Sony और Zee के मर्जर की बदौलत Zee के लिए आई बुरी खबर!

Sony के साथ Zee एंटरटेनमेंट (Zee Entertainment) के मर्जर के बाद ही MSCI द्वारा ग्लोबल स्मॉलकैप इंडेक्स से बाहर कर दिया जाएगा.

Last Modified:
Saturday, 26 August, 2023
Zee SONY Merger

Zee एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) के पूर्व चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर पुनीत गोयनका (Punit Goenka) ने एक बार फिर सिक्योरिटीज अपील ट्रिब्यूनल (SAT) का रुख किया है. इससे पहले भी एक बार पुनीत गोयनका अपने पिता सतीश चंद्रा के साथ SAT का रुख कर चुके हैं. 

इस बार क्यों किया SAT का रुख?
जहां पिछली बार पुनीत गोयनका और सतीश चंद्रा ने SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) के अंतरिम ऑर्डर को चुनौती देते हुए SAT में अपील दायर की थी, वहीं अबकी बार पुनीत गोयनका ने SEBI के उस आदेश को चुनौती दी है जिसके अनुसार पुनीत ZEEL में डायरेक्टर या फिर किसी भी प्रमुख मैनेजरियल पद पर कार्य नहीं कर सकते. SEBI द्वारा एक फंड डायवर्जन मामले की जांच की जा रही थी और इसी मामले की जांच के दौरान SEBI ने पुनीत गोयनका के खिलाफ यह आदेश सुनाया था. 

क्या है SEBI का आदेश? 
SEBI ने अपने आदेश में कहा था कि पुनीत गोयंका और उनके पिता सुभाष चंद्रा Zee एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) में डायरेक्टर या फिर किसी प्रमुख मैनेजरियल पद पर काम नहीं कर सकते. ZEEL ही नहीं, अन्य पब्लिक लिस्टेड कंपनियों, ZEEL के अधिकार वाली किसी भी शाखा या फिर परिणाम वश सामने आई किसी भी कंपनी में पुनीत गोयनका और उनके पिता डायरेक्टर या फिर किसी प्रमुख पद पर काम नहीं कर सकते.  

SAT से क्या सवाल करेंगे पुनीत गोयनका? 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सिर्फ पुनीत गोयनका ने ही SAT का रुख किया है और उनके पिता सुभाष चंद्रा ने SAT का रुख नहीं किया है. SAT द्वारा इस मामले की सुनवाई 30 अगस्त को की जाएगी. SEBI द्वारा पुनीत गोयनका और सुभाष चंद्रा के खिलाफ यह आदेश SEBI के अंतरिम आदेश के बाद सामने आया था. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पुनीत गोयनका SAT के सामने यह सवाल रखने की कोशिश करेंगे कि जांच के दौरान उन्हें ऑफिस से बाहर कैसे किया जा सकता है? 
 

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नेटफिलिक्‍स के सब्‍सक्राइबर्स में हो गया इतना इजाफा, तिमाही नतीजों में भारत का आया ये नंबर 

जून तिमाही में नेटफ्लिक्स पर बड़ी संख्‍या में नया कंटेट सामने आया है. इसमें हीरामंडी और अमर सिंह चमकीला से लेकर शैतान तक शामिल हैं. 

Last Modified:
Saturday, 20 July, 2024
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ओटीटी प्‍लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स ने अपनी जून तिमाही के नतीजों को जारी करते हुए भारत में हुई कमाई के आंकड़ों का ब्‍यौरा भी जारी किया है. आंकड़े बता रहे हैं कि कंपनी के लिए भारत दूसरा सबसे बड़ा बाजार बन चुका है. जून तिमाही के नतीजों में कंपनी को एशिया पैसिफिक से 28.3 करोड़ सब्‍सक्राइबर मिले हैं. वहीं कंपनी के कुल सब्‍सक्राइबरों की बात करें तो वो 80 करोड़ के पार पहुंच गई है. 

कंपनी के राजस्‍व में भी भारत की बड़ी भूमिका 
कंपनी की ओर से जून तिमाही में राजस्‍व के जो आंकड़े में हुई ग्रोथ और पूरी दुनिया में से हुए राजस्‍व में ग्रोथ से  कुछ ही कम है. पूरी दुनिया से जहां कंपनी की कमाई में 16.8 प्रतिशत का इजाफा हुआ है और रेवेन्‍यू 9.56 बिलियन तक पहुंच गया है वहीं एशिया में ये 14.5 प्रतिशत बढ़कर 1.05 बिलियन तक पहुंच गया है. 

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राजस्‍व में हुए इजाफे की ये रही वजह
नेटफ्लिक्स की ओर से जारी किए गए नतीजे बता रहे हैं कि कंपनी को उसके कंटेट से अपने सब्‍सक्राइबर बेस को बढ़ाने में काफी मदद मिली. कंपनी ने इस तिमाही में काफी नया कंटेट पेश किया जिससे उसके सब्‍सक्राइबर बेस में बड़ा इजाफा हुआ. कंपनी की ओर से जो नया कंटेट पेश किया गया उसमें संजय लीला भंसाली की हीरामंडी और इम्तियाज अली की फिल्‍म अमर सिंह चमकीला शामिल है. इस दौरान हीरामंडी को जहां सबसे ज्‍यादा 1.5 करोड़ व्‍यूज मिले वहीं अमर सिंह चमकीला को 83 लाख बार देखा गया. 

