होम / बिजनेस / जुलाई में भारत का सर्विस सेक्टर 11 महीने के उच्चतम स्तर पर, PMI बढ़कर 60.5 पर पहुंचा
जुलाई में भारत का सर्विस सेक्टर 11 महीने के उच्चतम स्तर पर, PMI बढ़कर 60.5 पर पहुंचा
जुलाई में सर्विस सेक्टर की यह वृद्धि भारत की समग्र आर्थिक स्थिरता और उपभोक्ता मांग में मजबूती को दर्शाती है. वैश्विक बाजारों से मिले समर्थन और घरेलू ऑर्डर्स में तेजी से सेक्टर को गति मिली है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago
भारत का सर्विस सेक्टर जुलाई 2025 में जबरदस्त तेजी के साथ उभरा है. HSBC इंडिया सर्विसेज PMI जुलाई में 60.5 के स्तर पर पहुंच गया, जो अगस्त 2024 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है. इस दौरान अंतरराष्ट्रीय मांग, विज्ञापन गतिविधियों और नए ग्राहकों से मिले ऑर्डर्स ने सेक्टर को बल दिया है.
PMI लगातार 50 के ऊपर, सेक्टर में मजबूती के संकेत
एक सर्वेक्षण के अनुसार, जून 2025 में सेवा PMI 60.4 था, जो जुलाई में बढ़कर 60.5 हो गया. यह लगातार चौथा वर्ष है जब इंडेक्स 50 के तटस्थ स्तर से ऊपर बना हुआ है, जो विस्तार का संकेत देता है. सेवा प्रदाताओं ने नए बिजनेस में स्थिर वृद्धि दर्ज की है. उत्पादन और ऑर्डर में यह तेजी 2024 के अगस्त के बाद सबसे तेज रही है. प्रतिभागियों ने बताया कि नए ग्राहकों, विज्ञापन और मजबूत मांग के कारण ऑर्डर बुक में अच्छा इजाफा हुआ.
निर्यात ऑर्डर्स में जोरदार उछाल
विदेशों से मिले ऑर्डर्स ने भी सेक्टर को सहारा दिया. विशेष रूप से एशिया, कनाडा, यूरोप, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका से मांग में अच्छी बढ़त देखी गई. रिपोर्ट के मुताबिक, विदेशी बिक्री की वृद्धि दर वर्ष की दूसरी सबसे बड़ी रही है. HSBC की चीफ इंडिया इकोनॉमिस्ट प्रांजुल भंडारी ने कहा कि सेवा PMI के आंकड़े मजबूत वृद्धि का संकेत दे रहे हैं और इसमें मुख्य योगदान नए निर्यात ऑर्डर्स का है.
महंगाई और भविष्य को लेकर चिंताएं भी बरकरार
भविष्य की उम्मीदों में सुधार जरूर हुआ है, लेकिन यह अब भी FY25 की पहली छमाही के औसत से नीचे है. साथ ही, इनपुट और आउटपुट दोनों की कीमतों में मामूली तेजी देखी गई है. भंडारी के अनुसार, आगे चलकर महंगाई में बदलाव संभव है, जैसा कि हालिया CPI और WPI डेटा से भी संकेत मिलता है.
सेक्टोरल परफॉर्मेंस: फाइनैंस और इंश्योरेंस सबसे आगे
जुलाई में सेवा क्षेत्र के भीतर फाइनैंस और इंश्योरेंस सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले सेगमेंट रहे. वहीं रियल एस्टेट और बिजनेस सर्विसेज में अपेक्षाकृत सुस्ती देखी गई.
टैग्स