प्याज ने सरकारों के निकाले हैं खूब आंसू, क्या अब Modi सरकार की बारी है?

प्याज पर सियासी संग्राम का पुराना इतिहास है. कुछ सरकारें तो प्याज के चलते गिर भी चुकी हैं. अब प्याज मोदी सरकार की परेशानी बन सकती है.

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Tuesday, 11 June, 2024
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नई-नवेली मोदी सरकार के लिए आने वाले दिनों में प्याज मुसीबत बन सकती है. प्याज के दामों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है. महाराष्ट्र के लासलगांव मंडी में प्याज के होलेसेल दामों में 30 से 50 प्रतिशत का इजाफा देखने को मिला है. कीमतों में तेजी की वजह डिमांड और सप्लाई के बीच बढ़ते अंतर को बताया जा रहा है. खाने का स्वाद बढ़ाने वाली प्याज भारतीय राजनीति में ऊबाल लाने की क्षमता रखती है. प्याज पर सियासी संग्राम का पुराना इतिहास है. 1977 से 1980 तक जनता पार्टी की सरकार में भी प्याज बड़ा मुद्दा बन गई थी. तत्कालीन यूपीए सरकार के आंखों में भी प्याज आंसू ले आई थी और वाजपेयी सरकार को भी इसने खूब परेशान किया था. 

डिमांड ज्यादा, सप्लाई कम
प्याज का इतिहास देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि अगर भाजपा के नेतृत्व वाली मोदी सरकार ने चढ़ती कीमतों को जल्द थामने के प्रयास नहीं किए, तो वो उसकी आंखों में भी आंसू की वजह बन सकती है. मौजूदा समय में मंडियों में जरूरत के हिसाब से प्याज की सप्लाई नहीं हो रही है, जिसके चलते इसके दाम बढ़ रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल के कुछ दिनों में प्याज की कीमतों में 30 से 50% तक की वृद्धि हुई है. लासलगांव मंडी में आज प्याज की औसतन कीमत 2130 रुपए प्रति क्विंटल है और 15 जून तक कीमतें बढ़कर 2250 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच सकती हैं. 

टमाटर भी हो रहे लाल
मंडियों में प्याज की आवक घटने की वजह से इसकी कीमतें प्रभावित हो रही हैं. पहले 12 से 15,000 क्विंटल प्याज रोजाना लासलगांव मंडी में आता था, जोकि अब घटकर 6000 क्विंटल तक रह गया है. वहीं, प्याज के साथ ही टमाटर और आलू की कीमतों में भी इजाफा हुआ है. तेज गर्मी और बे-मौसम बारिश ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिसकी वजह से सप्लाई प्रभावित हुई है. बता दें कि भारत में प्याज की बढ़ती कीमतों को देखकर मोदी सरकार ने पिछले साल दिसंबर में प्याज के निर्यात पर पूरी तरह से बैन लगा दिया था. यह बैन मार्च 2024 तक के लिए था. लेकिन हालात को देखते हुए इसे आगे बढ़ा दिया गया था. 4 मई को प्याज के निर्यात पर बैन को हटाने का निर्णय लिया गया था.

इंदिरा ने पहनी थी प्याज की माला
प्याज भारतीय राजनीति में अहम् मुद्दा रही है. सबसे पहली बार 1980 में प्याज की कीमतें चुनावी मुद्दा बनी थीं. उस समय केंद्र में जनता पार्टी की सरकार थी. चढ़ती कीमतों के विरोध में उस समय कांग्रेस लीडर इंदिरा गांधी चुनाव प्रचार के दौरान प्याज की माला पहनकर घूमीं थीं. विपक्ष ने 'जिस सरकार का कीमत पर जोर नहीं, उसे देश चलाने का अधिकार नहीं' नारे पर वोट मांगे थे. सरकार प्याज के दाम नियंत्रित करने में नाकाम रही और आम चुनावों में जनता पार्टी को हार का सामना करना पड़ा. 

BJP को CM तक बदलने पड़े  
इसी तरह, भाजपा को प्याज के चलते दिल्ली की सत्ता से हाथ धोना पड़ा था. 1998 में दिल्ली की सत्ता भाजपा के पास थी और मदन लाल खुराना मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाल रहे थे. प्याज की चढ़ती कीमतों को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया. इसके बाद आलाकमान ने डैमेज कंट्रोल के लिए खुराना को हटाकर साहिब सिंह वर्मा को CM बनाया. लेकिम वर्मा भी कीमतों में नीचे लाने में नाकाम रहे. इसके बाद भाजपा ने सुषमा स्वराज को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाया. सुषमा स्वराज ने प्याज की कीमतों पर काबू पाने के लिए कई कदम उठाए, लेकिन असफल रहीं. आखिरकार प्याज इतना बड़ा मुद्दा बन गई कि चुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा.

प्याज ने गिराई शीला सरकार
प्याज को मुद्दा बनाने वाली कांग्रेस की सरकार भी प्याज की चढ़ती कीमतों के चलती गिरी थी. प्याज ने दिल्ली की शीला दीक्षित की सरकार के भी आंसू निकाल दिए थे. दरअसल, 2013 में हुए विधानसभा चुनाव से पहले प्याज की कीमतें काफी बढ़ गईं थीं. जनता से कनेक्ट करने के लिए उन दिनों शीला दीक्षित ने भावुक होकर कहा था कि हफ्तों बाद मैंने भिंडी के साथ प्याज खाई. लेकिन जनता का दिल इससे नहीं पसीजा और चुनाव में उन्होंने कांग्रेस को पटखनी दे डाली. दिसंबर 2013 में हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को प्याज के चलते 15 साल बाद हार का सामना करना पड़ा था. बता दें कि देश के प्याज उत्पादक राज्यो में महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश गुजरात, उत्तर प्रदेश, उड़ीसा, कर्नाटक, तमिलनाडु, आन्ध्रप्रदेश और बिहार प्रमुख हैं. ऐसे में महाराष्ट्र की मंदी में प्याज के महंगा होने का मतलब है कि पूरे देश में इसका असर पड़ेगा. 