नेटफ्लिक्स के लिए भारत की अहम भूमिका
नेटफ्लिक्स के लिए भारत की भूमिका इस मायने में भी सबसे अहम है क्‍योंकि यहां उसके कंटेट को बड़ी संख्‍या में पसंद किया जा रहा है. जून में प्‍लेटफॉर्म पर आए नए कंटेट में अजय देवगन और माधवन स्‍टारर शैतान जैसी लाइसेंस्‍ड फिल्‍मों की भूमिका अहम रही वहीं खुद कंपनी के सीईओ टेड सराडोंस का कहना है कि भारत ने उनकी ग्रोथ में अहम भूमिका निभाई है. उन्‍हें उम्‍मीद है कि आने वाले दिनों में भी वो अपनी ग्रोथ को ऐसे ही बनाए रखेंगे. 
 

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HDFC बैंक के तिमाही नतीजे शानदार, हर रोज हुआ 180 करोड़ रुपये का मुनाफा

एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) ने वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजों की घोषणा की. इस तिमाही में बैंक ने जबरदस्त कमाई की है. 

Last Modified:
Saturday, 20 July, 2024
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एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) ने शनिवार को वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे जारी किए हैं. इस तिमाही में कंपनी को जबरदस्त लाभ हुआ है. आपको बता दें, इन तीन महीनों में बैंक को रोजाना करीब 180 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है. लेकिन इतनी कमाई के बावजूद भी इस तिमाही में बैंक का मुनाफा पिछले वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही के मुकाबले कम रहा है. तो आइए जानते हैं इस तिमाही में कंपनी ने कुल कितनी कमाई की है? 

तिमाही में कुल इतनी हुई कमाई
तिमाही के नतीजे जारी करते हुए बैंक ने जानकारी दी है कि उसके मुनाफे में 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. वहीं, इस तिमाही में बैंक का नेट प्रॉफिट करीब 16175 करोड़ रुपये रहा है. वहीं, इतनी कमाई के बाद भी बैंक का मुनाफा पिछले वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही के मुकाबले 2 प्रतिशत कम रहा, क्योंकि बैंक ने वित्त वर्ष 2024 की चौथी तिमाही में 16512 करोड़ रुपये कमाए थे.

ब्याज से भी हुई खूब कमाई
बैंक ने ब्याज से भी अच्छी कमाई की है. इस तिमाही में बैंक ने ब्याज से 73033 करोड़ रुपये कमाए हैं. बैंक ने पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 48587 करोड़ रुपये ब्याज के रूप में कमाए थे. ब्याज के रूप में कमाई में पिछली तिमाही के मुकाबले 2.6 प्रतिशत का उछाल आया है. इसके अलावा अन्य सोर्स से इनकम में भी 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 10668 करोड़ रुपये कमाए. 

ग्रॉस NPA में वृद्धि, रिटर्न ऑन असेट्स में गिरावट
बैंक के ग्रॉस नॉन परफॉर्मिंग असेट (NPA) में बढ़ोत्तरी हुई है. जून तिमाही में यह बढ़कर 1.33 प्रतिशत हो गया. जबकि पिछली मार्च तिमाही में ये 1.24 प्रतिशत और एक साल पहले समान तिमाही में 1.17 प्रतिशत था. बैंक का नेट एनपीए में जून तिमाही में बढ़कर 0.39 प्रतिशत हो गया है. जोकि पिछली मार्च तिमाही में 0.33 प्रतिशत  और एक साल पहले समान तिमाही में 0.30 प्रतिशत था. उधर, बैंक के रिटर्न ऑन असेट्स (ROA) में गिरावट आई है. इस तिमाही में यह 0.47 प्रतिशत रहा और पिछली मार्च तिमाही में यह 0.49 प्रतिशत था. 

लोगों ने जमा किए करीब 238 करोड़ रुपये 
एचडीएफ बैंक में लोगों ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में खूब पैसा जमा किया. बैंक के अनुसार इस तिमाही में करीब 238 करोड़ रुपये जमा हुए. यह पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले करीब 24 प्रतिशत ज्यादा है. वहीं सेविंग्स अकाउंट में करीब 60 करोड़ रुपये और करंट अकाउंट में करीब 27 करोड़ रुपये जमा हुआ.

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YES बैंक के जारी हुए नतीजे, नेट प्रॉफिट 500 करोड़ के पार, शेयरों पर क्‍या पड़ेगा इसका असर?

बैंक की कर्जदाताओं से स्‍टैंडअलोन शुद्ध ब्‍याज आय पिछले वर्ष की समान अवधि में 2000 करोड़ रुपये की तुलना में साल दर साल 12.2 प्रतिशत बढ़कर 2243.9 करोड़ हो गई है.

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Saturday, 20 July, 2024
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यस बैंक ने पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं. मुश्किलों में घिरे इस बैंक ने पहली तिमाही जो मुनाफा कमाया है उसने शेयर धारकों में नई उम्‍मीद जगा दी है. बैंक ने पहली तिमाही में 502.43करोड़ का शुद्ध लाभ हुआ है. वहीं अगर बैंक के पिछले साल के क्‍वॉर्टर वन के PAT के रिजल्‍ट पर नजर डालें तो 342.52 करोड़ से 46.4 प्रतिशत अधिक है. कंपनी के इन नतीजों के बाद शेयरधारकों में नई उम्‍मीद जग गई है. सोमवार को शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है. 

