin ने Regime Tax Solutions में की रणनीतिक हिस्सेदारी की घोषणा

Veefin अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को बढ़ाने के लिए Regime की दो प्रमुख सॉल्यूशंस, TaxGenie और PayInvoice को अपने सप्लाई चेन टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म में शामिल करने की योजना बना रहा है.

Last Modified:
Wednesday, 19 June, 2024
BWHindia

सप्लाई चेन फाइनेंस में विशेषज्ञ Veefin ने मुंबई की कंपनी Regime Tax Solutions में निवेश किया है. यह कंपनी एडवांस जीएसटी कंप्लायंस और अकाउंट पेएबल (AP) और अकाउंट रिसिवेबल ऑटोमेशन (AR) में तेजी से बढ़ रही है.

Veefin अपनी प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को बेहतर बनाने के लिए Regime के दो प्रमुख सॉल्यूशंस - TaxGenie और PayInvoice को अपने सप्लाई चेन टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म में शामिल करेगी, जो बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए बनाया गया है. Veefin इस समय 50 से ज्यादा फाइनेंसियल क्लाइंट के साथ काम कर रही है, और उन्हें एक व्यापक इंटीग्रेटेड स्पालाई चेन फाइनेंस प्लेटफॉर्म प्रदान कर रही है.

मैनेजिंग डायरेक्टर राजा देबनाथ, सीएफओ पायल मैशेरी  और डायरेक्टर अफ़ज़ल मोदक, Veefin से Regime के बोर्ड में शामिल होंगे. Regime के सीईओ राकेश दुबे, कंपनी और उसके प्रमुख उत्पादों का नेतृत्व करना जारी रखेंगे.

राजा देबनाथ ने कहा कि हमारी सप्लाई चेन फाइनेंस को सभी के लिए सुलभ बनाने और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन के लिए बिना रुके डिजिटल ऋण की प्रतिबद्धता ने हमें अपने ऑफरिंग को लगातार बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया है. Regime Tax Solutions में हमारी हिस्सेदारी हमारे विजन के साथ पूरी तरह मेल खाती है, जिससे फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन को बेहतर SCF टेक्नोलॉजी मिल सकेगी, जो उनके कॉर्पोरेट क्लाइंट की वास्तविक समस्याओं को हल करने में मदद करेगी। नए प्रोडक्ट इंटीग्रेशन के साथ, बैंकों और वित्तीय संस्थानों को AR/AP मुद्दों को हल करने की बेहतर क्षमता मिलेगी और उनके ग्राहकों को बेहतरीन अनुभव मिलेगा.

अफ़ज़ल मोदक ने कहा कि यह साझेदारी हमारे मिशन में एक महत्वपूर्ण कदम है जो फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन को कटिंग एज सॉल्यूशन से सशक्त बनाएगी. Regime Tax के इंटेलीजेंट फाइनेंशियल मैनेजमेंट सॉल्यूशन को इंटीग्रेट करने से हम बैंकों को बेहतर तरीके से सेवा दे पाएंगे, क्योंकि हम मनी फ्लो लेयर को अंतर्निहित जीएसटी डेटा फ्लो लेयर से जोड़ेंगे. 

राकेश दुबे ने कहा कि हमारा लक्ष्य खुद को वर्ल्डवाइड प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित करना है जो फाइनेंसिंग, कंप्लायंस और AR/AP ऑटोमेशन में माहिर है. Veefin के साथ यह साझेदारी हमें कंपनियों के फाइनेंशियल और टैक्स कंप्लायंस प्रक्रियाओं को ट्रांसफॉर्म करने में सक्षम बनाएगी, सीमलेस इंटीग्रेशन, अत्याधुनिक तकनीकें और बेहतर कार्यक्षमता के साथ. Veefin के साथ मिलकर, हम कंपनियों को जटिल नियामक वातावरण को सफलतापूर्वक मार्गदर्शन करने और उनके विस्तार के लिए सबसे बड़े संभावना को साकार करने में सशक्त बनाएंगे.
 