Air India घरेलू मार्गों पर करेगी प्रीमियम इकॉनमी क्लास की शुरुआत, जानिए इसमें यात्रियों के लिए क्या होगा खास?

एयर इंडिया (Air India) ने कुछ घरेलू मार्गों पर प्रीमियम इकॉनमी क्लास की शुरू करने की घोषणा की है. इसके तहत एयरलाइन ने दो नए ए320 नियो विमानों को तीन श्रेणियों में बांटा है. 

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Thursday, 20 June, 2024
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टाटा ग्रुप (Tata Group) के स्वामित्व वाली एयरलाइन एयर इंडिया (Air India) ने अपने यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी दी है. दरअसल, एयर इंडिया अगले महीने से चुनिंदा घरेलू मार्गों (Domestic Routes) पर प्रीमियम इकनॉमी श्रेणी (Premium Economy Class) सर्विस शुरू करने जा रही है. आपको बता दें. यह श्रेणी उपलब्ध कराने वाली एयर इंडिया दूसरी भारतीय एयरलाइन कंपनी बन जाएगी. अभी तक सिर्फ विस्तारा (Vistara) ही घरेलू मार्गों पर प्रीमियम इकनॉमी यात्रा श्रेणी उपलब्ध कराती है. तो चलिए जानते हैं एयर इंडिया कब यह सर्विस शुरू करेगी और इसमें यात्रियों को क्या सुविधाएं मिलेंगी?

जुलाई में शुरू होगी सुविधा
जानकारी के अनुसार एयर इंडिया इस सुविधा को जुलाई 2024 से शुरू करेगी. कंपनी फिलहाल  दिल्ली -चंडीगढ़-दिल्ली और  दिल्ली -बेंगलुरु-दिल्ली रूट्स पर प्रीमियम इकॉनमी सीटें उपलब्ध कराएगी. यह पहली बार है जब एयरलाइन ने अपने छोटे आकार के विमान में प्रीमियम इकनॉमी कैबिन पेश किया है. कंपनी ने दो नए A320neo (ए320 नियो) विमानों को तीन श्रेणियों में बांटा है, जिसमें बिजनेस क्लास में 8 सीटें, प्रीमियम इकोनॉमी क्लास में एक्स्ट्रा लेगरूम के साथ 24 सीटें और इकोनॉमी क्लास में 132 सीटें शामिल हैं.

नए बिजनेस कैबिन में ऐसी होंगी सीटें
कंपनी के अनुसार नई प्रीमियम इकोनॉमी क्लास में चार-तरफा हेडरेस्ट के साथ बड़ी सीटें, 4 इंच की रिक्लाइन के साथ 32 इंच की चौड़ी सीट पिच और पीईडी होल्डर और यूएसबी चार्जिंग पोर्ट जैसी अन्य सुविधाएं हैं. वहीं, नए बिजनेस कैबिन में 40 इंच की एर्गोनोमिक सीटें हैं. इनमें 7 इंच की गहरी रिक्लाइन, एक एडजस्टेबल आर्मरेस्ट, फुटरेस्ट और बैकरेस्ट, एक ट्रे टेबल है, जिसे एक बटन दबाने पर खोला जा सकता है. इसमें एक पीईडी होल्डर शामिल है और कई चार्जिंग पोर्ट है. 
 

ये है एयरलाइन की आगे की योजना
एयर इंडिया ने अगले साल तक अपने पूरे फुल-सर्विस नैरो-बॉडी फ्लीट में थ्री-क्लास कॉन्फिगरेशन शुरू करने की योजना बनाई है. मौजूदा विमानों को अब धीरे-धीरे रिफिट के लिए शामिल किया जा रहा है, जबकि फ्लीट में शामिल होने वाले नए विमानों को नए एयर इंडिया अनुभव के साथ डिलीवर किया जाएगा. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एयर इंडिया 100 से अधिक विमानों को नया बनाएगी, जिनमें 40 वाइड-बॉडी विमान शामिल हैं.

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Bharat में बीमा बेचेगी ये विदेशी कंपनी, Kotak जनरल इंश्योरेंस में खरीदी हिस्सेदारी

कोटक महिंद्रा जनरल इंश्योरेंस ने अपनी 70 प्रतिशत हिस्सेदारी स्विस बीमा कंपनी को बेच दी है. यह डील 5,560 करोड़ में हुई है.

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Thursday, 20 June, 2024
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तेजी से बढ़ते हमारे बीमा सेक्टर में एक विदेशी कंपनी की एंट्री हो गई है. स्विट्ज़रलैंड की ज्यूरिख इंश्योरेंस (Zurich Insurance) भारत में प्रवेश करने वाली पहली विदेशी बीमा कंपनी बन गई है. इस स्विस कंपनी ने कोटक महिंद्रा जनरल इंश्योरेंस (Kotak Mahindra General Insurance) में 70% हिस्सेदारी खरीदी है, यानी उसके पास कोटक का कंट्रोलिंग स्टेक आ गया है. कोटक और ज्यूरिख के बीच यह सौदा 5,560 करोड़ रुपए में हुआ है. बता दें कि पिछले साल नवंबर में इस डील का ऐलान किया गया था. 