क्‍या कह रहे हैं पहली तिमाही के आंकड़े? 
यस बैंक की ओर से एक्‍सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार बैंक ने 2025 की पहली तिमाही में ब्‍याज से 7719.15 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है. वहीं अगर 2024 की पहली तिमाही से इसकी तुलना करें तो उस वक्‍त बैंक ने 6443.22 करोड़ रुपये कमाए थे. इस बार की कमाई 19 प्रतिशत अधिक है. वहीं कर्जदाताओं से स्‍टैंडअलोन शुद्ध ब्‍याज आय पिछले वर्ष की समान अवधि में 2000 करोड़ रुपये की तुलना में साल दर साल 12.2 प्रतिशत बढ़कर 2243.9 करोड़ हो गई है. वहीं बैंक के एनपीए पर नजर डालें तो वो पहली तिमाही में 1.7 प्रतिशत रहा है. 

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कैसे रहे हैं बैंक के वित्‍तीय हालात?  
यस बैंक के वि‍त्‍तीय हालातों पर नजर डालें तो जून 2024 तिमाही में यस बैंक ने शुद्ध 229565 करोड़ रुपये का शुद्ध अग्रिम लाभ दर्ज किया. इसमें सालाना 14.70 प्रतिशत की ग्रोथ और तिमाही दर तिमाही 0.80 प्रतिशत का इजाफा देखने को मिला है. अप्रैल से जून 2024 तक निजी कर्जदाता की कुल जमा राशि 20.80 प्रतिशत बढ़कर 265072 करोड़ रुपये तक हो गई है. वहीं अगर CASA पर नजर डालें 30.80 प्रतिशत रहा, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में 29.40 प्रतिशत और पिछली तिमाही में 30.90 प्रतिशत था. 

कंपनी के सीईओ ने कही क्‍या बात? 
वहीं कंपनी के सीईओ प्रशांत कुमार ने कहा कि बैंक ने वित्तिय वर्ष की शुरुआत मजबूती से की है. पहली तिमाही में शून्‍य पीएसएल की कमी के बावजूद रेट ऑफ इंट्रेस्‍ट 0.5 प्रतिशत बना हुआ है. बैंक परिचालन लागत बढ़ोतरी को 8.0 प्रतिशत पर रखने में सक्षम रहा है. वहीं बैंक के शेयर की स्थिति पर नजर डालें तो शुक्रवार को बाजार में इसकी कीमत 24.80 रुपये पर बंद हुआ. इसमें 3.69 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिला. इन नतीजों के बाद अब सोमवार को उम्‍मीद है कि शेयर में सोमवार को तेजी देखी जा सकती है. 
 


दिवालिया कार्यवाही के खिलाफ Byju's ने कर्नाटक हाई कोर्ट में डाली याचिका, कही ये बात

Byju's (बायजू) के फाउंडर और सीईओ रवींद्रन पर निवेशकों ने कॉरपोरेट प्रशासन में चूक का आरोप लगाया है. हालांकि कंपनी ने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है. 

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Saturday, 20 July, 2024
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हाल में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने एडटेक कंपनी Byju's (बायजू) के खिलाफ दिवालिया कार्रवाई के लिए याचिका दायर की. इस याचिका को कोर्ट ने स्वीकार कर लिया, जिसके बाद से बायजू की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं. बायजू पर कर्मचारियों की नौकरी जाने से लेकर कंपनी बंद होने तक का संकट छाया हुआ है. वहीं, कंपनी ने इस दिवालिया कार्रवाई के खिलाफ कर्नाटक हाई कोर्ट में एक याचिका दायक करके कोर्ट के सामने एक इच्छा जाहिर की है, ताकि कंपनी को इस कार्रवाई से बचाया जा सके. तो आइए जानते हैं कंपनी ने कोर्ट में क्या कहा? 

कोर्ट में दायर की याचिका 
बायजू ने कर्नाटक हाई कोर्ट (High Court) में याचिका दायर कर कहा है कि अगर उसके खिलाफ शुरू की गई दिवालिया कार्यवाही नहीं रोकी गई, तो हजारों कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने पर मजबूर होना पड़ेगा और कंपनी की सेवाएं पूरी तरह से बंद हो जाएगी. इस कार्यवाही से मेंटेनेंस के लिए बायजू को सेवा देने वाले वेंडर को भी डिफॉल्टर घोषित करना होगा और फिर सारा ऑपरेशन ठप हो जाएगा. इसके पहले दूसरे मामलों में दिवालिया कार्यवाही शुरू होने से बायजू की संपत्तियां अटैच कर ली गई हैं और उसके बोर्ड को भी निलंबित कर दिया गया है. बायजू के पास अभी 27 हजार कर्मचारी हैं, जिनमें 16,000 शिक्षक शामिल हैं. आपको बता दें, कई निवेशकों ने बायजू के फाउंडर औक सीईओ रवींद्रन पर कारपोरेट प्रशासन में चूक का आरोप लगाया है. हालांकि, कंपनी ने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है.

90 दिन के अंदर बीसीसीआई को बकाया राशि का भुगतान

रवींद्रन के वकील ने कर्नाटक हाईकोर्ट में 452-पन्नों की अपील दायर की है. कोर्ट इस पूरे मामले की सुनवाई 22 जुलाई को करेगी. अपील में कहा गया है कि रवींद्रन 90 दिनों के अंदर बीसीसीआई को बकाया राशि का भुगतान करने के लिए तैयार है. इसके पहले BCCI ने 158 करोड़ रुपये की बकाया राशि वसूलने के लिए, पिछले साल बायजू की मूल कंपनी थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ याचिका दायर की थी.