ऐसा क्या कर बैठी OP Jindal की ये कंपनी कि SEBI ने लगा दिया जुर्माना?

ओपी जिंदल समूह की कंपनी हेक्सा ट्रेडेक्स लिमिटेड के खिलाफ बाजार नियामक सेबी ने कार्रवाई की है.

Last Modified:
Wednesday, 19 June, 2024
BWHindia

सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) ओपी जिंदल समूह (OP Jindal) की कंपनी हेक्सा ट्रेडेक्स लिमिटेड (Hexa Tradex Limited), उसके प्रमोटर्स और डायरेक्‍टर्स के खिलाफ कार्रवाई की है. SEBI ने इन पर 35 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है. गैर-सूचीबद्धता मानकों सहित अन्य खुलासा नियमों के उल्लंघन पर सेबी द्वारा यह कार्रवाई की गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड ने हेक्सा ट्रेडेक्स, उसके चेयरपर्सन राज कमल अग्रवाल, रविंदर नाथ लीखा, विनीता झा, गिरीश शर्मा और प्रवेश श्रीवास्तव पर 2 से 5 लाख तक का जुर्माना लगाया है.

2022 में शुरू हुई थी जांच
इसी तरह, हेक्सा ट्रेडेक्स की प्रमोटर फर्म सिद्धेश्वरी ट्रेडेक्स प्राइवेट लिमिटेड, ईनॉक्स ग्लोबल मल्टीवेंचर्स, ओपेलिना सस्टेनेबल सर्विसेज और JSL लिमिटेड के खिलाफ भी बाजार नियामक ने जुर्माने की कार्रवाई की है. रिपोर्ट्स में बताया गया है कि SEBI ने जुलाई 2022 में मिली शिकायत के आधार पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में सूचीबद्ध हेक्सा ट्रेडेक्स लिमिटेड (HTL) की सूचीबद्धता खत्म किए जाने के संबंध में जांच शुरू की थी. इसके बाद सेबी ने गैर-सूचीबद्धता नियमों सहित अन्य मानदंडों के उल्लंघन पर कंपनी को नोटिस भेजकर जवाब मांगा था.

ये भी पढ़ें - मानसून के मौसम में पैसों की बरसात करा सकते हैं ये शेयर, चूक न जाए मौका!

अनदेखी बनी आधार
सेबी के आदेश में कहा गया है कि हेक्सा ट्रेडेक्स लिमिटेड के निदेशक मंडल ने तर्कसंगत सिफारिशों पर जोर नहीं दिया. हेक्सा ट्रेडेक्स अपनी वित्तीय स्थिति और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी का खुलासा करने में विफल रही है. कंपनी ने गैर-सूचीबद्धता मानकों, जैसे कि नियमित रूप से शेयरधारकों की बैठकें आयोजित करना, वेबसाइट को अपडेट करना आदि का पालन भी नहीं किया है. इसी तरह, हेक्सा ट्रेडेक्स के प्रमोटरों और निदेशकों ने कंपनी के मामलों में उचित ध्यान नहीं दिया और नियामक आवश्यकताओं का पालन नहीं किया. इस वजह से उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है.

क्या करती है कंपनी?
Hexa Tradex केमिकल, आयरन और स्टील से जुड़े उत्पाद बनाती है. ओपी जिंदल समूह की यह कंपनी इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट एजेंट कांट्रेक्टर और ब्रोकर के रूप में भी काम करती है. कंपनी के शेयर कल नुकसान में रहे थे. करीब एक प्रतिशत की गिरावट के साथ यह 149.69 रुपए पर बंद हुए. इस साल ये शेयर अब तक 2.55% लुढ़क चुका है. जबकि पिछले एक साल में इसने महज 3.31% की बढ़त हासिल की है. यानी अपने निवेशकों के चेहरे पर मुस्कराहट बिखेरने में Hexa Tradex खासी कामयाब नहीं हो पाई है. इस स्टॉक का 52 वीक का हाई लेवल 170.90 रुपए है.