ऐसे संभव हुई डील
इस डील के साथ ही ज्यूरिख भारत में प्रवेश करने वाली पहली विदेशी बीमा कंपनी बन गई है. दरअसल, 2021 में 49% से 74% तक विदेशी स्वामित्व की अनुमति देने के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के नियमों में संशोधन किया गया था. इसी के चलते ज्यूरिख इंश्योरेंस महिंद्रा जनरल इंश्योरेंस में 70% हिस्सेदारी खरीदी पाई है. एक रिपोर्ट बताती है कि मार्च 2024 तक कोटक महिंद्रा बैंक के पास अपनी बीमा सहायक कंपनी में 875 करोड़ रुपए की चुकता पूंजी की 100% इक्विटी थी. वित्त वर्ष 2024 में कोटक की मोटर इंश्योरेंस से कुल प्रीमियम आय 748 करोड़ और हेल्थ इंश्योरेंस से 620 करोड़ रुपए की इनकम हुई थी. 

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ज्यूरिख के लिए फायदे का सौदा
ज्यूरिख इंश्योरेंस ग्रुप लिमिटेड एक स्विस बीमा कंपनी है, जिसका मुख्यालय ज्यूरिख में है. यह स्विट्ज़रलैंड की सबसे बड़ी बीमा कंपनी है. 2021 तक, फोर्ब्स की ग्लोबल 2000 लिस्ट के अनुसार, ज्यूरिख दुनिया की 112वीं सबसे बड़ी सार्वजनिक कंपनी है. ज्यूरिख के पोर्टफोलियों में कार इंश्योरेंस और जनरल इंश्योरेंस सहित विभिन्न प्रकार के प्रोडक्ट्स हैं. दूसरे देशों के मुकाबले भारत के बीमा बाजार का आकार कुछ कम है, लेकिन इसमें बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है. 2021 में वैश्विक जीवन बीमा बाज़ार में हमारी हिस्सेदारी 3.23% थी. कोटक के जरिये ज्यूरिख इंश्योरेंस भारत के बीमा बाजार पर अपनी पकड़ बना सकती है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये डील स्विस कंपनी के लिए फायदे का सौदा साबित होगी.

इनसे होगा असली मुकाबला 
भारत में कुल 29 जीवन बीमा कंपनियां हैं, जिसमें LIC सबसे ज्यादा परिचित नाम है. ज्यूरिख इंश्योरेंस को ICICI Prudential Life Insurance, HDFC Life Insurance, Aditya Birla SunLife Insurance, TATA AIA Life Insurance, SBI Life Insurance और Bajaj Allianz जैसी कंपनियों के साथ-साथ देश की सबसे बड़ी सरकारी बीमा कंपनी LIC से प्रस्तिपर्धा का सामना करना पड़ेगा. कोटक महिंद्रा जनरल इंश्योरेंस अब तक भारतीय कंपनी थी, इसलिए उस पर विश्वास का स्तर अलग था, लेकिन अब उस पर स्विस कंपनी का ठप्पा लग गया है. ऐसे में ज्यूरिख इंश्योरेंस को भारतीयों का विश्वास हासिल करने के लिए काफी कुछ करना पड़ेगा. 

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जेब भारी करने की है चाहत? आज इन शेयरों में बन रहा है कमाई का मौका!

शेयर बाजार की चाल आज कैसी रहेगी सटीक तौर पर कहना मुश्किल है लेकिन कुछ शेयरों में तेजी के संकेत ज़रूर मिले हैं.

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Thursday, 20 June, 2024
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शेयर बाजार (Stock Market) के लिए कल का दिन मिलाजुला रहा. सेंसेक्स जहां ग्रीन लाइन पकड़कर कारोबार करता रहा. वहीं, निफ्टी में उतार-चढ़ाव देखने को मिला. हालांकि, बैंक निफ्टी के लिए बुधवार शानदार रहा. इस दौरान, बैंकिंग सेक्टर के अधिकांश शेयरों में उछाल आया. खासकर प्राइवेट बैंकों के शेयर तेजी से भागते दिखाई दिए. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए थे. लेकिन, बाद में मुनाफावसूली के चलते निफ्टी में गिरावट आई. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 36.45 अंकों की तेजी के साथ 77,337.59 और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 41.90 अंक चढ़कर 23,516 पर पहुंच गया.

इनमें आ सकती है तेजी
चलिए जानते हैं कि आज कौनसे शेयर ट्रेंड में रह सकते हैं. मोमेंटम इंडिकेटर मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डिवर्जेंस (MACD) ने आज के लिए Axis Bank, Hitachi Energy India, Ingersoll-Rand India, JITF Infralogistics और Force India में तेजी के संकेत दिए हैं. इसका मतलब है कि इन शेयरों में आज उछाल आ सकता है. ऐसे में इन पर दांव लगाने पर मुनाफा कमाने की गुंजाइश भी बन सकती है. हालांकि, BW हिंदी आपको सलाह देता है कि शेयर मार्केट में निवेश से पहले किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से परामर्श ज़रूर कर लें, अन्यथा आपको नुकसान भी उठाना पड़ सकता है.

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इनमें मंदी के संकेत
इसी तरह, MACD ने VST Industries, Divi's Laboratories, Zydus Wellness, Muthoot Finance और Godrej Consumer Products पर मंदी का रुख दर्शाया है. यानी कि इन शेयरों में गिरावट देखने को मिल सकती है. कल Union Bank of India, पंजाब नेशनल बैंक, Bank of Baroda, Central Bank of India, Canara बैंक, Bank of Maharashtra और Federal Bank के शेयरों में गिरावट देखने को मिली थी. लिहाजा, आज इन पर भी नजर रखें.

