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Micron ने गुजरात में शुरू किया प्लांट का निर्माण, अश्विनी वैष्णव ने चलाई स्पेशल ट्रेन!
प्लांट के निर्माण के लिए माइक्रोन (Micron) ने टाटा प्रोजेक्ट्स (Tata Projects) के साथ एक समझौता भी किया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
अमेरिकी चिप निर्माता कंपनी माइक्रोन (Micron) ने हाल ही में गुजरात के सानंद इंडस्ट्रियल ल्क्षेत्र में एक काफी बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया था. कंपनी द्वारा यहां 2.75 बिलियन डॉलर्स की लागत से एक प्लांट बनाया जाएगा. इस प्लांट में सेमीकंडक्टर की टेस्टिंग और पैकेजिंग हुआ करेगी. हाल ही में कंपनी द्वारा इस प्लांट के निर्माण के पहले फेज को हरी झंडी दिखा दी है और इसीलिए यहां एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया था.
क्या है पूरा मामला?
इतना ही नहीं खबर ये भी है कि प्लांट के निर्माण के लिए माइक्रोन (Micron) ने टाटा प्रोजेक्ट्स (Tata Projects) के साथ एक समझौता भी किया है. इसके साथ ही इस मौके पर केंद्रीय रेलवे, इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सानंद और गुजरात के वित्तीय केंद्र कहे जाने वाले अहमदाबाद के बीच एक ‘वर्ल्ड-क्लास’ (World Class) ट्रेन चलाए जाने की भी घोषणा की है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह सेमीकंडक्टर पैकेजिंग प्लांट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नौजवानों को किए गए वादे के अनुरूप है. आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नौजवानों को वादा कर चुके हैं कि भारत को ग्लोबल सेमीकंडक्टर हब बनाया जाएगा. इसी साल जून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के दौरे पर गए थे और इसी दौरान उन्होंने माइक्रोन के साथ समझौते पर हस्ताक्षर भी किए थे.
Micron और सरकार मिलकर बनायेंगे प्लांट
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की भी तारीफ की और कहा कि इस प्लांट के लिए विभिन्न प्रकार की अनुमतियों को मंजूरी देने में उनकी भूमिका महत्त्वपूर्ण है. सानंद में बनाए जा रहे इस प्लांट को कुल 825 मिलियन डॉलर्स की लागत से बनाया जाएगा. इस प्लांट को कुल दो भागों में बनाया जाएगा, जिसमें से पहला भाग माइक्रोन (Micron) द्वारा और दूसरा भाग भारतीय सरकार के द्वारा बनाया जाएगा. इस समझौते के तहत माइक्रोन को इस प्लांट के निर्माण के लिए केंद्र सरकार की तरफ लगभग 50% की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी.
भारत को बनाना है सेमीकंडक्टर हब
इस प्लांट के पहले फेज के तहत 500,000 स्क्वेयर फूट के क्षेत्र का निर्माण किया जाएगा और 2024 के अंत तक इस प्लांट की शुरुआत भी हो जाएगी. केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा भारत को सेमीकंडक्टर का हब बनाये जाने की घोषणा के बाद लगभग 76,000 करोड़ रुपयों का इन्वेस्टमेंट किया जा चुका है और पिछले 18 महीनों के दौरान इस क्षेत्र में काफी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई जा चुकी है. माइक्रोन (Micron) का कहना है कि उसने गुजरात को इसलिए चुना क्योंकि वहां मैन्युफैक्चरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर काफी अच्छा है.
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