मानसून के मौसम में पैसों की बरसात करा सकते हैं ये शेयर, चूक न जाए मौका!

शेयर बाजार में कल तेजी देखने को मिली थी और आज भी बाजार से ऐसी ही उम्मीद है.

Last Modified:
Wednesday, 19 June, 2024
BWHindia

शेयर बाजार (Stock Market) के लिए कल का दिन काफी अच्छा रहा. विदेशी बाजारों से मिले पॉजिटिव संकेत और दिग्गज शेयरों में लिवाली के चलते हमारा बाजार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. इस दौरान, बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 308.37 अंक मजबूत होकर 77,301.14 पॉइंट्स के नए शिखर पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान एक समय यह 374 अंक उछल गया था. इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 92.30 अंक चढ़कर 23,557.90 के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ. चलिए जानते हैं कि आज कौनसे शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है.

MACD के ये हैं संकेत  
मोमेंटम इंडिकेटर मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डिवर्जेंस (MACD) ने छह शेयरों में तेजी का रुख दर्शाया है. इसमें Hindustan Aeronautics, Godfrey Phillips India, ABB India, Cochin Shipyards, Cummins India और BEML शामिल हैं. इसी तरह, MACD ने HUL, Pfizer, Brigade Enterprises, Kirloskar Ferrous Industries और Sumitomo Chemical India में मंदी का संकेत दिया है. इसका मतलब है कि इन शेयरों में आज गिरावट देखने को मिल सकती है, लिहाजा इनमें निवेश को लेकर सावधान रहें.

इनमें मजबूत खरीदारी 
अब जानते हैं कि आज कौनसे शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिल रही है. इस लिस्ट में Mazagon Dock, GRSE, Cochin Shipyard, Ramkrishna Forging, Avanti Feeds, Phoenix Mills और Asahi India Glass का नाम शामिल है. Mazagon Dock के शेयर कल करीब 8 प्रतिशत की तेजी एक साथ 4,168 रुपए पर बंद हुए थे. बीते पांच दिनों में ही ये शेयर 27.34% चढ़ चुका है. इसी तरह, Cochin Shipyard के लिए मंगलवार शानदार रहा. इस दौरान इस शेयर में 10 प्रतिशत का उछाल आया और यह 2,334.55 रुपए के लेवल पर जा पहुंचा. Phoenix Mills कल चार प्रतिशत की मजबूती के साथ 3,703.25 रुपए पर बंद हुआ.

इन पर भी रखें नजर
इनके अलावा आप 2 ऐसे स्टॉक पर भी नजर रखें, जिनका रेलवे से कुछ न कुछ जुड़ाव है. दरअसल, पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में हुए हादसे के बाद रेलवे करीब 10,000 किलोमीटर रेल रूट पर 'कवच' लगाने जा रहा है. इसके लिए टेंडर भी जारी किए जा रहे हैं. Medha Servo Drives, Kernex Microsystems और HBL Power रेलवे के लिए कवच बनाती हैं. Medha Servo Drives स्टॉक मार्केट में लिस्ट नहीं है, लेकिन बाकी दो कंपनियों के शेयर कल तेजी से भाग रहे थे. Kernex के शेयर करीब 5% उछाल के साथ 406.10 रुपए पर बंद हुए. इसी तरह, HBL के शेयर करीब 8% की बढ़त हासिल करके 513.50 रुपए पर बंद हुए. 
 

(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है. 'BW हिंदी' इसकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता. सोच-समझकर, अपने विवेक के आधार पर और किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह के बाद ही निवेश करें, अन्यथा आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है).