इनमें मजबूत खरीदारी
अब उन शेयरों की बात करते हैं, जिनमें मजबूत खरीदारी देखने को मिल रही है. इस लिस्ट में Chambal Fertilisers & Chemicals, EID Parry, Triveni Engineering, Sunteck Realty, FACT और Rashtriya Chemicals & Fertilizers का नाम शामिल है. Chambal Fertilisers के शेयर में कल करीब 7 प्रतिशत की तेजी आई. 466.90 रुपए के भाव पर मिल रहा ये शेयर बीते 5 दिनों में 8.33% चढ़ चुका है. इसी तरह, Rashtriya Chemicals & Fertilizers के शेयर भी बीते कारोबारी सत्र में 7 प्रतिशत की तेजी के साथ 185.50 रुपए पर पहुंच गए. 

(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है. 'BW हिंदी' इसकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता. सोच-समझकर, अपने विवेक के आधार पर और किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह के बाद ही निवेश करें, अन्यथा आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है).


अब दक्षिण के ग्राहकों तक पहुंचने के लिए इस फर्म ने किया विस्‍तार, इस शहर में खुला ऑफिस 

कंपनी का मानना है कि आने वाले दिनों में वो अपने इस नए ऑफिस से और ग्राहकों तक पहुंच पाएगी और अपनी क्षमताओं में इजाफा कर पाएगी. 

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Wednesday, 19 June, 2024
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देश भर में अपनी उपस्थिति को मजबूत करने के लिए, भारतीय कंसल्टेंसी फर्म प्राइमस पार्टनर्स ने मंगलवार को चेन्नई में अपने नए कार्यालय का उद्घाटन किया. कंपनी इससे पहले साउथ इंडियन बाजार तक पहुंचने के लिए एक ऑफिस खोल चुकी है. अब इसी कड़ी में कंपनी ने नए नया ऑफिस चेन्‍नई में खोला है. कंपनी का मानना है कि नए कार्यालय स्थान से फर्म की पकड़ और ग्राहक-सेवा क्षमताओं में वृद्धि होने की उम्मीद है.

ये है दक्षिण के बाजार में पहुंचने की प्रमुख वजह? 
कंपनी की ओर से इस मामले को लेकर कहा गया है कि भारत के दक्षिणी राज्य कंपनी के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में काम करते हैं और क्षेत्र के ग्राहकों को बेहतर सेवा प्रदान करते हुए सही प्रतिभा को आकर्षित करने में मदद करते हैं. चेन्नई कार्यालय ग्राहकों को कई सेवाएं प्रदान करेगा, जिसमें डिजिटल रणनीति और कार्यान्वयन और आपदा लचीलापन और शमन योजना दो प्रमुख पेशकश शामिल होंगी. विशेष रूप से, प्राइमस पार्टनर्स चेन्नई में अपने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की योजना बना रहा है और इसका लक्ष्य अगले 12 से 18 महीनों के भीतर इसे शीर्ष तीन कार्यालयों में शामिल करना है. 

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क्‍या बोले कंपनी के सह संस्‍थापक?  
कंपनी प्राइमस पार्टनर्स के सह-संस्थापक और सीईओ निलय वर्मा ने कहा, ‘हम प्राइमस पार्टनर्स जैसी नए युग की परामर्श फर्मों के लिए जबरदस्त गुंजाइश देखते हैं. भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के साथ, यह न केवल भारत में बल्कि विश्व स्तर पर अपनी उपस्थिति का विस्तार करने का सही समय है. तदनुसार, हम इस वित्तीय वर्ष में 5-6 नए कार्यालय खोलने का इरादा रखते हैं, जिससे हमारे कार्यालयों की संख्या दोगुनी हो जाएगी, जिसमें विदेश स्थित कार्यालय भी शामिल हैं.

क्‍या बोले प्राइमस के एमडी? 
प्राइमस पार्टनर्स के प्रबंध निदेशक अरुण मोरल ने कहा, ‘चेन्नई भारत में हमारे छठे कार्यालय की मेजबानी करता है, जो हमारे बेंगलुरु कार्यालय की सफलता के बाद प्राइमस पार्टनर्स की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. आने वाले महीनों में पर्याप्त वृद्धि की आशा करते हुए, हम अगले 12 से 18 महीनों में अपने कर्मचारियों की संख्या 50 से 60 प्रतिशत तक बढ़ाने की योजना बना रहे हैं. इसमें विदेश में लोगों को शामिल करना शामिल होगा. कंपनी का कहना है कि पिछले दो वर्षों में, प्राइमस पार्टनर्स ने अपने कार्यबल में 100 प्रतिशत की वृद्धि की है और नए कार्यालय के उद्घाटन से संकेत मिलता है कि अभी और भी उपलब्धियां आने वाली हैं.
 


तपती दिल्‍ली में इस विमान कंपनी ने छुड़ाए पसीने, वाकिए पर कंपनी ने दिया ये जवाब 

SpiceJet में 19 जून को सामने आई ये घटना 18 जून को सामने आई घटना से ठीक एक दिन बाद सामने आई है. कंपनी ने इसके लिए जमीनी तापमान को वजह बताया है. 

