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Disinvestment पर कायम है मोदी सरकार, अब इस डिफेंस कंपनी में बेच रही हिस्सेदारी
पिछले कुछ समय में सरकारी कंपनियों के प्रदर्शन में सुधार आया है. सरकारी बैंकों की बैलेंसशीट भी पहले से बेहतर हो रही है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
मोदी सरकार विनिवेश यानी डिसइनवेस्टमेंट के अपने एजेंडे पर आगे बढ़ रही है. अब सरकार की योजना एयरोस्पेस और डिफेंस कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) में अपनी हिस्सेदारी कम करने की है. HAL की ओर से इस बात की जानकारी शेयर बाजार को दी गई है, जिसमें बताया गया है कि सरकार कंपनी में अपनी 3.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचने जा रही है. सरकार ऑफर फॉर सेल के जरिए इस हिस्सेदारी को बेचकर 2800 करोड़ रुपए जुटाएगी.
अभी कितनी है हिस्सेदारी
मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) में अपनी 3.5% हिस्सेदारी 2,450 रुपए प्रति शेयर के न्यूनतम मूल्य पर बेचेगी. इससे उसे करीब 2,800 करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है. HAL की तरफ से बताया गया है कि सरकार अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए दो दिन की खुली बिक्री पेशकश (OFS) लेकर आएगी. अभी HAL में सरकार की 74 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सेदारी है.
पहले भी बेची थी हिस्सेदारी
2020 में, सरकार ने अपने विनिवेश कार्यक्रम के हिस्से के रूप में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (HAL) में 15% हिस्सेदारी बेची थी. एक रिपोर्ट बताती है कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के विनिवेश की शुरुआत साल 2018 में हुई थी. इस साल HAL ने अपना IPO जारी किया था. इसके बाद HAL में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 100% से घटकर 89.97% रह गई थी. इससे सरकार को करीब 4229 करोड़ रुपए मिले थे.
ये है सरकार का लक्ष्य
सरकार ने अब तक केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के विनिवेश और शेयर पुनर्खरीद के जरिए चालू वित्त वर्ष में 31,106.64 करोड़ जुटाए हैं. हालांकि, वित्त वर्ष 2022-23 के लिए विनिवेश लक्ष्य 65,000 करोड़ रुपए का रखा गया था, लेकिन पिछले महीने इसे संशोधित कर 50,000 करोड़ रुपये कर दिया गया. यहां गौर करने वाली बात ये है कि पिछले कुछ समय में सरकारी कंपनियों के प्रदर्शन में सुधार आया है. सरकारी बैंकों की बैलेंसशीट भी पहले से बेहतर हो रही है.
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