कोहली की विराट कमाई ने सबको छोड़ा पीछे, रैंकिंग में नंबर वन बने कोहली 

विराट कोहली भले ही नंबर वन बन गए हों लेकिन 2023 में सबसे ज्‍यादा कमाई करने वाले स्‍टार शाहरुख खान रहे. अपनी दो हिट फिल्‍मों के चलते उन्‍होंने जमकर कमाई की. 

Last Modified:
Tuesday, 18 June, 2024
BWHindia

टी-20 वर्ल्‍ड कप में भले ही अब तक विराट कोहली का बल्‍ला ना चला हो लेकिन कमाई में विराट कोहली ने नया रिकॉर्ड बना दिया है. 2023 में सबसे ज्‍यादा कमाई करने वालों में विराट कोहली नंबर वन पर पहुंच गए हैं. विराट कोहली पिछले साल की सूची में दूसरे नंबर पर थ लेकिन इस बार वो रणवीर सिंह को पीछे करते हुए पहले नंबर पर पहुंच गए हैं. पिछले साल शाहरुख खान की आई दो सुपरहिट फिल्‍मों के कारण सबसे बड़ी छलांग उन्‍होंने लगाई है. उनकी इस छलांग के बारे में जानेंगे तो हैरान रह जाएंगे. 

आखिर कमाई के मामले में कौन हैं टॉप फाइव? 
पिछले साल रणवीर कपूर पहले नंबर पर थे तो विराट कोहली दूसरे नंबर पर थे. लेकिन सेलेब्रिटी एसेट सलाहकार कंपनी क्रॉल की रिसर्च बता रही है कि इसमें विराट कोहली नंबर वन पर पहुंच गए हैं जबकि रणवीर सिंह दूसरे नंबर पर पहुंच गए हैं. बिल्‍कुल तीसरे नंबर पर शाहरूख खान पहुंच चुके हैं तो चौथे नंबर पर इस कड़ी में अक्षय कुमार चौथे नंबर पर हैं जबकि आलिया भट्ट पांचवें नंबर पर पहुंच चुकी हैं. आंकड़े बता रहे हैं कि 2023 दौलत कमाने के मामले में लक्ष्‍मी जी सबसे ज्‍यादा मेहरबान शाहरुख खान पर हुई हैं. 

ये भी पढ़ें:  ऐसे 10 हजार करोड़ जुटाने की तैयारी कर रहा है एसबीआई, क्‍या आपके पास है कमाई का मौका

जानते हैं किसके पास है दौलत का कितना खजाना? 
सबसे नंबर वन पर मौजूद विराट कोहली  के पास 2022 में 17.69 करोड़ डॉलर (करीब 1,468 करोड़ रुपये) थी, वहीं 2023 में उनकी दौलत का खजाना बढ़कर 22.79 करोड़ डॉलर (करीब 1,891 करोड़ रुपये) पहुंच गई है. यानी 2023 में उन्‍होंने 423 करोड़ कमाए हैं. लेकिन चौंकाने वाली बात ये है कि 2020 में विराट कोहली इससे भी ज्‍यादा कमाई कर चुके हैं. 2020 में उन्‍होंने 23.77 करोड़ रुपये की कमाई की थी. इसी तरह 2023 में नंबर वन से नंबर दो की पोजीशन पर पहुंचे रणवीर सिंह के पास 2023 में 20.31 करोड़ डॉलर (करीब 1,686 करोड़ रुपये) की दौलत है. 

