होम / बिजनेस / अब बिना भारतीय सिम कार्ड के 12 देशों में होगा UPI ट्रांजैक्शन, AU बैंक ने शुरू की नई सुविधा
अब बिना भारतीय सिम कार्ड के 12 देशों में होगा UPI ट्रांजैक्शन, AU बैंक ने शुरू की नई सुविधा
AU स्मॉल फाइनेंस बैंक की यह पहल एनआरआई ग्राहकों के लिए डिजिटल बैंकिंग को पहले से कहीं अधिक सुलभ, सुरक्षित और सीमाहीन बना रही है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago
भारत के सबसे बड़े स्मॉल फाइनेंस बैंक, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक (AU SFB) ने अपने एनआरई (Non-Resident External) और एनआरओ (Non-Resident Ordinary) खाताधारकों को एक नई डिजिटल सुविधा दी है. बैंक ने अंतरराष्ट्रीय मोबाइल नंबरों के माध्यम से यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) सेवाएं शुरू की हैं, जिससे अब प्रवासी भारतीय बिना भारतीय सिम कार्ड के यूपीआई लेनदेन कर सकेंगे.
अब ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, हांगकांग, मलेशिया, ओमान, क़तर, सऊदी अरब, सिंगापुर, यूएई, यूके और अमेरिका सहित 12 देशों में बसे एनआरआई अपने एनआरई/एनआरओ खातों को UPI से लिंक कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें भारतीय मोबाइल नंबर की आवश्यकता नहीं होगी. इस सुविधा के तहत एनआरआई ग्राहक बिल भुगतान, मनी ट्रांसफर और मर्चेंट पेमेंट जैसे लेन-देन सुरक्षित, सुविधाजनक और रियल-टाइम तरीके से कर सकेंगे.
AU बैंक ने बताया कि पात्र एनआरआई ग्राहक बिना किसी अतिरिक्त शुल्क और भारतीय मोबाइल कनेक्शन के बिना UPI पर रजिस्टर कर सकते हैं. यह सुविधा डिजिटल बैंकिंग को आसान और सुलभ बनाएगी, साथ ही सभी नियामकीय मानकों का पालन भी सुनिश्चित करेगी.
एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के ईडी और डिप्टी सीईओ उत्तम टिबरेवाल ने इस नई पहल पर टिप्पणी करते हुए कहा “अंतरराष्ट्रीय मोबाइल नंबरों के साथ एनआरई और एनआरओ खाता धारकों के लिए UPI सक्षम करके हम पारंपरिक सीमाओं को समाप्त कर रहे हैं और एनआरआई को भारत से वित्तीय रूप से जुड़े रहने की शक्ति दे रहे हैं, वह भी आसानी, सुरक्षा और सुविधा के साथ.”
उन्होंने आगे कहा “अब एनआरआई भारत आने पर क्यूआर कोड स्कैन कर कैशलेस भुगतान कर सकेंगे. यह पहल प्रवासी भारतीयों के लिए डिजिटल बैंकिंग पहुंच को बढ़ाने की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम है और ‘डिजिटल इंडिया मिशन’ के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को भी मजबूत करती है.”
यह पहल न केवल एनआरआई समुदाय के लिए बड़ी राहत है, बल्कि यह भारत सरकार के डिजिटल इंडिया मिशन को वैश्विक स्तर पर विस्तार देने की दिशा में एक ठोस कदम भी मानी जा रही है. इससे भारत और विदेशों में बसे भारतीयों के बीच वित्तीय कनेक्टिविटी और मजबूत होगी.
टैग्स