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India Q3 GDP: विकास दर में होगा सुधार, या जारी रहेगी धीमी रफ्तार?

भारत सरकार द्वारा वित्त वर्ष 23 के तीसरे क्वार्टर के दौरान GDP की घोषणा आज की जायेगी. पूरी मार्केट इस पर नजर बनाये हुए है क्योंकि मार्केट की भावनाओं के लिए यही डाटा प्रमुख होता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

आज भारत सरकार के द्वारा वित्त वर्ष 23 के तीसरे क्वार्टर के दौरान भारत की GDP (सकल घरेलु उत्पाद) की घोषणा की जायेगी. इस वित्त वर्ष के पहले क्वार्टर (अप्रैल 2022 – जून2022) के दौरान भारत की GDP लगभग 13.5% थी और दूसरे क्वार्टर (जुलाई 2022 – सितम्बर 2022) के दौरान यह 6.3% के रेट पर स्थिर हो गयी थी. अक्टूबर 2022 – दिसंबर 2022 के तीसरे क्वार्टर के दौरान भारत की GDP का डाटा, मार्केट के विचारों को तय करने में मुख्य भूमिका निभाएगा. 

क्या है एक्सपर्ट्स की राय 
एक्सपर्ट्स का मानना है कि वित्त वर्ष 23 के तीसरे क्वार्टर के दौरान GDP की रफ्तार स्थिर रहेगी. GDP की रफ्तार स्थिर रहने के पीछे की वजह साफ तौर पर इस क्वार्टर के दौरान असमान इकॉनोमिक गतिविधियां हैं. हालांकि प्रमुख क्षेत्रों में से कृषि क्षेत्र को उचित वृद्धि मिल सकती है. पिछले तीन महीनों के मुकाबले दिसंबर 2022 में भारत की विकास दर कम होकर मात्र 4.7% रह गयी है. दिसंबर से पहले भारत की विकास दर 6.3% के रेट पर स्थिर थी.

DBS बैंक की चीफ इकोनॉमिस्ट राधिका राव का मानना है, कि आज रिलीज किया जाने वाले डाटा विकास की रफ्तार को मजबूती प्रदान करेगा. उन्होंने कहा – वार्षिक विकास के स्थिर रहने के बावजूद भी हमारा मिश्रित हाई फ्रीक्वेंसी डाटा पॉइंट इस क्वार्टर के दौरान व्यवस्थित सुधार की तरफ इशारा कर रहा है. रिसर्जेंट इंडिया की मैनेजिंग डायरेक्टर, ज्योति प्रकाश गाडिया कहती हैं, कि ग्लोबल स्तर पर जारी अनिश्चितताओं और लगातार बढ़ रहे प्रमुख इन्फ्लेशन ट्रेंड्स की वजह से आने वाले क्वार्टर्स में विकास की संभावनाएं आशापूर्ण नहीं हैं. ज्योति प्रकाश का मानना है कि वित्त वर्ष 23 के तीसरे क्वार्टर के दौरान भारत की विकास दर 4% - 4.5% के बीच रहने की उम्मीद है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक स्तर पर बहुत सी एजेंसियों ने विश्व की प्रमुख इकॉनमीयों की विकास दरों में गिरावट की आशंका जताई है और इन इकॉनमीयों में भारत भी शामिल है. 

GDP की विकास दर होगी बेहतर
ICRA (इन्वेस्टमेंट इन्फोर्मेशन एंड क्रेडिट रेटिंग एजेंसी) ने तीसरे क्वार्टर के दौरान GDP में सालाना आधार पर वृद्धि की आशा जताई है. ICRA के अनुसार इस क्वार्टर के दौरान GDP की विकास दर 5.1% के आस पास रहेगी जो इससे पिछले क्वार्टर में 6.3% पर दर्ज की गयी थी. लेकिन, उम्मीद है कि कोविड के बाद GDP की विकास दर में और ज्यादा सुधार होगा और यह पिछले क्वार्टर में 7.6% के मुकाबले बढ़कर 11.6% हो जायेगी. इस वृद्धि के पीछे की मुख्य वजह सेवा क्षेत्र में हो रही लगातार रिकवरी है. साथ ही वित्त वर्ष 23 के तीसरे क्वार्टर के दौरान बुनियादी कीमतों (2011-12 की स्थिर कीमतों) के आधार पर GVA (सकल मूल्य संवर्धन) प्रत्याशित रूप से 4.9% रहने की उम्मीद है. पिछले क्वार्टर में GVA 5.6% पर रिकॉर्ड किया गया था. 

इस क्वार्टर में अच्छी हुई है इन्वेस्टमेंट एक्टिविटी
इस क्वार्टर में इन्वेस्टमेंट से सम्बंधित सूचकों की परफोर्मेंस बेहतर होने की वजह से वित्त वर्ष के तीसरे क्वार्टर के दौरान इन्वेस्टमेंट एक्टिविटी अच्छी स्थिति में दिखाई दी थी. जैसे कैपिटल वस्तुओं के उत्पादन में सुधार हुआ, जहां पिछले क्वार्टर में यह 6.9% था तो वहीं तीसरे क्वार्टर के दौरान यह 8.8% हो गया था. इसके साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर/कंस्ट्रक्शन की वस्तुओं के उत्पादन में भी वृद्धि हुई और यह दूसरे क्वार्टर में रिकॉर्ड किये गए उत्पादन स्तर 5.3% से बढ़कर 7.3% पर पहुंच गए. साथ ही नए प्रोजेक्ट्स की घोषणाएं भी बढ़ीं और यह अब तक तीन क्वार्टर्स के अपने सबसे अधिकतम स्तर पर हैं. आपको बता दें वर्ष 2022 – 2023 के लिए RBI ने GDP की विकास दर 6.8% और तीसरे क्वार्टर के लिए 4.4% रहने की उम्मीद जताई थी.
 

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