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Wednesday, 19 June, 2024
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दिल्‍ली की तपती गर्मी में जहां एक ओर कई लोग बीमार पड़ रहे हैं वहीं दूसरी ओर सोचिए अगर आपको विमान में बिठा दिया जाए और एसी ऑन न किया जाए तो क्‍या कहेंगे…जी हां कुछ ऐसा ही मामला दिल्‍ली एयरपोर्ट पर देखने को मिला जब यात्रियों को विमान में बिठाने के बाद तब तक एसी नहीं चलाया गया जब तक टेक ऑफ नहीं हो गया. 40 डिग्री तापमान में यात्री विमान में रखी मैग्‍जीन से हवा करते दिखाई दे रहे हैं. 

कब की है ये पूरी घटना 
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस फ्लाइट में सफर कर रहे रोहन कुमार ने बताया कि ये पूरा मामला दिल्‍ली एयरपोर्ट पर 19 जून को सामने आया जब दिल्‍ली से दरभंगा जाने वाली फ्लाइट (SG486) ने यात्रियों के चेक इन करने के बाद लगभग एक घंटे तक एसी ऑन ही नहीं किया. उन्‍होंने कहा कि विमान में एसी तब ऑन किया गया जब फ्लाइट टेक ऑफ करने लगी. 

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स्‍पाइसजेट के प्रवक्‍ता ने कही क्‍या बात? 
लेकिन स्पाइसजेट के प्रवक्ता की ओर से मीडिया को दिए गए बयान के मुताबिक, 19 जून की सुबह 11 बजे उड़ान भरने वाली दिल्ली से दरभंगा की उड़ान संख्या एसजी 476 बिना किसी देरी के समय पर रवाना हो गई. एयर कंडीशनिंग से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए उन्‍होंने कहा कि विमान में पूरी उड़ान के दौरान और दरभंगा पहुंचने पर सामान्य रूप से संचालित हुआ. 
प्रवक्ता ने ये भी बताया कि उसी विमान ने बिना किसी एयर कंडीशनिंग समस्या के दिल्ली के लिए वापसी उड़ान भी सफलतापूर्वक भरी. दिल्ली में बोर्डिंग प्रक्रिया के दौरान, अत्यधिक मौसम की गर्मी और विमान के दरवाजे खुले होने के कारण एयर कंडीशनिंग के साथ थोड़ी चुनौतियाँ आईं, क्योंकि बोर्डिंग एयरोब्रिज के माध्यम से नहीं हुई थी.

एक दिन पहले भी सामने आया था मामला 
दिल्‍ली एयरपोर्ट पर ये घटना 18 जून को हुई कुछ इसी तरह की घटना के बाद सामने आया है. दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ज्‍यादा तापमान के कारण तकनीकी समस्याओं के चलते यात्रियों को लंबी देरी का सामना करना पड़ा. इंडिगो ने एक बयान जारी कर उड़ान 6ई 2521 की देरी के लिए ‘जमीन के ज्‍यादा तापमान’ के कारण हुई तकनीकी समस्या को जिम्मेदार ठहराया था.
 


PLI स्कीम में होने जा रहा है बदलाव, इस सेक्टर को मिलेगा ज्यादा फायदा, बरसेंगी नौकरियां

PLI स्कीम का आकार 1.97 लाख करोड़ रुपये का है, जिसमें से मार्च 2024 तक केवल 9,700 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं.

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Wednesday, 19 June, 2024
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केंद्र सरकार की ओर से प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI Scheme) में बड़े बदलाव की तैयारी की जा रही है. इसके तहत नए सेक्टरों को इसमें जोड़ा जाएगा और MSME के लिए फायदों को बढ़ाया जाएगा. PIL स्कीम में सुधार के तहत सरकार फंड जुटाने के नियमों को आसान बना सकती है. इसमें नए सेक्टरों को जोड़ने के साथ अधिक श्रम वाले क्षेत्रों की MSME को ज्यादा लाभ दिए जा सकते हैं. सरकार का पूरा ध्यान मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने को लेकर है. PIL में रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) के लिए इंसेंटिव को जोड़ा जाएगा. 

इन सेक्टर को भी कवर किया जाएगा

टॉय, फर्नीचर और कपड़ा क्षेत्र को इस स्कीम के अंदर जल्द ही कवर किया जा सकता है. इन क्षेत्रों में अधिक नौकरियां पैदा होने की संभावना है. सरकार मानव निर्मित फाइबर (MMF) को भी PIL स्कीम के तहत ला सकती है. इसके अलावा कुछ कॉटन को कवर करने के लिए टेक्निकल टेक्सटाइल को भी इसमें शामिल किया जा सकता है. इनका ऐलान आगामी बजट में हो सकता है.

वित्त वर्ष 2024 में 6800 करोड़ रुपए बांटे गए

PIL स्कीम का आकार 1.97 लाख करोड़ रुपए (करीब 26 अरब डॉलर) का है, जिसमें से मार्च 2024 तक केवल 9,700 करोड़ रुपए वितरित किए गए हैं. वित्त वर्ष 2024 में विभिन्न क्षेत्रों में कुल 6,800 करोड़ रुपए का प्रोत्साहन प्रदान किया गया था. पीएलआई का लाभ प्राप्त कर चुकी कंपनियों की ओर से दिसंबर 2023 तक 1.07 लाख करोड़ रुपए निवेश किए जा चुके हैं. इनसे 9 लाख करोड़ रुपए से अधिक की ब्रिकी हुई है और 7 लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं.

2020 में शुरु हुई थी PLI Scheme 

PIL स्कीम को मार्च 2020 में लॉन्च किया गया था. उस समय यह स्कीम फार्मा इंडस्ट्री के कच्चे माल, मेडिकल डिवाइस और बड़े स्तर पर इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग के लिए शुरू की गई थी. नवंबर 2020 में 10 अन्य सेक्टर्स को इसमें शामिल किया गया था. सितंबर 2021 में ड्रोन सेक्टर को भी इसमें जोड़ा गया था.
 


