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डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट से इस राज्य के लोग बहुत खुश, यह है बड़ा कारण
भारतीय रुपया तीन साल में 22.15 फीसदी गिर गया है. जहां 2019 में एक दिरहम की कीमत 17.6 रुपये थी, वहीं अब यह 21.5 पर व्यापार कर रहा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः डॉलर के मुकाबले रुपये में 6 फीसदी की गिरावट से जहां सरकार से लेकर के बड़े-बड़े इकोनॉमिस्ट भी चिंता कर रहे हैं, वहीं विदेशों में रह रहे अप्रवासियों को इससे खुशी हो रही है. ये वो लोग हैं जो खाड़ी या फिर अन्य देशों में रहते हुए अपनी अजीविका कमाते हैं.
केरल के 28 लाख लोग अप्रवासी भारतीय
केरल राज्य के करीब 28 लाख लोग खाड़ी देशों या फिर दुनिया के अन्य देशों में रहकर के अपनी अजीविका कमाते हैं. विदेशों से वो अपना कमाया हुआ पैसा राज्य में रह रहे अपने सगे संबंधियों को भी भेजते हैं. फॉरेन रेमिटेंस के नाम पर राज्य की इकोनॉमी को को पांचवें स्थान पर सबसे ज्यादा कमाई होती है.
विदेशी मुद्रा के मुकाबले इतना गिरा है रुपया
अबू धाबी में दिरहम चलता है. इसके मुकाबले भारतीय रुपया तीन साल में 22.15 फीसदी गिर गया है. जहां 2019 में एक दिरहम की कीमत 17.6 रुपये थी, वहीं अब यह 21.5 पर व्यापार कर रहा है. यूनिमोनी इंडिया के फॉरेक्स बिजनेस के हेड प्रकाश भास्कर ने कहा कि डॉलर के और मजबूत होने और रुपये के गिरने से इंग्लैंड, अमेरिका जैसे देशों में रहने वाले भारतीय भी ज्यादा पैसा रेमिटेंस के तौर पर भेज रहे हैं या फिर रियल एस्टेट में निवेश कर रहे हैं.
2021 में भारत में आई 890 करोड़ डॉलर
विश्व बैंक के अनुसार भारत में 2021 में कुल 890 करोड़ डॉलर से ज्यादा की रेमिटेंस आई है जो 2020 के मुकाबले 8 फीसदी ज्यादा है. 2020 में 827.3 करोड़ डॉलर की रेमिटेंस आई है. अमेरिकी डॉलर, ऑस्ट्रेलियन डॉलर और रियाल को एक्सचेंज कराने में अभी बहुत फायदा है.
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