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हैप्पी बर्थडे कुमार मंगलम बिड़ला, 55 वर्ष में भी कायम है वही जुनून
भारतीय उद्योग जगत में कुमार मंगलम बिड़ला का अपना एक अलग स्थान है. आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार आज यानी 14 जून को 55 वर्ष के हो गए हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
भारतीय उद्योग जगत में कुमार मंगलम बिड़ला का अपना एक अलग स्थान है. आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार आज यानी 14 जून को 55 वर्ष के हो गए हैं. हालांकि, उम्र उनके लिए महज नंबर है, उनमें आज भी युवाओं जितना जोश और कुछ नया कर गुजरने का वही जुनून है, जो करियर की शुरुआत के समय था. बिड़ला क्रिएटिविटी और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाकर चलने वाले उद्योगपति हैं. यही वजह है कि उनके नेतृत्व में बिड़ला समूह लगातार सफलता की ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है.
ग्रुप को दी नई दिशा
कुमार का जन्म 14 जून 1967 को कोलकाता में हुआ था. पिता आदित्य विक्रम और मां राजश्री बिड़ला के साथ वह संयुक्त परिवार में पले-बढ़े. उन्होंने सिडेनहैम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से हाई स्कूल और मुंबई के एचआर कॉलेज से ग्रेजुएशन करने के बाद लंदन विश्वविद्यालय से MBA की पढ़ाई की. अपने पिता आदित्य विक्रम बिड़ला के निधन के पश्चात् उन्होंने 28 साल की उम्र में आदित्य बिड़ला ग्रुप के CMD का पदभार संभाला. उनके कार्यकाल के दौरान ग्रुप का वार्षिक कारोबार 1995 में 3.33 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2019 में 48.3 बिलियन डॉलर पहुंच गया.
इतनी है कुल संपत्ति
करीब 16.5 अरब डॉलर के कारोबार वाले आदित्य बिड़ला ग्रुप के अध्यक्ष कुमार फिलहाल फिनटेक बिजनेस पर भी फोकस कर रहे हैं. फोर्ब्स की वार्षिक अरबपतियों की रैंकिंग के अनुसार, कुमार बिड़ला की कुल संपत्ति 13.2 बिलियन डॉलर है. आदित्य बिड़ला समूह के पास भारत की सबसे बड़ी सीमेंट निर्माता ग्रासिम इंडस्ट्रीज का लगभग एक तिहाई हिस्सा है. समूह की एल्युमीनियम कंपनी हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और वित्तीय सेवा प्रदाता आदित्य बिड़ला कैपिटल में भी हिस्सेदारी है. इसके अलावा ग्रुप ने एस्सेल कंपनी में भी निवेश किया है.
35 देशों में कर रहा काम
आदित्य बिड़ला समूह छह महाद्वीपों के 35 देशों में काम करता है. टेलीकॉम इंडस्ट्री से लेकर सीमेंट और फैशन इंडस्ट्री में भी बिड़ला ग्रुप ने अपनी जगह बनाई हुई है. कुमार मंगलम की कमाई सीमेंट, एल्युमिनियम और वित्तीय सेवाओं के अलावा वोडाफोन आइडिया लिमिटेड से होती है. हालांकि, 2008 के बाद से कई मौकों पर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा है, लेकिन कुमार मंगलम बिड़ला सभी चुनौतियों का डट कर मुकाबला करते रहे हैं.
सामाजिक जिम्मेदारी
कुमार अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को भी बखूबी समझते हैं, इसलिए आदित्य बिड़ला समूह करीब 5,000 गांवों में कार्य कर रहा है. उदाहरण के तौर पर, समूह 56 स्कूल चलाता है जो 46,500 बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करते हैं. इनमें 18,000 से अधिक बच्चों को मुफ्त शिक्षा मिलती है. इसके अतिरिक्त, सेतु शैक्षिक कार्यक्रमों और व्यावसायिक प्रशिक्षण से 100,000 से अधिक युवाओं को लाभान्वित किया जा रहा है. साथ ही ग्रुप की तरफ से ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएँ भी प्रदान की जाती हैं.
‘मेरे पास कोई विकल्प नहीं था’
निजी जीवन की बात करें तो उनके परिवार में पत्नी नीरजा बिड़ला और 3 बच्चे हैं. कुमार मंगलम बिड़ला को अपने कार्यों के लिए अब तक अनगिनत सम्मान मिल चुके हैं. कुमार मानते हैं कि व्यक्ति को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए. कम उम्र में बड़ी जिम्मेदारी लेने के सवाल पर एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, 'मेरे पास जल्दी बड़े होने के अलाबा कोई विकल्प नहीं था. यह अपने आप में बड़ी सीख थी कि हमें हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए’. उनका यह भी कहना है कि हर व्यक्ति का एक आइडियल, एक हीरो जरूर होना चाहिए जिसे देखकर वह भी उसकी तरह आगे बढ़ने के बारे में सोच सके. वो कोई भी हो सकता है, महात्मा गांधी या सचिन तेंदुलकर.
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