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महंगाई ने छुड़ाए इस 'विकसित' देश के पसीने, बैंकिंग सिस्टम पर मंडराया ये खतरा
जानकार मानते हैं कि यदि महंगाई की चाल ऐसे ही बढ़ती रही, तो ब्रिटेन में आर्थिक संकट पैदा हो सकता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
भारत को परेशान करने वाली महंगाई ने ब्रिटेन का भी गणित बिगाड़ रखा है. मोदी सरकार के लिए अच्छी बात ये है कि कम से कम आंकड़ों में महंगाई कम हो गई है, लेकिन ब्रिटेन को यह राहत भी नसीब नहीं है. यूके में मुद्रास्फीति रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जिससे देश का फाइनेंशियल सिस्टम कोलेप्स होने का खतरा बढ़ गया है. जून में यहां महंगाई दर 9.4 थी, जो जुलाई में बढ़कर 10% से ऊपर हो गई. एक्सपर्ट्स आशंका जता रहे हैं कि यह जल्द ही 14-15 फीसदी का आंकड़ा पार कर सकती है.
तेजी से बिगड़ रहे हालात
बैंक ऑफ इंग्लैंड का भी मानना है कि देश में महंगाई का दबाव इतना बढ़ चुका है कि हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं. महंगाई नियंत्रित करने को लेकर सरकार पूरी तरह से विफल नजर आ रही है. इसकी एक वजह ब्रिटेन में चल रही राजनीतिक उठापटक भी है. खाने-पीने की वस्तुओं के दाम आसमान पर पहुंच गए हैं, जिसकी वजह से लोगों के लिए जीवन-यापन मुश्किल हो गया है. दूध से लेकर ब्रेड तक के लिए लोगों को पहले से काफी ज्यादा दाम चुकाने पड़ रहे हैं.
आर्थिक संकट की आहट
जानकार मानते हैं कि यदि महंगाई की चाल ऐसे ही बढ़ती रही, तो ब्रिटेन में आर्थिक संकट पैदा हो सकता है. बता दें कि यूके की जनता पहले ही भीषण गर्मी का सामना कर रही है, जिसकी वजह से बिजली के बढ़ते बिल लोगों को परेशान किए हुए हैं. ऐसे में उन्हें खाने पर भी अतिरिक्त खर्चा करना पड़ रहा है. यह उनके लिए दोहरी मार जैसा हो गया है. रिकॉर्ड तोड़ महंगाई के कारण कई छोटे कारोबार बंद हो रहे हैं. इतना ही नहीं, बैंकों से लिया कर्ज भी चुकता नहीं हो रहा है. आने वाले समय में देश में लोन डिफॉल्ट का आंकड़ा काफी बड़ा हो सकता है.
‘कांट पे-वोंट पे’ कैंपेन
बैंक ऑफ इंग्लैंड ने हाल ही में भविष्यवाणी की थी कि इस साल की आखिरी तिमाही में ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था 2008 की मंदी के बाद की सबसे लंबी मंदी में प्रवेश कर जाएगी. वहीं, सैक्सो बैंक का कहना है कि ब्रिटेन राजनीतिक अस्थिरता, व्यापार में बाधा, ऊर्जा संकट और आसमान छूती महंगाई से पीड़ित है और देश में ऊर्जा की कीमत अक्तूबर में 70 फीसदी और बढ़ेगी, जिससे लाखों परिवार गरीबी रेखा के नीचे चले जाएंगे. उधर, चढ़ते दामों से परेशान ब्रिटेनवासियों ने ‘कांट पे-वोंट पे’ अभियान भी शुरू किया है.
बैंकों पर पड़ेगी मार
एक्सपर्ट्स का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई से लोगों के लिए पेट भरना भी मुश्किल होता जा रहा है. उनकी इनकम और खर्चों के बीच फासला हर दिन बढ़ रहा है. ऐसे में वह लोग जिन्होंने किसी न किसी तरह का लोन उठाया है, उनके लिए किश्त भरना असंभव हो जाएगा. जिसकी वजह से बैंकों की आर्थिक सेहत बिगड़ेगी और फाइनेंशियल सिस्टम कोलेप्स हो जाएगा.
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