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नौकरियों पर कैंची चलाने जा रही है Cisco, क्या भारतीय कर्मचारी भी आएंगे जद में?

इस साल की शुरुआत से नौकरियों में कटौती की खबरें सुनने में आ रही हैं. अब इसमें सिस्को का नाम भी जुड़ने वाला है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

पिछले साल से शुरू हुआ बड़े पैमाने पर छंटनी का सिलसिला इस साल भी जारी है. अब दुनिया की सबसे बड़ी नेटवर्किंग व सॉफ्टवेयर कंपनियों में शुमार सिस्को (Cisco) भी अपने कई कर्मचारियों को बेरोजगार करने जा रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Cisco जल्द ही छंटनी करने की तैयारी में है. हालांकि कंपनी ने अभी ये तय नहीं किया है कि कितने लोगों को नौकरी से निकाला जाएगा, लेकिन माना जा रहा है कि संख्या काफी ज्यादा हो सकती है.

कुल कितने हैं कर्मचारी?
Tech जगत में सिस्को एक बड़ा नाम है. कैलिफोर्निया के सैन जोसे स्थित मुख्यालय वाली इस कंपनी की गिनती सबसे ज्यादा नौकरियां देने वाली कंपनियों में होती है. वित्त वर्ष 2022-23 के अंत तक सिस्को के कुल कर्मचारियों की संख्या 84,900 थी. अब कंपनी अपने बिजनेस को रीस्ट्रक्चर करने में जुटी, इस वजह से हजारों कर्मचारियों की नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं. कंपनी फिलहाल उन सेक्टरों पर ज्यादा ध्यान देना चाहती है, जिनमें ग्रोथ की बेहतर संभावनाएं हैं. 

अगले हफ्ते होगा ऐलान
रिपोर्ट्स में बताया गया है कि Cisco अगले सप्ताह छंटनी का आधिकारिक तौर पर ऐलान कर सकती है. उसी समय छंटनी से प्रभावित होने वाले कर्मचारियों की संख्या की जानकारी भी सामने आएगी. गौरतलब है कि कंपनी ने नवंबर 2022 में भी बिजनेस को रिस्ट्रक्चर करने का ऐलान किया था और उस समय सिस्को ने अपनी टोटल वर्कफोर्स में से करीब 5% की छंटनी की थी. Nokia और Ericsson ने भी लागत में कटौती के नाम पर पिछले साल बड़ी संख्या में कर्मचारियों को नौकरी से निकाला था. इसी तरह, Amazon, Alphabet और Microsoft कुछ समय पहले छंटनी कर चुकी हैं.

भारत में कब हुई थी एंट्री? 
अमेरिका की इस दिग्गज कंपनी के भारत में भी कार्यालय हैं. पिछले साल की एक रिपोर्ट के अनुसार, Cisco के भारत में 15 हजार से ज्यादा कर्मचारी हैं. अभी ये साफ नहीं है कि छंटनी की जद में भारतीय कर्मचारी भी आएंगे या नहीं. कंपनी की भारत में 1995 में एंट्री हुई थी. बेंगलुरु में Cisco Global Development Center है, जिसके बारे में कहा जाता है कि अमेरिका के बाहर कंपनी का ये सबसे बड़ा सेंटर है. गौरतलब है कि इस साल अब तक कई घरेलू कंपनियों ने भी नौकरियों पर कैंची चलाई है.   
 


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