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NSE-BSE की चेतावनी: बॉन्ड में जल्दबाजी में निवेश किया, तो डूब सकता है पैसा
NSE और BSE ने निवेशकों को चेताया है कि बिना पूरी जानकारी और जांच-पड़ताल के बॉन्ड में पैसा लगाना जोखिम भरा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago
अगर आप बॉन्ड में निवेश करने की सोच रहे हैं या पहले से निवेश कर चुके हैं, तो सतर्क हो जाएं. दरअसल, देश के दो प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) – ने निवेशकों को चेतावनी दी है कि बिना पूरी जानकारी और जोखिम समझे बॉन्ड में पैसा लगाना आपके निवेश को खतरे में डाल सकता है. दोनों एक्सचेंजों ने कहा है कि ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म के माध्यम से निवेश करते समय विशेष सतर्कता बरतें और सिर्फ SEBI-पंजीकृत ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म प्रोवाइडर (OBPP) का ही उपयोग करें. आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.
इन बातों की जरूर करें जांच
एक्सचेंजों ने सलाह दी है कि बॉन्ड में निवेश से पहले निवेशकों को कुछ अहम पहलुओं की जांच अवश्य करनी चाहिए:
1. क्रेडिट रेटिंग – यह बताती है कि बॉन्ड जारी करने वाली कंपनी कितना भरोसेमंद है.
2. कंपनी का भुगतान रिकॉर्ड – क्या कंपनी समय पर ब्याज और मूलधन चुका रही है?
3. बॉन्ड की लिक्विडिटी – क्या जरूरत पड़ने पर इसे आसानी से बेचा जा सकता है?
4. सेटलमेंट टाइमलाइन और टैक्स नियम – निवेश से जुड़ी प्रक्रियाओं और कर नियमों को समझना बेहद जरूरी है.
अगर इन पहलुओं को नजरअंदाज किया गया, तो निवेशकों को गलत निर्णय का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है.
YTM को न मानें गारंटी
NSE और BSE ने स्पष्ट किया है कि Yield to Maturity (YTM) यानी मैच्योरिटी तक मिलने वाला अनुमानित रिटर्न, किसी तरह की गारंटी नहीं होता. यह कई कारकों पर निर्भर करता है- जैसे ब्याज दरों में बदलाव, बाजार की स्थिति, कंपनी की वित्तीय स्थिति और निवेश की अवधि. अगर निवेशक बॉन्ड को समय से पहले बेचते हैं, तो उन्हें YTM से काफी अलग रिटर्न मिल सकता है. आम तौर पर जब बॉन्ड का बाजार मूल्य उसके फेस वैल्यू से नीचे होता है, तो YTM ज्यादा दिखता है, और जब यह कीमत फेस वैल्यू से ऊपर जाती है, तो YTM कम हो जाता है.
कूपन रेट को भी न समझें सुरक्षित
कूपन रेट, यानी तय वार्षिक ब्याज दर, भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है. यह उस कंपनी की वित्तीय हालत और भुगतान क्षमता पर आधारित होता है. अगर कंपनी ब्याज या मूलधन चुकाने में विफल होती है, तो निवेशकों को नुकसान झेलना पड़ सकता है.
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