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रूस से तेल खरीदने पर 100% टैरिफ की धमकी के बावजूद भारत-US ट्रेड डील पर कायम: वाणिज्य सचिव
अमेरिका में रूस से तेल और गैस खरीदने वाले बड़े देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने की संभावित कार्रवाई के बीच भारत और अमेरिका ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
भारत और अमेरिका रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर भारी टैरिफ लगाने से जुड़े संभावित अमेरिकी कानून के बावजूद द्विपक्षीय व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने गुरुवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर बातचीत नियमित रूप से हो रही है और दोनों पक्ष इस समझौते को लेकर प्रतिबद्ध हैं.
रूस से तेल और गैस के बड़े खरीदारों पर 100% तक टैरिफ लगाने की अनुमति देने वाले प्रस्तावित अमेरिकी कानून के भारत पर संभावित असर को लेकर पूछे गए सवाल पर अग्रवाल ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि यह अमेरिका की आंतरिक विधायी प्रक्रिया का हिस्सा है. उन्होंने कहा, "यह अमेरिका की विधायी प्रक्रिया का मामला है, जो अभी जारी है. मुझे नहीं लगता कि हमें इस पर कोई टिप्पणी करनी चाहिए. यह उनका आंतरिक मामला है."
ट्रेड डील पर जारी है बातचीत
वाणिज्य सचिव ने कहा कि नई दिल्ली और वॉशिंगटन के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है. दोनों पक्षों के बीच नियमित संपर्क बना हुआ है. अग्रवाल ने कहा, "हम ट्रेड डील को लेकर अमेरिकी पक्ष के साथ बातचीत कर रहे हैं और हमारे संपर्क नियमित हैं. दोनों पक्ष उस समझौते को लेकर प्रतिबद्ध हैं, जिस पर सहमति बनी है."
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब कुछ दिन पहले अमेरिकी सीनेट ने रूस पर प्रतिबंधों से जुड़े एक विधेयक को मंजूरी दी थी. इस कानून के तहत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले शीर्ष पांच देशों में शामिल खरीदारों पर 100% तक टैरिफ लगाने का अधिकार मिल सकता है. हालांकि, इस विधेयक को आगे की विधायी प्रक्रिया के तहत अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में भी विचार के लिए जाना होगा.
BTA के जरिए व्यापार बढ़ाने की तैयारी
भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते यानी Bilateral Trade Agreement (BTA) को लेकर लंबे समय से बातचीत चल रही है. इस समझौते का मकसद दोनों देशों के बीच बाजार पहुंच बढ़ाना और व्यापार से जुड़ी प्रमुख बाधाओं को दूर करना है. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि राजदूत जैमीसन ग्रीर 22 से 24 जून के बीच नई दिल्ली के दौरे पर आए थे. इस दौरान उन्होंने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते के कई अहम पहलुओं की समीक्षा की थी. दोनों पक्षों के बीच बाजार पहुंच, डिजिटल व्यापार, सप्लाई चेन की मजबूती, गैर-टैरिफ बाधाओं और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी.
भारत और अमेरिका ने कहा है कि दोनों देशों की वार्ता टीमों ने समझौते को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति की है. दोनों पक्ष एक ऐसे व्यापार समझौते के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो संतुलित, व्यावसायिक रूप से सार्थक हो और दोनों देशों के कारोबार, किसानों, कामगारों और उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाए.
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