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नोएडा-ग्रेटर नोएडा बना यूपी का सबसे बड़ा INVESTMENT HUB , सबसे ज्यादा मिला निवेश
गौतम बुद्ध नगर में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए सरकार, ग्रेटर नोएडा के बोराकी रेलवे स्टेशन को मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब बनाने की योजना बना रही है, जिसके बाद यहां की तस्वीर ही बदल जाएगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
यूपी में हुआ ग्लोबल इंवेस्टर समिट खत्म हो चुका है. इस पूरे समिट में अकेले गौतम बुद्ध नगर जिले को 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक का इंवेस्टमेंट मिला है. न्यू ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण (नोएडा) और ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश सरकार के लिए ऐसे जिलों के रूप में उभरकर सामने आए हैं जिन्होंने सबसे ज्यादा रेवेन्यू जनरेट किया है. इन दोनों शहरों को 'औद्योगिक टाउनशिप' के रूप में भी जाना जाता है.
यहां मौजूद है कई तरह की इंडस्ट्री
आईटी और सर्विस सेक्टर के साथ-साथ डेयरी, ऊर्जा, कृषि, शिक्षा और नागरिक उड्डयन जैसे बढ़ते उद्योगों में इंवेस्टमेंट और ग्रोथ के कारण इन क्षेत्रों ने उत्तर प्रदेश राज्य के भीतर एक प्रमुख स्थान प्राप्त किया है. यह आधुनिक हाई-राइज हाउसिंग, बिजनेस सेंटर, नॉलेज पार्क, एक्सपो सेंटर और एक्सप्रेसवे और मेट्रो कनेक्टिविटी के लिए बुनियादी ढांचे के ग्रोथ का साक्षी रहा है.
जिले के लिए रेलवे कनेक्टिविटी अभी भी चुनौती
कई तरह की ग्रोथ के बावजूद, ये इलाका अभी भी अंतर-राज्य कनेक्टिविटी के संबंध में चुनौतियों का सामना कर रहा हैं, जिसमें विशेष रूप से रेल और एयर जैसे माध्यम हैं. हवाई संपर्क के मामले में, जेवर में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ तेजी से प्रगति कर रहा है. हालाँकि, इन संपन्न क्षेत्रों के लिए प्रस्तावों और वर्तमान में उपलब्ध रेल कनेक्टिविटी के बावजूद, रेलवे कनेक्टिविटी अभी भी एक चुनौती बनी हुई है. वर्तमान में, केवल दादरी रेलवे स्टेशन जिले के भीतर उत्तर रेलवे के कुछ प्रमुख मार्गों पर पड़ाव के रूप में कार्य करता है. हालाँकि, कुछ ही ट्रेनें हैं जो इस स्टेशन पर रुकती हैं. रेलवे कनेक्टिविटी का हाल ये है कि यहां की आबादी को आनंद विहार, गाजियाबाद और नई दिल्ली में आसपास के रेलवे स्टेशनों पर निर्भर रहना पड़ता है.
निवेश के लिए सबसे पसंदीदा जगह
लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) 2023 में ये क्षेत्र उत्तर प्रदेश के सबसे पसंदीदा इंवेस्टमेंट निवेश गंतव्य के रूप में उभरा है. जीआईएस 2023 उत्तर प्रदेश सरकार का एक प्रमुख निवेश शिखर सम्मेलन था, जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी कंपनियों ने यूपी की कई कंपनियों के साथ एमओयू साइन किया. शिखर सम्मेलन के साथ, राज्य सरकार को 3,292,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए जिसमें 92 लाख लोगों को अनुमानित रोजगार मिलने की संभावना है. अकेले गौतम बुद्ध नगर जिले को 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्राप्त हुआ. इसमें सबसे ज्यादा 1,60,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव यमुना विकास प्राधिकरण के लिए आया, क्योंकि निवेशक आगामी जेवर एयरपोर्ट को लेकर काफी दिलचस्पी दिखा रहे हैं. नोएडा अथॉरिटी के लिए 88,700 करोड़ रुपए के प्रस्ताव आए हैं. इसमें 361 कंपनियों की ओर से 85,993 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए. जबकि अकेले तीनों नोएडा प्राधिकरणों का निवेश हिस्सा 27 प्रतिशत दर्ज किया गया था.
प्रस्तावित रेल कनेक्टिविटी
जेवर में बनने जा रहे एयरपोर्ट से जहां जिले की ग्रोथ को ताकत मिलेगी वहीं नोएडा-ग्रेटर नोएडा प्रशासन माल और यात्री और लॉजिस्टिक सेवा के लिए बेहतर रेल कनेक्टिविटी को लेकर भी काम कर रहे हैं. सरकार इसके लिए ग्रेटर नोएडा के बोराकी रेलवे स्टेशन को पुनर्जीवित करने और मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब (एमएमटीएच) बनाने की योजना बना रही है. इस नए मल्टी मॉडल हब में एक मेट्रो स्टेशन और एक बस टर्मिनल भी होगा, जो रेल कनेक्टिविटी के साथ जुड़ा होगा. बोराकी रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन और बस स्टैंड को यात्री स्काईवॉक से जोड़ा जाएगा ताकि विभिन्न पारगमन मोड के बीच यात्रियों को अधिक सुविधा प्रदान की जा सके.
ग्रेटर-नोएडा प्राधिकरण ने भारत सरकार के सहयोग से एमएमटीएच परियोजना के लिए एक मॉडल योजना विकसित की है. यह बोराकी रेलवे स्टेशन के आसपास के सात गांवों में फैली 478 हेक्टेयर भूमि पर स्थित है और इसे वहां लागू किया जाएगा. इसे भारत सरकार की स्वीकृति मिल चुकी है और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है. अभी तक करीब 80 फीसदी जमीन का अधिग्रहण हो चुका है.
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