शाहरुख की हिट फिल्‍मों ने बढा़ई उनकी दौलत 
इसी तरह 10वें से तीसरे नंबर पर पहुंचे शाहरुख खान की दौलत का आंकड़ा 2023 में 12.07 करोड़ डॉलर (1,002 करोड़ रुपये) रहा. जबकि साल 2022 में खान का ब्रैंड मूल्य 5.57 करोड़ डॉलर था, और वह इस सूची में दसवें स्थान पर थे. मूल्यांकन सलाहकार सेवाओं के लिए फर्म के प्रबंध निदेशक अविरल जैन ने कहा कि खान 2020 के बाद पहली बार भारत के शीर्ष पांच ब्रांड सेलिब्रिटी बने हैं. वहीं चौथे नंबर पर अक्षय कुमार हैं जिन्‍होंने 2023 में 11.17 करोड़ डॉलर रही है. जबकि पांचवे नंबर पर पहुंची आलिया भट्ट की कमाई 10.11 करोड़ डॉलर रही है. इसी तरह छठे नंबर पर दीपिका पादुकोड़ रही हैं जिनके पास 9.6 करोड़ डॉलर हैं.  
 


शेयर बाजार के लिए मंगल रहा ‘मंगलकारी’, बाजार का नया रिकॉर्ड, निफ्टी-सेंसेक्स नए हाई पर बंद

हफ्ते के पहले कारोबारी सेशन में बाजार रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ. मिडकैप इंडेक्स की भी रिकॉर्ड क्लोजिंग दिखी.

Last Modified:
Tuesday, 18 June, 2024
BWHindia

मंगलवार का कारोबारी सत्र भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों के लिए बेहद शानदार रहा है. लंबी छुट्टी के बाद हफ्ते के पहले कारोबारी सत्र में नए ऑलटाइम हाई को छूने में कामयाब रहा और साथ ही नए ऐतिहासिक हाई पर ही क्लोज भी हुआ है. सेंसेक्स पहली बार 77,000 के आंकड़े को ऊपर क्लोज हुआ है. आज का कारोबार खत्म होने पर बीएसई सेंसेक्स 308 अंकों की उछाल के साथ 77,301 और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 92 अंकों की उछाल के साथ 23,5557 अंकों के रिकॉर्ड हाई पर क्लोज हुआ है.  

आज किन शेयरों में दिखा एक्शन?

बीएसई सेंसेक्स के 30 में से 22 शेयर आज बढ़त के साथ बंद हुए. इसमें भी पावर ग्रिड (Power Grid) के शेयरों में सबसे अधिक 3.17 फीसदी की तेजी रही. इसके बाद विप्रो (Wipro), टाइटन (Titan), आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) और महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) के शेयरों में सबसे अधिक तेजी देखी गई और ये 1.10% से लेकर 3.04 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुए.

वहीं सेंसेक्स के बाकी 8 शेयर आज गिरावट के साथ बंद हुए. इसमें भी मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) का शेयर 2.14 फीसदी की गिरावट के साथ टॉप लूजर्स रहा. इसके अलावा टाटा स्टील (Tata Steel), अल्ट्राटेक सीमेंट (Ultra Tech Cement), टाटा मोटर्स (Tata Motors) और आईटीसी (ITC) के शेयर क्रमश: 0.53% से लेकर 0.96% की गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए.

BSE के 2,173 शेयरों में रही तेजी

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर आज बढ़त के साथ बंद होने वाले शेयरों की संख्या अधिक रही. एक्सचेंज पर कुल 4,150 शेयरों में आज कारोबार देखने को मिला. इसमें से 2,173 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, वहीं 1,828 शेयरों में गिरावट देखी गई. जबकि 149 शेयर बिना किसी उतार-चढ़ाव के सपाट बंद हुए. इसके अलावा 384 शेयरों ने आज कारोबार के दौरान अपना नया 52-वीक हाई छुआ. वहीं 24 शेयरों ने अपने 52 हफ्तों का नया निचला स्तर छुआ.

निवेशकों ने कमाए 2.42 लाख करोड़ रुपये

बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन आज 18 जून को बढ़कर 437.30 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो इसके पिछले कारोबारी दिन यानी शुक्रवार 14 जून को 434.88 लाख करोड़ रुपये था. इस तरह BSE में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप आज करीब 2.42 लाख करोड़ रुपये बढ़ा है. या दूसरे शब्दों में कहें तो निवेशकों की संपत्ति में करीब 2.42 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है.
 


