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अब टायर में भी होगी स्टार रेटिंग; जानें क्या हैं नए नियम और कैसे आपको होगा फायदा

एक अक्टूबर से नए डिजाइन के टायर ही मिलेंगे. कार कंपनियों को भी नए डिजाइन के टायर ही इस्तेमाल करने होंगे.  

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

रोड एक्सीडेंट के बढ़ते आंकड़ों से चिंतित सरकार सेफ्टी की दिशा में काम कर रही है. सभी कारों में 6 एयरबैग्स अनिवार्य करने के प्लान के साथ ही सरकार ने टायरों के डिजाइन से जुड़े नए नियम तैयार किए हैं. एक अक्टूबर से नए डिजाइन के टायर ही मिलेंगे. कार कंपनियों को भी नए डिज़ाइन के टायर ही इस्तेमाल करने होंगे.  

फ्यूल एफिशिएंसी 
नए नियमों के मुताबिक, टायरों के लिए 3 प्रमुख कैटेगरी बनाई जाएंगी, यानी C1, C2 और C3. जो ऑटोमोटिव इंडियन स्टैंडर्ड (AIS) के दूसरे स्टेज के तहत अनिवार्य होंगी. यहां C1 से मतलब पर्सनल व्हीकल, C2 लाइटवेट कार्गो व्हीकल और C3 हैवी कार्गो व्हीकल से है. साथ ही, सरकार ने फ्यूल एफिशिएंसी के हिसाब से टायरों की स्टार रेटिंग का भी एक सिस्टम बनाया है. यानी किस कंपनी के टायर आपकी गाड़ी का माइलेज बढ़ा सकते हैं, ये आप स्टार रेटिंग देखकर आसानी से पता लगा लेंगे. 5-स्टार रेटिंग वाले टायर के इस्तेमाल से 5 से 10% फ्यूल बचाया जा सकेगा.

बेहतर होगी ग्रिप 
टायरों के कई नए मानक भी तय होंगे, जो सड़क पर उनके घर्षण, गीली सड़क पर पकड़ और स्पीड में कंट्रोल के साथ चलने के दौरान वह कितनी आवाज करते हैं, आदि के आधार पर उन्हें सुरक्षित बनाएंगे. टायरों की असली परीक्षा गीली सड़क पर होती है. बारिश के मौसम में जब गीली सड़क पर ब्रेक लगाया जाता है, तो पता चलता है कि रोड पर टायर की ग्रिप कैसी है. यदि ग्रिप अच्छी नहीं होती, तो एक्सीडेंट की आशंका बढ़ जाती है. नए डिजाइन के चलते अब सड़क पर टायरों की ग्रिप बेहतर हो जाएगी.

देसी कंपनियों को फायदा
भारत में टायरों के बाजार बढ़ रहा है, इसकी एक बड़ी वजह ख़राब सड़कें भी हैं. अधिकांश राज्यों की सड़कें खस्ताहाल हैं, ऐसे में टायर जल्दी खराब होते हैं. ऑटो इंडस्ट्री के एक्सपर्ट मानते हैं कि नए नियम हर लिहाज से अच्छे हैं और इससे वाहन मालिकों के साथ-साथ स्वदेशी कंपनियों को भी फायदा होगा. अभी भारत में चीन से बड़े पैमाने पर टायरों का आयात किया जाता है, ऐसे में घटिया क्वालिटी के टायर भी यहां खपा दिए जाते हैं, जो अब मुश्किल हो जाएगा. ऐसे में भारतीय कंपनियों के विदेशी कंपनियों से चल रहे कॉम्पिटीशन में भी कमी आएगी.
 


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