इस पोर्ट के निर्माण को सरकार की हरी झंडी, 76000 करोड़ होंगे खर्च, 10 लाख मिलेंगे रोजगार

केंद्रीय कैबिनेट ने इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए बड़ा फैसला लिया है. सरकार आने वाले 5 साल में 76 हजार करोड़ खर्च करके भारत में नया पोर्ट बनाएगी, जो दुनिया के टॉप 10 पोर्ट्स में शामिल होगा.

Last Modified:
Wednesday, 19 June, 2024
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए बड़ा फैसला लिया गया है. सरकार आने वाले 5 साल में 76 हजार करोड़ खर्च करके भारत में नया पोर्ट बनाएगी. दरअसल, सरकार ने महाराष्ट्र के पालघर में वधावन पोर्ट को मंजूरी दे दी है. इस प्रोजेक्ट को पूरा होने में 76200 करोड़ रुपये का खर्च होने की संभावना है. वाधवन पोर्ट पर कंटेनर की कैपेसिटी 20 मिलियन Teu होगी. इससे पोर्ट के आसपास के इलाके में 10 लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे.

प्रोजेक्ट को कैबिनेट की मंजूरी

केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में मिली मंजूरी के बाद इस परियोजना का निर्माण वधावन पोर्ट प्रोजेक्ट लिमिटेड (VPPL) द्वारा किया जाएगा. यह जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (JNPA) और महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड (MMB) द्वारा गठित एक SPV है. इसमें इनकी 74 प्रतिशत और 26 प्रतिशत की हिस्सेदारी है. वधावन बंदरगाह को हर मौसम में काम आने वाले ग्रीनफील्ड डीप ड्राफ्ट प्रमुख बंदरगाह के रूप में विकसित किया जाएगा. इसमें सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मोड में मुख्य बुनियादी ढांचे, टर्मिनलों और अन्य वाणिज्यिक बुनियादी ढांचे का विकास शामिल होगा.

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रेलवे और एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी

इस पोर्ट के आसपास रेलवे और हवाई अड्डे की शानदार कनेक्टिविटी होगी. देश में एक बहुत बड़े प्रोजेक्ट को ग्रीन सिग्नल मिला है. इस पोर्ट का पहला फेज 2029 में पूरा होगा. ये पोर्ट विश्व के टॉप 10 में होगा. ये मुंबई से करीब 150 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. बंदरगाह में नौ कंटेनर टर्मिनल होंगे. इनमें से प्रत्येक 1,000 मीटर लंबा होगा. तटीय बर्थ सहित चार बहुउद्देशीय बर्थ, चार लिक्विड कार्गो बर्थ, एक रो-रो बर्थ और एक तटरक्षक बर्थ शामिल होंगे. इस परियोजना में समुद्र में 1,448 हेक्टेयर क्षेत्र का पुनर्ग्रहण और 10.14 किलोमीटर अपतटीय ब्रेकवाटर और कंटेनर/कार्गो भंडारण क्षेत्रों का निर्माण शामिल है.

10 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार

केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए बयान में कहा गया है कि परियोजना के पूरा होने पर वधावन बंदरगाह दुनिया के शीर्ष दस बंदरगाहों में से एक होगा. इसके साथ ही यह पीएम गति शक्ति कार्यक्रम के उद्देश्यों के साथ यह परियोजना आर्थिक गतिविधि को बढ़ाएगा. इसमें लगभग 10 लाख व्यक्तियों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करने की क्षमता भी होगी. इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था में योगदान मिलेगा.


गर्मी के कारण पहली बार सामने आ रहे हार्ट हटैक और ब्रेन स्‍ट्रोक के मामले, क्‍यों करें उपाय

सामान्‍य तौर पर गर्मियों में तापमान 45 से 48 डिग्री तक ही तापमान जाता है लेकिन इस बार तापमान 52 डिग्री तक जा पहुंच चुका है. 

Last Modified:
Wednesday, 19 June, 2024
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देश में पहली बार गर्मियों के मौसम में बढ़ते तापमान ने सभी को हैरान और परेशान कर रखा है. बढ़ते तापमान के कारण कोई राज्‍य ऐसा नहीं है जहां मौतें नहीं हो रही है. लेकिन पहली बार पड़ रही इस गर्मी के साइड इफेक्‍ट सामने आने शुरू हो गए हैं. सामान्‍य तौर पर सर्दियों में सामने आने वाले हार्ट अटैक और ब्रेन स्‍ट्रोक के मामले इस बार गर्मियों में भी सामने आ रहे हैं. विशेषज्ञ डॉक्‍टरों का तो यहां तक कहना है कि अगर आप किसी बीमारी से जूझ रहे हैं तो इतना ज्‍यादा तापमान और गर्मी आपकी उस बीमारी पर असर कर सकती है और आप परेशानी में आ सकते हैं. 

पहली बार गर्मियों में सामने आ रहे हैं मामले
PSRI के सीनियर न्‍यूरोलॉजिस्‍ट डॉ. भास्‍कर शुक्‍ला कह रहे हैं कि अपने करियर में पहली बार ऐसा हो रहा है जब मैं गर्मियों में भी हार्ट अटैक और ब्रेन स्‍ट्रोक के मामले देख रहे हैं. ऐसा इससे पहले कभी देखने को नहीं है. इससे पहले हार्ट अटैक और ब्रेन स्‍ट्रोक के मामले हमेशा ही सर्दियों में देखने को आते हैं. सर्दियों के दिनों में तो इस तरह के मामलों को समझा जा सकता है, क्‍योंकि उन दिनों कोहरा हो जाता है, प्रदूषण बढ़ जाता है. 

