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Maruti Suzuki ने ईवी सेक्टर में उतरने के साथ इन देशों में एक्सपोर्ट की बनाई योजना, युवाओं को मिलेगा रोजगार!
Maruti Suzuki के अनुसार उनके पास 500 किमी की हाई-रेंज वाली हाई-स्पेसिफिकेशन ईवी होगी, जोकि 60 किलोवाट-घंटे की बैटरी से चलेगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
देश की सबसे बड़ी ऑटो कंपनी मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) ने ईवी सेक्टर में उतरने के साथ जापान और यूरोप में एक्सपोर्ट तक की प्लानिंग कर ली है. इससे भारत में रोजगार बढ़ने के साथ देश की इकोनॉमी को भी काफी फायदा होगा. तो आइए जानते हैं आखिर मारुति सुजुकी की पूरी प्लानिंग क्या है?
ये है कंपनी की प्लानिंग
मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) भारत से यूरोप और जापान के बाजारों में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) एक्सपोर्ट करने की प्लानिंग कर रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ऑटोमेकर के पास 500 किमी की हाई-रेंज वाली हाई-स्पेसिफिकेशन ईवी होगी और यह 60 किलोवाट-घंटे की बैटरी से चलेगी. कंपनी के सभी प्रोडक्ट, सर्विस, सॉल्यूशन और कंयूनिकेशन एक ही थीम ‘कस्टमर के विश्वास में वृद्धि’ पर होंगे.
मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में रोजगार की संभावनाएं अधिक
कंपनी के अनुसार केवल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ही युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर नौकरियां पैदा कर सकता है और भारत को एक विकसित राष्ट्र बना सकता है. कंपनी द्वारा यूरोप और जापान में एक्सपोर्ट शुरू होने से भारत में अधिक ईवी का प्रोडक्शन होगा और उससे युवाओं को रोजगार मिलेगा.
इन फ्यूल पर कार लाने की तैयारी में मारुति सुजुकी
ईवी और हाइब्रिड कारों के अलावा कंपनी बायो फ्यूल और हाइड्रोजन के आसपास मॉडल विकसित करने पर भी विचार कर रही है. कंपनी के अनुसार वह कार्बन उत्सर्जन और तेल की खपत से निपटने के लिए हर तरह की टेक्नोलॉजी का उपयोग करेगी. भारत में विशाल मानव संसाधन, कृषि संसाधन और पशु संसाधन मौजूद हैं और ये सभी कुछ न कुछ बायो वेस्ट उत्पन्न करते हैं. इन्हें बायो फ्यूल में चेंज किया जा सकता है और इनमें बहुत कम कार्बन फुटप्रिंट होता है और कई बार इनमें से कार्बन पैदा ही नहीं होता है. ऐसे में भारत जल्द ही बायो फ्यूल में दुनिया का नंबर एक बन सकता है और बाकी दुनिया भी भारत से सीखना चाहिए.
जापान में शुरू किया एक्सपोर्ट
कंपनी की योजना 2030 तक अपना एक्सपोर्ट बढ़ाने की है और उनका फोकस मल्टीपल ग्रोथ पर है. आज भारत से उनका एक्सपोर्ट तीन गुना है इतना ही नहीं, आज से लगभग 6 वर्षों में ये तीन गुना और बढ़ जाएगा. कंपनी ने अपने उत्पादों को वापस जापान में एक्सपोर्ट करना शुरू कर दिया है. पिछले महीने इसने फ्रोंक्स को जापान निर्यात किया था. 1,600 से अधिक वाहनों की पहली खेप गुजरात के पीपावाव बंदरगाह से जापान के लिए रवाना हुई. यह जापान में लॉन्च होने वाला एमएसआई का पहला स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) है.
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