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लोकसभा में आयकर विधेयक 2025 पारित: LLP और नॉन-कॉरपोरेट टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत
आयकर विधेयक 2025 के तहत LLP और गैर-कॉरपोरेट टैक्सपेयर्स को AMT में राहत सहित कई कर सुधार प्रस्तावित हैं, जो अब राज्यसभा और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद कानून बनेंगे.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago
लोकसभा ने सोमवार को आयकर (संख्या 2) विधेयक, 2025 को सिर्फ तीन मिनट में बिना किसी चर्चा के ध्वनिमत से पारित कर दिया. यह नया विधेयक आयकर अधिनियम, 1961 की जगह लेगा. अब यह विधेयक राज्यसभा में जाएगा और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद कानून का रूप ले लेगा.
गैर-कॉरपोरेट करदाताओं को मिली बड़ी राहत
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए इस विधेयक में सीमित दायित्व भागीदारी (LLP) और गैर-कॉरपोरेट करदाताओं के लिए वैकल्पिक न्यूनतम कर (AMT) से राहत दी गई है. पहले के ड्राफ्ट में की गई एक त्रुटि को सुधारते हुए यह स्पष्ट किया गया है कि AMT केवल उन्हीं मामलों में लागू होगा, जहां करदाता की कुल आय में धारा VI-A के तहत कटौतियां शामिल हैं.
इससे पहले की स्थिति में LLP को उपकर और अधिभार के अलावा 18.5% AMT देना पड़ सकता था, भले ही उनकी आय दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ पर आधारित हो, जिस पर 12.5% कर लागू होता है. संशोधित विधेयक में यह भ्रम दूर कर दिया गया है.
प्रवर समिति की अधिकांश सिफारिशें शामिल
इस संशोधित विधेयक में प्रवर समिति, जिसकी अध्यक्षता बैजयंत पांडा ने की थी, की लगभग सभी 285 सिफारिशों को शामिल किया गया है. हालांकि समिति ने LLP पर लागू AMT प्रावधानों में कोई बदलाव का सुझाव नहीं दिया था, लेकिन सरकार ने उसमें सुधार करते हुए खंड 206 में स्पष्टता प्रदान की है.
अन्य महत्वपूर्ण प्रावधान
इसके अलावा, लोकसभा ने कराधान कानून (संशोधन) विधेयक, 2025 भी पारित किया है, जिसमें नई एकीकृत पेंशन योजना (UPS) के तहत कर राहत, सऊदी अरब के सार्वजनिक निवेश कोष को कर लाभ, और ब्लॉक मूल्यांकन नियमों में पारदर्शिता लाने से जुड़े प्रावधान शामिल हैं.
अब ये दोनों विधेयक राज्यसभा में पेश किए जाएंगे और वहां से पारित होने के बाद राष्ट्रपति की स्वीकृति के साथ ये विधेयक कानून का रूप ले लेंगे.
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