अब जानिए गर्मियों में क्‍यों आ रहे हैं ये मामले? 
डॉ. भास्‍कर शुक्‍ला कहते हैं कि अभी अचानक हार्ट अटैक और ब्रेन स्‍ट्रोक के बढ़ने का कारण क्‍या है इसके बारे में कहना थोड़ा ज्‍यादा कठिन होगा. क्‍योंकि अभी हम लोगों ने सिर्फ मामलों को देखा है. ये पता बाद में जांच और शोध से ही लगाया जा सकेगा कि इसके कारण क्‍या हैं. लेकिन प्राथमिक तौर पर ये कहा जा सकता है कि जिस तरह से तापमान में इजाफा हुआ है वो इसका एक कारण हो सकता है. 

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हीट सभी बीमार लोगों के लिए बन रही है समस्‍या 
डॉ. प्रशांत सिन्‍हा कहते हैं कि इस बार की हीट वेव में कुछ बदलाव ये भी देखने को मिल रहा है कि सभी तरह के मरीज सामने आ रहे हैं. अगर कोई मरीज किसी भी तरह की बीमारी से जूझ रहा हो तो गर्मी उसकी उस परेशानी को काफी हद तक बढ़ा रही है. उनका कहना है कि मरीज जिन बीमारियों से जूझ रहे हैं उनमें इस बढ़ते तापमान के कारण उसी की शिकायत सामने आ रही है. इसलिए कोशिश ये करें कि अगर आप किसी भी तरह की बीमारी से ग्रसित हैं तो बढ़ता तापमान आपके लिए परेशानी पैदा कर सकता है. 

अगर बाहर जाना जरूरी है तो करें ये काम 
डॉक्‍टरों का कहना है कि अगर आप कोई ऐसा काम करते हैं जिसमें आपको बाहर जाना जरूरी है, तो ऐसे में आपको कुछ बचाव के कदम जरुर उठाने चाहिए. 
-घर से बाहर जाते समय पानी की बोतल अपने साथ लेकर चलें. 
-फुल स्‍लीव्‍स के कपड़े पहनकर ही अपने सारे काम करें. 
- सर मैं कैप पहनकर बाहर निकलें. 
- दिन में कम से कम 4 से 5 लीटर तक पानी पियें. 
- इस बात का ध्‍यान रखें कि ज्‍यादा देर तक धूप में ना रहें. 
 


जिस सांसद की बेटी ने फुटपाथ पर सो रहे युवक को दी मौत, कितनी दौलत है उनके पास?

माधुरी ने फुटपाथ पर सो रहे युवक को अपनी लग्जरी कार से रौंद दिया, जिससे उसकी मौत हो गई.

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Wednesday, 19 June, 2024
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चेन्नई में भी पुणे जैसा हिट एंड रन (Hit & Run Case) का मामला सामने आया है. वाईएसआर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद बीदा मस्तान राव (Beeda Masthan Rao) की बेटी माधुरी ने अपनी BMW कार से फुटपाथ पर सो रहे एक व्यक्ति को रौंद डाला, जिससे उसकी मौत हो गई. हादसे को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गई. जबकि उसकी दोस्त कुछ देर तक भीड़ से बहस करती रही और बाद में वो भी वहां से निकल भागी. पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर सांसद की बेटी को गिरफ्तार किया, लेकिन थाने से ही उसे जमानत दे दी गई. 

क्या नशे में थी आरोपी?
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि सांसद की बेटी माधुरी हादसे के वक्त नशे में थी, इसलिए मौके से फरार हो गई. मृतक की पहचान 22 वर्षीय सूर्या के रूप में हुई है. सूर्या का अपनी पत्नी से किसी बात पर झगड़ा हो गया था. इसके बाद वह अपने घर से करीब 2 किमी दूर फुटपाथ पर आकर सो गया. काफी देर तक जब सूर्या घर नहीं आया, तो पत्नी वनिता उसे खोजने निकली. उसे नशे की हालत में सूर्या फुटपाथ पर सोते मिला. इससे पहले कि वो उसे उठाकर घर ले जाती, सांसद की बेटी की तेज रफ़्तार कार ने सूर्या को रौंद दिया. यह घटना सोमवार की शाम बेसेंट नगर-चेन्नई की है.

बिजनेसमैन भी हैं राव
दुर्घटना के बाद सांसद की बेटी तुरंत वहां से भाग निकली, लेकिन उसकी दोस्त कुछ देर तक लोगों से बहस करती रही और बाद में वो भी वहां से भाग खड़ी हुई. मौके पर मौजूद लोगों ने सूर्या को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उसकी मौत हो गई. पुलिस ने जब आसपास लगे CCTV फुटेज की जांच की, तो पता चला कि कार BMR (बीदा मस्तान राव) ग्रुप की है और पुडुचेरी में रजिस्टर्ड है. राज्यसभा सांसद बीदा मस्तान राव नेता होने के साथ-साथ मशहूर कारोबारी भी हैं. BMR उन्हीं की कंपनी है.  