नेशनल कंपनी ला ट्रिब्यूनल स्वीकार की बीसीसीआई की याचिका 
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने नेशनल कंपनी ला ट्रिब्यूनल (NCLT) को बायजू के खिलाफ दिवालिया कार्यवाही शुरू करके लिए याचिका दी थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया है. ये मामला भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी के लिए बायजूस और बीसीसीआइ के बीच स्पॉन्सरशिप समझौते से जुड़ा है. बीसीसीआइ ने 158.9 करोड़ रुपये की बकाया राशि वसूलने के लिए बायजूस की मूल कंपनी थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ पिछले साल याचिका दायर की थी. इस याचिका के खिलाफ बायजू ने कर्नाटक हाई कोर्ट में याचिका दायर की है. 

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इस कंपनी ने लॉन्‍च किया नया म्‍यूचुअल फंड, सिर्फ इतने से कर सकते हैं निवेश की शुरुआत 

नवी म्यूचुअल फंड ने निफ्टी 500 मल्टीकैप 50:25:25 को ट्रैक करने वाला पहला इंडेक्स फंड लॉन्च किया है. यह एनएफओ 18 जुलाई 2024 को खुल रहा है और 30 जुलाई 2024 को बंद होगा. 

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Saturday, 20 July, 2024
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पिछले कुछ सालों में निवेश के बाजार की ओर देखें तो म्‍यूचुअल फंड में बड़ी संख्‍या में लोगों ने निवेश किया है. स्थिति ये है कि स्‍मॉल कैप से लेकर लार्ज कैप तक के फंड में बड़ी संख्‍या में निवेश हो रहा है. उसी को देखते हुए कंपनियां भी लगातार फंड लॉन्‍च कर रही हैं. इसी को देखते हुए इन्वेस्टमेंट कंपनी नावी म्यूचुअल फंड (नावी एमएफ) ने नावी निफ्टी 500 मल्टीकैप 50:25:25 इंडेक्स फंड के लॉन्च की घोषणा की है. ये फंड निफ्टी 500 मल्टीकैप 50:25:25 इंडेक्स को ट्रैक करने के लिए पहला इंडेक्स फंड है. यह फंड लागू एनएवी (अंकित मूल्य: 10 रुपये/-) पर यूनिट्स की लगातार पेशकश कर रहा है. न्यू फंड ऑफर (एनएफओ) 18 जुलाई 2024 को खुल रहा है और 30 जुलाई 2024 को बंद होगा. 

ये है इस फंड की खास बात 
निफ्टी 500 मल्टीकैप 50:25:25 इंडेक्स निवेशकों को भारतीय शेयर बाजार में लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में डाइवर्सिफाइड निवेश हासिल करने का एक बेहतर अवसर प्रदान करता है. यह इनोवेटिव इंडेक्स लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप सेग्मेंट को 50%, 25% और 25% का एक तय वेटेज एलोकेट (आवंटित) करता है. इसके अलावा, यह स्ट्रैटेजिक एलोकेशन किसी एक मार्केट-कैप कैटेगरी में फोकस घटाकर जोखिम को कम करने में मदद करता है. 

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निवेशकों को इससे होगा ये फायदा 
निफ्टी 500 इंडेक्स की तुलना में, जिसका लार्ज-कैप एलोकेशन करीब 71.8 फीसदी है, निफ्टी 500 मल्टीकैप 50:25:25 मिड और स्मॉल-कैप कंपनियों (50% बनाम 28.2%) को अधिक एक्सपोजर प्रदान करता है. यह बढ़ा हुआ एक्सपोजर निवेशकों को लंबी अवधि में हायर ग्रोथ की संभावनाएं प्रदान करता है. इंडेक्स फंड होने की वजह से, मल्टीकैप कैटेगरी में एक्टिव फंड की तुलना में एक्सपेंस रेश्यो सबसे कम होगा. एक्टिवली मैनेज्ड फंड के विपरीत, नावी निफ्टी 500 मल्टीकैप 50:25:25 इंडेक्स फंड पैसिवली इंडेक्स को ट्रैक करता है. 

क्‍या बोले कंपनी के प्रवक्‍ता? 
नावी म्यूचुअल फंड के प्रवक्ता ने कहा कि नावी निफ्टी 500 मल्टीकैप 50:25:25 इंडेक्स फंड उन लोगों के लिए एक संतुलित निवेश का अवसर प्रदान करता है जो भारतीय बाजार में प्रवेश करना चाहते हैं। "बैलेंस्ड एलोकेशन के लिए लार्जकैप कंपनियों को 50 फीसदी और संभावित हायर ग्रोथ के लिए मिड-कैप कंपनियों को बची राशि एलोकेट करने के साथ, यह फंड एक बैलेंस और स्ट्रैटेजिक तरीका सुनिश्चित करते हुए, स्टॉक के चयन या मार्केट टाइमिंग के जोखिम को कम करता है. 


धारावी पर महाभारत की तैयारी, उद्धव ठाकरे बोले - हम मुंबई को Adani City नहीं बनने देंगे 

एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती धारावी (Dharavi Slum) को लेकर उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार और गौतम अडानी की चिंता बढ़ाने वाला बयान दिया है.