Advance Tax का रिकॉर्ड कलेक्शन, जानें सरकारी खजाने में कितने लाख करोड़ आए

चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही का नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 4.62 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 22 प्रतिशत ज्यादा है.

Last Modified:
Tuesday, 18 June, 2024
BWHindia

भारत का सरकारी खजाना एडवांस टैक्स के मामले में तेजी से बढ़ा है. दरअसल 16 जून आए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इस वित्तीय वर्ष यानी 2024-25 में सरकार का एडवांस टैक्स कलेक्शन 1.48 लाख करोड़ रुपये हो गया है. यह पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में लगभग 28 प्रतिशत ज्यादा है. रिपोर्ट के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही का नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 4.62 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 22 प्रतिशत ज्यादा है. 

एडवांस टैक्स में जबरदस्त उछाल

हाल ही में आए एक आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 (FY25) के लिए भारत का डायरेक्ट टैक्स संग्रह वित्त वित्तीय वर्ष 2024 की समान अवधि की तुलना में पहली तिमाही के 16 जून तक 9.81 प्रतिशत बढ़कर 4.62 ट्रिलियन रुपये हो गया है. वहीं नेट कॉर्पोरेट टैक्स की बात करें तो वित्तीय वर्ष में यह 1.60 लाख करोड़ हो गया है. इतना ही नहीं सरकार की नेट पर्सनल इनकम टैक्स से हुई कमाई 3.79 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई है. इसके अलावा ग्रॉस टैक्स 5.15 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछले वित्तयी वर्ष 2024-25 की तुलना में 22.89 फीसदी ज्यादा है. ऐसे में आइए जानते हैं क्या होता है एडवांस टैक्स और इनकम टैक्स से ये कैसे अलग होता है…

क्या होता है एडवांस टैक्स?

एडवांस टैक्स एक तरह का इनकम टैक्स ही होता है, जो वित्त वर्ष खत्म होने से पहले ही आयकर विभाग के पास जमा करना होता है. इसे सामान्य टैक्स की तरह सालाना आधार पर एकमुश्त नहीं चुकाया जाता, बल्कि किस्तों में जमा किया जाता है. इसके तहत टैक्सपेयर्स एडवांस में ही टैक्स आयकर विभाग के पास जमा करते हैं. इसे हर तिमाही के हिसाब से चुकाना पड़ता है. इसकी तारीख इनकम टैक्स विभाग की तरफ से तय की जाती है.वित्त वर्ष 2022-23 और 2023-24 के लिए यह तारीखें 15 जून, 15 सितंबर, 15 दिसंबर और 15 मार्च हैं.

किसे चुकाना होता है?

एडवांस टैक्स उन लोगों को चुकाना होता है, जिनकी टैक्स देनदारी 10 हजार रुपये से ज्यादा होती है. यह नौकरीपेशा लोग, फ्रीलांसर, व्यापारियों और अन्य किसी तरह से पैसे कमाने वाले लोगों पर लागू होता है. हालांकि, अगर आपकी उम्र 60 साल से अधिक है, जो किसी तरह की बिजनेस नहीं करते हैं, उन्हें एडवांस टैक्स से छूट मिली हुई है.

कितना चुकाना होता है?

एडवांस टैक्स चुकाया भले ही किस्तों में जाता है, लेकिन उसकी गणना पूरे साल के हिसाब से की जाती है. आपको एडवांस में ये कैल्कुलेट करना होगा कि आप पर साल में करीब कितना टैक्स लग सकता है. अपनी इनकम से आप डिडक्शन हटाकर बची हुई इनकम पर अपने टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स का कैलकुलेशन कर सकते हैं. इसके बाद आपको 15 जून को अपने एडवांस टैक्स का कम से कम 15 फीसदी चुकाना होगा. वहीं 15 सितंबर तक एडवांस टैक्स का 45 फीसदी, 15 दिसंबर तक एडवांस टैक्स का 75 फीसदी और 15 मार्च तक एडवांस टैक्स का 100 फीसदी चुकाना होता है.
 