165 करोड़ की संपत्ति
चेन्नई पुलिस ने आरोपी माधुरी को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन थाने से ही उन्हें जमानत मिल गई. बीदा मस्तान राव आंध्र प्रदेश के दिग्गज नेता और मशहूर बिजनेसमैन हैं. चुनावी हलफनामे में उन्होंने बताया था कि उनके पास 165 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति है. बीदा मस्तान की कंपनी BMR  सी-फूड इंडस्ट्री में जाना-माना नाम है. बीदा 2009 से 2019 तक ममता बनर्जी की चंद्रबाबू नायडू की तेलुगू देशम पार्टी (TDP) में रहे. इस दौरान, वह 2009 से 2014 तक आंध्र प्रदेश की कवाली सीट से विधायक रहे. उन्होंने 2019 में YSR कांग्रेस जॉइन की और 2022 में राज्यसभा सांसद बने. 


UGRO Capital ने सीसीडी, वारंट के जरिए 1,265 करोड़ रुपये किए सिक्योर 

1 जून 2024 को शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के बाद यूग्रो कैपिटल (UGRO Capital) ने 258 करोड़ रुपये के सीसीडी और 1,007 करोड़ रुपये के वारंट आवंटित किए गए. 

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Wednesday, 19 June, 2024
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माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइसिस (MSME) लोन देने पर ध्यान केंद्रित करने वाली डेटाटेक गैर-बैंक वित्तीय कंपनी (NBFC) यूग्रो कैपिटल (UGRO Capital) ने अपनी इक्विटी पूंजी बढ़ाने और 1,265 करोड़ रुपये के अनिवार्य परिवर्तनीय डिबेंचर (सीसीडी) वारंट के आवंटन की घोषणा की है. 2 मई 2024 को एक बोर्ड बैठक के दौरान, कंपनी के निदेशक मंडल ने भारतीय आम चुनावों के चरम के साथ 1,332.66 करोड़ रुपये की इक्विटी पूंजी जुटाने को मंजूरी दी थी. 
 
मंजूरी मिलने के बाद इतने करोड़ रुपये किए आवंटित
1 जून 2024 को यूग्रो कैपिटल को शेयरधारकों की मंजूरी मिली, जिसकेबाद 258 करोड़ रुपये के सीसीडी और 1,007 करोड़ रुपये के वारंट आवंटित किए गए. उन्हें मौजूदा निजी इक्विटी निवेशक समेना कैपिटल का समर्थन प्राप्त था, जिसने वारंट और अन्य संस्थागत निवेशकों जैसे एरेजेंस और भारत के कई प्रमुख पारिवारिक कार्यालयों के माध्यम से 500 करोड़ रुपये का निवेश किया था. उग्रो के संस्थापक, बोर्ड के सदस्यों और प्रबंधन टीम ने भी वारंट इश्यू की सदस्यता ली. सब्सक्राइबर्स आवंटन की तारीख पर इश्यू प्राइस का 25 प्रतिशत और शेष राशि 18 महीने बाद चुका सकते हैं. 

भारत के छोटे व्यवसायों की मदद करने के लक्ष्य के करीब 
यूग्रो कैपिटल के संस्थापक और प्रबंध निदेशक शचींद्र नाथ ने कहा है कि बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच इस पूंजी को जुटाना निवेशकों का हमारे ऊपर विश्वास को दर्शाता है. हमारा लक्ष्य हमेशा एक डेटाटेक संचालित ऋण संस्थान का निर्माण करना रहा है, जो संस्थागत स्वामित्व, स्वतंत्र रूप से पर्यवेक्षण और पेशेवर रूप से प्रबंधित, सार्वजनिक बाजार निवेशकों के लिए सुलभ हो. अब हम भारत में सभी छोटे व्यवसायों की मदद करने के अपने लक्ष्य के करीब हैं और इसे पूरा करने के लिए मेरे मन में हमारे सभी निवेशकों, साझेदारों और पूरी उगरो टीम के प्रति कृतज्ञता की भावना है. 

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2018 में इस कंपनी का किया अधिग्रहण
2018 में शचींद्र नाथ ने 40 करोड़ की नेटवर्थ वाली सूचीबद्ध एनबीएफसी, 'चोखानी सिक्योरिटीज लिमिटेड' का अधिग्रहण किया और भारत के पहले सूचीबद्ध स्टार्ट-अप की अवधारणा को क्रियान्वित किया. इसने टीपीजी- न्यूक्वेस्ट, पीएजी, एडीवी कैपिटल, समेना कैपिटल और अन्य घरेलू पारिवारिक कार्यालयों और सार्वजनिक बाजार निवेशकों सहित निवेशकों से 914 करोड़ रुपये की संस्थागत इक्विटी पूंजी जुटाई. अपने डेनिश सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स इन्वेस्टमेंट फंड के/एस और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट (क्यूआईपी) के माध्यम से अन्य संस्थागत शेयरधारकों से 100.5 करोड़ रुपये के माध्यम से यूग्रो कैपिटल ने पिछले साल 340.5 करोड़ रुपये जुटाए, जिसमें डेनमार्क सरकार के स्वामित्व वाले आईएफयू से 240 करोड़ रुपये शामिल थे.  

13 बैंको के साथ साझेदारी करके 2,700 करोड़ रुपये की कुल इक्विटी पूंजी जुटाई
यूग्रो कैपिटल ने 2,700 करोड़ रुपये की कुल इक्विटी पूंजी प्रतिबद्धता जुटाई है, घरेलू और वैश्विक संस्थानों से कुल 4,643 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है और 3,295 करोड़ रुपये के सह-उधार (Co-Lending) देने के लिए 13 बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों के साथ साझेदारी की है. इसने भारत भर में 78,000 से अधिक एमएसएमई तक डेटा-संचालित अनुकूलित वित्त समाधान बढ़ाया है.