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मलेशियाई कॉपर कंपनी गुजरात में करने जा रही है बड़ा निवेश, पैदा होंगी इतनी नौकरियां
गुुजरात में लगने वाले इस प्लांट से जो तांबे की ट्यूब निकलेगी वो पांचवी पीढ़ी की होगी उसके कारण न तो ज्यादा पल्यूशन होगा. ये कार्बन फुटप्रिंट को भी कम करने करेगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
मलेशियाई तांबे की ट्यूब बनाने वाली कंपनी मेट्ट्यूब की भारतीय शाखा कॉपर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड गुजरात के साणंद में एक मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र स्थापित करने के लिए गुजरात सरकार के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. सूत्रों के मुताबिक, कंपनी की संयंत्र के निर्माण के पहले चरण में करीब 1,000 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना है. इस तरह की कॉपर ट्यूब का बड़े पैमान पर रेफ्रीजरेशन और एयर कंडीशनिंग उद्योग में इसका उपयोग किया जाता है.
इस प्लांट से कम होगा कार्बन फुटप्रिंट
कंपनी के आधिकारिक बयान के अनुसार मैन्युफैक्चरिंग प्लांट गुजरात के साणंद इंडस्ट्रियल एस्टेट- II में आएगा और इसके अगले साल जनवरी तक चालू होने की उम्मीद है. ये उद्योग अगली पीढ़ी की तकनीक से संबंधित है जो भविष्य में कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में उपयोगी होगा क्योंकि यह पांचवीं पीढ़ी के कॉपर ट्यूब का निर्माण करेगा. ये संयंत्र भविष्य में कार्बन पदचिह्न को कम करने में उपयोगी होगा, क्योंकि यह पांचवीं पीढ़ी की तांबे की ट्यूब बनाएगा.
किस-किस के बीच हुए हस्ताक्षर
गुजरात सरकार और कंपनी के बीच हुए इस समझौते में दोनों ओर से कई लोग मौजूद रहे. इस समझौते में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और मेट्ट्यूब कॉपर इंडिया के अध्यक्ष अपूर्व बागरी ने गांधीनगर में समझौते पर हस्ताक्षर किए. यह भारत की पहली कॉपर ट्यूब निर्माण इकाई है, जो आत्मनिर्भर भारत के समान है. गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के बाद कहा कि राज्य सरकार संयंत्र को चालू करने में मदद के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगी मेटट्यूब उन कंपनियों में शामिल है, जिन्होंने व्हाइट गुड्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग के लिए प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना के तहत निवेश किया है.
कितने लोगों को मिलेगा रोजगार
मेट्टयूब और गुजरात सरकार के बीच हुए इस समझौते के पहले चरण मे कंपनी 1000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी. कंपनी के इस संयंत्र से पहले चरण में लगभग 1,500 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है.मलेशिया में, कंपनी एक बड़े संयंत्र का संचालन करती है. अब हम अपनी आगामी साणंद फैसिलिटी में अत्याधुनिक एप्लायंस मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी लाएंगे.
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