 ऐसे 10 हजार करोड़ जुटाने की तैयारी कर रहा है एसबीआई, क्‍या आपके पास है कमाई का मौका

स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया इससे पहले जनवरी में भी 5000 करोड़ रुपये जुटा चुका है. एसबीआई ने 5000 करोड़ रुपये की ये राशि परपिचुअल बॉन्‍ड के जरिए जुटाई थी

Last Modified:
Tuesday, 18 June, 2024
BWHindia

देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक आने वाले दिनों में 10 हजार करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी कर रहा है. एसबीआई ये 10 हजार करोड़ रुपये बॉन्‍ड के जरिए जुटाने की तैयारी कर रहा है. एसबीआई इन बॉन्‍ड को 10 से 15 सालों के लिए लाने की तैयारी कर रहा है. एसबीआई की इस तैयारी की जानकारी दो बैंकों के जरिए सामने आई है. बॉन्‍ड की इस योजना को निवेशकों की पसंद के आधार पर फाइनल किया जाएगा. 

ये एसबीआई का पहला बॉन्‍ड होगा
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अगर ऐसा होता है तो देश के सबसे बड़े बैंक का ये पहला इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर बॉन्‍ड होगा. ये इस वित्‍तीय वर्ष का भी पहला फाइनेंशियल बॉन्‍ड होगा. बैंकर्स की ओर से सामने आई जानकारी के अनुसार, एसबीआई इसे लेकर जुलाई के पहले हफ्ते में बिड इनवाइट कर सकता है. हालांकि एसबीआई की ओर से इसे लेकर पूछे गए सवालों का कोई जवाब नहीं दिया गया है. 

एसबीआई जनवरी में उठा चुका है पैसा 
स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया इससे पहले जनवरी में भी 5000 करोड़ रुपये जुटा चुका है. एसबीआई ने 5000 करोड़ रुपये की ये राशि परपिचुअल बॉन्‍ड के जरिए जुटाई थी जिसे उसने 8.34 प्रतिशत कूपन के आधार पर जारी किया था. उससे पहले पिछले साल एसबीआई ने इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर बॉन्‍ड के जरिए 20 हजार करोड़ रुपये जुटाए थे. बैंक ने ये रकम 15 साल के लिए जुटाए थे. इस महीने की शुरुआत में, एसबीआई ने अपनी लंदन शाखा के माध्यम से तीन साल के वरिष्ठ असुरक्षित फ्लोटिंग-रेट बांड बेचकर 100 मिलियन डॉलर जुटाए थे, जो सुरक्षित ओवरनाइट फाइनेंसिंग रेट (एसओएफआर) से 95 आधार अंक ऊपर बेचे गए थे.

ये भी पढ़ें: Neet पर सुप्रीम कोर्ट ने अपनाया सख्‍त रवैया, कहा 0.0001 प्रतिशत पर भी होना चाहिए सख्‍त एक्‍शन

वोडाफोन को कर्ज दे सकता है एसबीआई 
कुछ दिन पहले मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि बाजार से 14 हजार करोड़ रुपये जुटाकर एसबीआई के नेतृत्‍व में बना केसोर्टियम वोडाफोन VI को कर्ज देने की योजना बना रहा है. हालांकि इस पर बैंक की ओर से कोई औपचारिक बयान नहीं आया था लेकिन माना जा रहा है एसबीआई सहित देश के कई सरकारी बैंक वोडाफोन आईडिया को उधार देने का ऑफर कर चुके हैं. एसबीआई के नेतृत्‍व में बने इस कंसोर्टियम में पीएनबी, बैंक ऑफ बड़ौदा, और यूनियन बैंक सहित कई दूसरे बैंक शामिल थे.