Last Modified:
Saturday, 20 July, 2024
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महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना (UBT) के प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने राज्य की एकनाथ शिंदे सरकार पर जमकर हमला बोला है. साथ ही उनके निशाने पर अरबपति कारोबारी गौतम अडानी भी रहे हैं. उद्धव ने आज यानी शनिवार को प्रेस कान्फ्रेंस करके आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार मुंबई को अडानी सिटी बनाना चाहती है, जो हम कभी होने नहीं देंगे. उन्होंने अडानी पर निशाना साधते हुए कहा कि आज मैं यहां एक योजना के बारे में कुछ कहने आया हूं. वो योजना है - लाड़ला उद्योगपति योजना'. 

चक्रव्यू में फंसाने की कोशिश
उद्धव ठाकरे ने कहा कि धारावी में हमने आंदोलन किया था. वहां के लोगों को 500 वर्ग फुट का घर हर हाल में मिलना चाहिए. ठाकरे ने कहा कि धारावी के हर घर में एक माइक्रो व्यापार चलता है, इसके लिए क्या उपाय किया जाएगा? सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए. पूर्व CM ने आगे कहा कि ये लोग मुंबई का नाम अडानी सिटी भी कर देंगे. इनकी कोशिश चल रही है, उसे हम ऐसा होने नहीं देंगे.  उन्होंने कहा कि धारावी के लोगों को पात्र और अपात्र के चक्रव्यू में फंसाने की कोशिश जारी है. यदि हम सत्ता में सत्ता में आते हैं, तो धारावी के लोगों को दूसरी जगह नहीं बसाया जाएगा. हम धारावी में ही कारोबार की उचित व्यवस्था करेंगे.

पिछले साल जीती थी बोली
शिवसेना (UBT) प्रमुख  ने कहा कि धारावी का विकास होना चाहिए, न कि अडानी का.  यदि अडानी ये सब पूरा नहीं कर सकते, तो दोबारा टेंडर कराया जाए. हम मुंबई को अडानी सिटी कभी नहीं बनने देंगे. बता दें कि एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती धारावी (Dharavi Slum) को फिर से विकसित किया जाना है. धारावी के रीडेवलमेंट का काम गौतम अडानी को मिला है. पिछले साल उनकी कंपनी ने इसके लिए बोली जीती थी. इस प्रोजेक्ट के तहत करीब 20,000 करोड़ रुपए में मध्य मुंबई में स्थित 259 हेक्टेयर में फैली धारावी झुग्गी बस्ती का रीडेवलपमेंट किया जाएगा. 

अडानी ने इन्हें सौंपी जिम्मेदारी
अडानी समूह ने इस काम के लिए एक नई कंपनी भी बनाई है. जनवरी में खबर आई थी कि अडानी समूह ने धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड (DRPPL) के तहत अमेरिका की डिजाइनिंग कंपनी Sasaki और ब्रिटेन की कंसल्टेंसी फर्म Buro Happold के साथ-साथ आर्किटेक्ट हफीज कॉन्ट्रैक्टर के साथ हाथ मिलाया है. Sasaki और Buro Happold अर्बन प्लानिंग और इंजीनियरिंग सेक्टर की प्रसिद्ध कंपनियां हैं. इसके अलावा, सिंगापुर के विशेषज्ञों को भी प्रोजेक्ट टीम के साथ जोड़ा जा रहा है. DRPPL में अडानी ग्रुप की 80% और महाराष्ट्र सरकार की 20% हिस्सेदारी है. अडानी प्रॉपर्टीज ने इस प्रोजेक्ट के लिए 5,069 करोड़ रुपए की बोली लगाई थी.

सिंगापुर की तर्ज पर होगा विकास
कुछ समय पहले डीआरपीपीएल के प्रवक्ता ने कहा था कि धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट प्रोजेक्ट के लिए सिंगापुर प्रेरणा का काम करेगा. क्योंकि 1960 के दशक में सिंगापुर की स्थिति भी धारावी जैसी थी, लेकिन आज वह पूरी दुनिया के लिए एक उदाहरण है. धारावी में 8.5 लाख से अधिक लोग रहते हैं. इस हिसाब से देखें, तो यहां प्रति वर्ग किमी में 354,167 लोग रहते हैं. यह दुनिया की छठी सबसे घनी बस्ती है. यहां 6,000 से अधिक छोटी और मझोली यूनिट्स कार्यरत हैं.

कितने साल में होगा कायाकल्प?
धारावी में शिक्षा का स्तर और साफ-सफाई की स्थिति बेहद चिंताजनक है. अडानी समूह की कंपनी Adani Properties धारावी को पूरी तरह बदलने की योजना में जुट गई है. इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद कंपनी को मध्य मुंबई में लाखों वर्ग फुट आवासीय और वाणिज्यिक परिसरों को बेचकर हाई रिवेन्यु जुटाने में मदद मिलेगी. धारावी का पुनर्विकास अलग-अलग चरणों में किया जाएगा. Adani समूह पहले वर्तमान निवासियों को शिविरों में स्थानांतरित करेगा, ताकि उनके लिए नए घरों का पुनर्निर्माण किया जा सके. प्रोजेक्ट में बिक्री वाली इमारतें भी बनाई जाएंगी, जो प्रोजेक्ट लागत वसूलने में मदद करेंगी. इस इलाके के पुनर्वास के लिए परियोजना की कुल समयसीमा 7 साल है.

