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कैसे 29.18 % हिस्सेदारी खरीदकर NDTV को नियंत्रित करेंगे अडानी? जानें पूरी कहानी
इस डील से गौतम अडानी को मीडिया सेक्टर में पैर जमाने में मदद मिलेगी. हालांकि, कहा ये भी जा रहा है कि NDTV की सरकार विरोधी मुखर आवाज को दबाने के लिए यह सौदा किया गया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
अपनी अलग पत्रकारिता के लिए पहचान बना चुका नई दिल्ली टेलीविजन लिमिटेड (NDTV) अब बिक गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खास समझे जाने वाले उद्योगपति गौतम अडानी ने इसकी 29.18 फीसदी हिस्सेदारी खरीद ली है. अब सवाल यह है कि इतनी हिस्सेदारी से अडानी NDTV को कैसे नियंत्रित करेंगे?
ओपन ऑफर किया जारी
दरअसल, अडानी इतने पर ही रुकने वाले नहीं हैं. वह एनडीटीवी की 55.18 फीसदी हिस्सेदारी खरीदना चाहता है. यही वजह है कि 26 फीसदी हिस्सेदारी और खरीदने के लिए उसने 294 करोड़ रुपए में एक ओपन ऑफर जारी किया है. अडानी ग्रुप की मीडिया कंपनी एएमजी मीडिया नेटवर्क्स लिमिटेड (AMNL) ने यह डील की है. दरअसल, एएमएनएल की एक पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी विश्वप्रधान कमर्शियल प्राइवेट लमिटेड (VCPL) है. वीसीपीएल ने एनडीटीवी की एक प्रमोटर ग्रुप कंपनी आरआरपीआर होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड से 29.18 फीसदी हिस्सेदारी खरीद ली है.
संस्थापकों को पता ही नहीं
वहीं, NDTV के फाउंडर्स और प्रमोटर्स की तरफ से कहा गया है कि वीसीपीएल ने बिना उनसे चर्चा किए हिस्सेदारी खरीदने का नोटिस दिया है. उनकी तरफ से कहा गया है कि विश्वप्रधान कॉमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड (VCPL) ने एनडीटीवी की प्रमोटर कंपनी RRPR होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड में 29.18 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने से पहले NDTV के संस्थापकों प्रणय रॉय या राधिका रॉय से कोई चर्चा नहीं की.
कर्ज समझौते से मिला अधिकार
NDTV के प्रमोटर्स ने RRPP के जरिए अपनी हिस्सेदारी के बदले साल 2009 में कर्ज़ लिया था. ये कर्ज़ 10 साल के लिए लिया गया था और इसकी अवधि 2019 में ख़त्म हो गई थी. इसी कर्ज से जुड़े समझौते के तहत मिले अधिकार का इस्तेमाल करते हुए यह हिस्सेदारी बेची गई है. शेयर बाजार में मौजूद जानकारी के अनुसार, NDTV के तीन प्रमोटर शेयरधारकों (प्रणय रॉय 15.94%, राधिका रॉय 16.32%, आरआरपीआर होल्डिंग 29.18%) के पास 61.45 फीसदी हिस्सेदारी है और शेष 38.55 फीसदी जनता के पास हैं.
अडानी ग्रुप को मिलेगा फायदा
इस डील से गौतम अडानी को मीडिया सेक्टर में पैर जमाने में मदद मिलेगी. हालांकि, कहा ये भी जा रहा है कि NDTV की सरकार विरोधी मुखर आवाज को दबाने के लिए यह सौदा किया गया है. बता दें कि एनडीटीवी के पास तीन प्रमुख राष्ट्रीय चैनल्स हैं, एनडीटीवी 24x7, एनडीटीवी इंडिया और एनडीटीवी प्रोफिट. कंपनी के पास एक मजबूत डिजिटल प्लेटफॉर्म भी है. इस डील की खबर आम होते ही एनडीटीवी का शेयर मंगलवार को बीएसई पर 2.61% की बढ़त के साथ 366.20 रुपए पर बंद हुआ था.
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