अटकती रही है योजना
धारावी को फिर से विकसित करने के लिए योजना दो दशक पहले बनाई गई थी, लेकिन इसमें कई तरह की दिक्कतें आती रहीं. महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार ने अक्टूबर 2022 में नए टेंडर जारी करके इस काम को आगे बढ़ाया. इससे पहले, उद्धव ठाकरे सरकार ने साल 2019 में इस प्रोजेक्ट के लिए लगी बोली को रद्द कर दिया था. बता दें कि धारावी को अंग्रेजों के समय बसाया गया था. यह एशिया की सबसे बड़ी बस्ती है. यहां कितने लोग रहते हैं इसका कोई सही आंकड़ा नहीं है. लेकिन एक अनुमान के मुताबिक, धारावी में 8.5 लाख लोग रहते हैं.
 


NCR की तर्ज पर बन रहे SCR के लिए अधिसूचना जारी, जानें क्या है CM योगी का पूरा प्लान

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने स्टेट कैपिटल रीजन यानी SCR के लिए अधिसूचना जारी कर दी है. सरकार इसे जल्द अस्तित्व में लाना चाहती है.

Last Modified:
Saturday, 20 July, 2024
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उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपनी महत्वकांक्षी परियोजना क लिए अधिसूचना जारी कर दी है. यूपी सरकार नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) की तर्ज पर स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) बनाने जा रही है. इस प्रोजेक्ट को लेकर काफी समय से खबरें आती रही हैं, लेकिन अब सरकार ने अधिसूचना जारी करके यह स्पष्ट कर दिया है कि वो तेजी से SCR बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है. योगी सरकार की इस योजना के तहत 27860 वर्ग मीटर क्षेत्रफल का अधिग्रहण किया जाएगा. प्रदेश के कई शहरों को SCR में शामिल किया जाएगा. 

CM योगी होंगे चेयरमैन
जानकारी के अनुसार, योगी सरकार अब फुल स्पीड से एससीआर पर काम करना चाहती है. स्टेट कैपिटल रीजन में लखनऊ, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, सीतापुर और बाराबंकी को शामिल किया गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस प्राधिकरण के चेयरमैन होंगे. जबकि मुख्य सचिव, विभागीय अपर मुख्य सचिव, विभागीय सचिव, अपर मुख्य सचिव सहित महत्वपूर्ण विभागों के सचिव इसके सदस्य बनेंगे. साथ ही सभी 6 जिलों के डीएम और विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष भी सदस्य होंगे. इसके अलावा, भारत सरकार और रक्षा मंत्रालय द्वारा नामित अधिकारी भी प्राधिकरण के सदस्य होंगे. 

इनकी भी होगी नियुक्ति
नेशनल कैपिटल रीजन यानी एससीआर प्राधिकरण के सचिव का पद डिविजनल कमिश्नर लखनऊ के पास रहेगा. सरकार का मानना ​​है कि एससीआर शहरीकरण के लिए उचित ढांचा तैयार करेगा और इससे शहरों का नियोजित विकास हो पाएगा. सरकार इस क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए सलाहकारों की भी नियुक्त करेगी. SCR के लिए प्रस्तावित क्षेत्र का नक्शा तैयार करते समय शिक्षा, चिकित्सा, स्वास्थ्य, पुरातात्विक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और पर्यटन को भी ध्यान में रखा जाएगा. एससीआर में लखनऊ और उसके आसपास के जिले जैसे कि हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, सीतापुर और बाराबंकी को शामिल किया जाएगा. 

बैठकों के चले हैं कई दौर
नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) की योजना को लेकर सरकार ने संबद्ध विभागों के साथ कई दौर की बैठकें की हैं. साथ ही मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को अगले 50 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं. स्थानीय लोगों में भी इस योजना को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है. उन्हें विश्वास है कि SCR का हिस्सा बनने से उनके क्षेत्र का भी वैसे ही विकास हो सकेगा, जैसा कि NCR में शामिल शहरों का होता आया है. बता दें कि NCR में दिल्ली सहित उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के कई निकटतम जिले शामिल हैं. 

एनसीआर के क्या हैं फायदे?
एनसीआर में शामिल क्षेत्रों को बेहतर योजना मिलती है. एनसीआर का हिस्सा होने की वजह से क्षेत्र में निवेश की गतिविधियां बढ़ जाती हैं. NCR में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं होती हैं. साथ ही क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है. बिजली-पानी और सड़क जैसी मूलभूत सेवाएं भी यहां अपेक्षाकृत बेहतर हैं.  इन शहरों को रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) और बेहतर सड़कों के जरिए दिल्ली के साथ कनेक्टिविटी प्रदान की गई है. यही माना जा रहा है कि नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) की तर्ज पर यूपी में बनने वाले स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के साथ भी ऐसा ही होगा.
 


नहीं थम रहा है पूजा खेड़कर का विवाद, अब अमिताभ कांत ने ये कहकर उठाया मामला?

पूजा के खिलाफ यूपीएससी की ओर से कार्रवाई करते हुए उनकी ट्रेनिंग को कैंसिल कर दिया गया है वहीं दूसरी ओर उनकी मां को पुलिस किसान को धमकाने के आरोप में गिरफ्तार कर चुकी है.

Last Modified:
Saturday, 20 July, 2024
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लाल बत्‍ती से लेकर अलग रूम की मांग को लेकर विवादों में आई ट्रेनी आईएएस पूजा खेड़कर का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है. पहले जहां उनकी मां को गिरफ्तार किया गया उसके बाद उनकी ट्रेनिंग को भी रद्द कर दिया गया. इससे भी परे अब नीति आयोग के पूर्व सीईओ और मौजूदा जी 20 शेरपा अमिताभ कांत ने कहा है कि डिस्‍एबिलिटी क्राइटेरिया की एक बार फिर समीक्षा होनी चाहिए. हालांकि उन्‍होंने एससी एसटी ओबीसी क्राइटेरिया का समर्थन किया है. 

अमिताभ कांत ने कही क्‍या बात? 
जी 20 शेरपा अमिताभ कांत ने इस पूरे मामले को लेकर ट्वीट करते हुए कहा कि ‘शीर्ष सिविल सेवाओं में प्रवेश के लिए यूपीएससी के माध्यम से धोखाधड़ी के कई मामले सामने आ रहे हैं. ऐसे सभी मामलों की पूरी जांच होनी चाहिए और सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.' चयन के लिए योग्यता और सत्यनिष्ठा के आधार से कभी समझौता नहीं किया जाना चाहिए. मैं एससी/एसटी या ओबीसी आरक्षण के पक्ष में हूं. क्रीमी लेयर नियम लागू होने के साथ ये आरक्षण जारी रहना चाहिए. हालाँकि, शारीरिक और मानसिक रूप से विकलांगों के लिए मौजूदा आरक्षण और शीर्ष सिविल सेवाओं के लिए तीसरे लिंग के लिए प्रस्तावित 1% आरक्षण की समीक्षा करने की आवश्यकता है. उनका दुरुपयोग हो रहा है.

पूजा खेड़कर की कैंसिल हो चुकी है ट्रेनिंग
ट्रेनी आईएएस पूजा खेड़कर के मामले के सामने आने के बाद अब तक इस मामले में कई तरह की कार्रवाई हो चुकी है. यूपीएससी की ओर से कार्रवाई करते हुए उनकी ट्रेनिंग को कैंसिल कर दिया गया है वहीं दूसरी ओर उनकी मां को भी पुलिस जमीन के लिए किसान को धमकाने के आरोप में गिरफ्तार कर चुकी है. पुलिस ने उनकी मां के पास से पिस्‍तौल भी बरामद की है. यूपीएससी की ओर से उनके खिलाफ गलत जानकारियां देने को लेकर मुकदमा दर्ज कराया गया है. यूपीएससी की शिकायत पर दिल्‍ली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है. 

आखिर क्‍या होता है विक्‍लांगता कोटा? 
विक्‍लांगता कोटा के तहत यूपीएससी में कुल पदों का एक निश्चित प्रतिशत उन लोगों के लिए सुरक्षित होता है जो लोग विक्‍लांग होते हैं. इस कोटे का मकसद सभी वर्गों तक अवसर बराबर संख्‍या में उपलब्‍ध कराना है. केन्‍द्र सरकार के अधिनियम 1995 के अनुसार कुल पदों का तीन प्रतिशत विक्‍लांग लोगों के लिए सुनिश्चित होता है. इसमें वो लोग शामिल होते हैं जो लोग कम देख सकते हैं, कम सुन सकते हैं. यही नहीं जो लोग हड्डियों, ज्‍वॉइंट्स और मसल्‍स से विक्‍लांग होते हैं वो भी इसमें शामिल हैं. 

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पतंजलि ने की तिमाही नतीजों की घोषणा, इनकम घटी लेकिन नेट प्रॉफिट में हुआ जबरदस्त इजाफा

पतंजलि फूड्स ने अपने तिमाही नतीजों की घोषणा कर दी है. इसमें कंपनी के नेट प्रॉफिट में 3 गुना इजाफा हुआ है. वहीं, शुक्रवार को कंपनी के शेयरों की कीमतों में गिरावट देखने को मिली थी. 

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Saturday, 20 July, 2024
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खाद्य, तेल और घरेलू उपयोग का सामान बनाने वाली बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि फूड्स लिमिटेड ने अपने तिमाही नतीजों की घोषणा कर दी है. चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 3 गुना बढ़ गया है. वहीं, एक साल पहले की समान तिमाही में इसका नेट प्रॉफिट 87.75 करोड़ रुपये था. हालांकि, कंपनी की इनकम में गिरावट देखने को मिली है. इसके बावजूद भी नेट प्रॉफिट में इजाफा हुआ है. तो इए जानते हैं कंपनी का नेट प्रॉफिट अब कितना हो गया है? 

इनकम घटने के बाद भी नेट प्रॉफिट में इजाफा
कंपनी ने अपने चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही की घोषणा करते हुए बताया है कि उनकी कंपनी का नेट प्रॉफिट 3 गुना बढ़कर 262.90 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. वहीं, एक साल पहले की समान तिमाही में इसका नेट प्रॉफिट 87.75 करोड़ रुपये था. वहीं, कंपनी की इनकम घट गई है. कुल आय घटकर इस वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में 7,202.35 करोड़ रुपये रही, जोकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह 7,810.50 करोड़ रुपये थी. 

शेयर बाजार में कैसा है प्रदर्शन?
पिछले एक साल के दौरान पतंजलि फूड्स के शेयरों का प्रदर्शन बहुत ज्यादा अच्छा नहीं रहा है. पिछले एक साल में पतंजलि के शेयर ने 25.3 प्रतिशत का रिटर्न दिया है. वहीं, एक महीने से शेयर को होल्ड करने वाले लोगों 13.5 प्रतिशत का लाभ हुआ है. बीएसई में कंपनी का 1,769.15 रुपये और 52 वीक लो लेवल 1,170.10 रुपये है. पतंजलि फूड्स का मार्केट कैप 57,598.81 करोड़ रुपये का है. वहीं, शुक्रवार को कंपनी का शेयर एनएसई पर 0.66 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,590 रुपये पर बंद हुआ. बीएसई पर 0.74 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,591.15 रुपये पर बंद हुआ. 

कंपनी ने लगातार दिया निवेशकों को डिविडेंड 
कंपनी ने आखिरी बार मार्च 2024 में एक्स-डिविडेंड स्टॉक के तौर पर ट्रेड किया था. तब कंपनी ने एक शेयर पर 6 रुपये का डिविडेंड दिया था. वहीं, 2023 में कंपनी 6 रुपये का डिविडेंड दिया था.

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जिस परेशानी ने सबको किया पस्त, उससे Air India रही अछूती, 1 फ्लाइट भी नहीं हुई रद्द 

माइक्रोसॉफ्ट आउटरेज के चलते कल पूरी दुनिया कुछ घंटों के लिए थम गई. इसकी सबसे ज्यादा मार एविएशन सेक्टर पर पड़ी.

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Saturday, 20 July, 2024
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अमेरिकी एंटी-वायरस कंपनी क्राउडस्ट्राइक के सॉफ्टवेयर अपडेट के चलते कल पूरी दुनिया में माइक्रोसॉफ्ट के सिस्टम प्रभावित हुए और सबकुछ थम गया. पूरी दुनिया के करीब 95% कंप्यूटर माइक्रोसॉफ्ट के ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलते हैं, इसलिए इसका प्रभाव व्यापक रहा. सबसे ज्यादा मार एविएशन और IT सेक्टर पर पड़ी. विश्व भर में करीब 4,295 फ्लाइट रद्द करनी पड़ीं और सैंकड़ों देरी से उड़ान भर पाईं. अमेरिका से लेकर भारत तक के हवाईअड्डों पर अफरा-तफरी का माहौल रहा. वहीं, नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने बताया कि अब एयरलाइन प्रणालियां सामान्य रूप से काम करने लगी हैं. मिनिस्ट्री हवाई अड्डों तथा एयरलाइनों के परिचालन की लगातार निगरानी कर रही है. 

इंडिगो की 200 फ्लाइट्स रद्द  
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को दुनिया भर में करीब  4,295 उड़ानें रद्द हुईं और 33,139 से ज्यादा उड़ानों में देरी हुई. अमेरिका में सबसे ज्यादा डेल्टा एयरलाइन (Air India) की 788 उड़ानें रद्द हुईं. भारत भी इसके प्रभाव से अछूता नहीं रहा. देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGO) को अपनी 200 उड़ानें रद्द करनी पड़ी. इसी तरह, लो-कॉस्ट एयरलाइन अकासा की 45 उड़ानें देरी से और दो रद्द हुईं. स्पाइसजेट की 17 फ्लाइट कैंसिल करनी पड़ीं, जबकि 86 उड़ानें देरी से उड़ान भर पाईं. वहीं, एयरपोर्ट  की बात करें, तो दिल्ली के इंदिरा गांधी हवाईअड्डे पर 27 उड़ानें रद्द हुईं और 247 देरी से चलीं. मुंबई एयरपोर्ट पर 168 उड़ानों में देरी हुई, छह रद्द हुईं. इसी तरह, Hyderabad और Bengaluru पर भी विमानों का संचालन प्रभावित हुआ. 

देरी हुई लेकिन कैंसिल नहीं  
एक रिपोर्ट में बताया गया है कि सरकार यानी Airports Authority of India (AAI) द्वारा संचालित एयरपोर्ट्स इस खराबी से अप्रभावी रहे. इसके अलावा, एयर इंडिया भी बाकी एयरलाइन जितना प्रभावित नहीं हुई. टाटा समूह की एयर इंडिया का दावा है कि कल इतनी परेशानियों के बावजूद उसकी एक भी उड़ान रद्द नहीं की गई. एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि हम इस बात की पुष्टि करते हैं कि 19 जुलाई को एयर इंडिया की कोई भी उड़ान आउटेज के कारण रद्द नहीं की गई. हवाई अड्डे की सेवाओं में कुछ देरी ज़रूर हुई, लेकिन हमारी कोई फ्लाइट रद्द नहीं हुई. एयर इंडिया का आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर इस अपडेट से  प्रभावित नहीं हुआ और सामान्य रूप से काम करता रहा.

ऐसे सिस्टम पर पड़ी मार 
माइक्रोसॉफ्ट दुनिया की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी है. माइक्रोसॉफ्ट का विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम इस्तेमाल करने वाले कंप्यूटर कल ठप पड़ गए. मूल रूप से समस्या ऐसे कंप्यूटरों में आई, जो माइक्रोसॉफ्ट की उस क्लाउड सेवा का इस्तेमाल कर रहे थे, जिसमें क्राउडस्ट्राइक का फायरवॉल सिस्टम था. दरअसल, दुनियाभर के उद्योग अपने नेटवर्क को हैकरों आदि से बचाने के लिए साइबर सुरक्षा फर्म क्राउडस्ट्राइक के सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करते हैं. क्राउडस्ट्राइक अपने इस सुरक्षा सॉफ्टवेयर को अपडेट कर रहा था और अपडेट में आई तकनीकी खामी से स्थिति बिगड़ती चली गई. अब स्थिति काफी हद तक ठीक हो गई है.