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Adani के जवाब पर Hindenburg ने किया पलटवार, राष्ट्रवाद की आड़ में नहीं छिप सकते आरोप
रिसर्च फर्म कहती है कि हम यह भी मानते हैं कि धोखाधड़ी, धोखाधड़ी है, भले ही यह दुनिया के सबसे धनी व्यक्तियों में से एक द्वारा की गई हो.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
हिंडनबर्ग द्वारा अडानी समूह पर लगाए गए आरोपों पर गौतम अडानी के जवाब के बाद रिसर्च एजेंसी ने पलटवार किया है. हिंडनबर्ग ने सोमवार को अपना जवाब देते हुए कहा कि अडानी समूह धोखाधड़ी को राष्ट्रवाद की आड़ में नहीं छिपा सकता है, रिसर्च समूह ने कहा कि ये जवाब हमारे द्वारा लगाए गए हर प्रमुख आरोप को नजरअंदाज करता है. यूएस-आधारित निवेश अनुसंधान फर्म ने कहा कि अडानी समूह ने मूल मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश की और जवाब देने की बजाय राष्ट्रवाद जैसे विषय को उठाकर विषय को दूसरी दिशा में ले जाने का प्रयास किया है. गौतम अडानी के समूह ने रविवार को हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा लगाए गए आरोपों पर जवाब देते हुए कहा था कि ये भारत और इसकी संस्थाओं पर सुनियोजित हमले की तरह है.
हिंडनबर्ग ने अपने जवाब में और क्या कहा
रिसर्च फर्म ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया में कहा, उसने आरोप लगाया कि अडानी समूह भारत की सफलता के पीछे अपने अध्यक्ष की संपत्ति में हुई बढ़ोतरी के मामले को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है. हिंडनबर्ग ने ये भी कहा कि उनके जवाब से हम असहमत है. हिंडनबर्ग ने कहा, हम मानते हैं कि भारत एक जीवंत लोकतंत्र है और एक उज्जवल भविष्य के साथ एक उभरती हुई महाशक्ति है. हम यह भी मानते हैं कि अडानी समूह द्वारा भारत के भविष्य को रोका जा रहा है, फर्म ने ये भी कहा कि वो देश को लूटते उसे पीछे धकेल रहा है और अब खुद को भारतीय ध्वज की आड़ में छिपा रहा है.
हिंडनबर्ग ने क्या आरोप लगाए थे
हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अडानी समूह द्वारा गलत स्टॉक हेरफेर और लेखा धोखाधड़ी की योजना के कारण स्टॉक एक्सचेंज में भारी नुकसान हुआ, जिसके कारण पोर्ट-टू-एनर्जी समूह को बाजार मूल्य में लगभग $50 बिलियन का नुकसान हुआ था.
अडानी समूह ने अपने जवाब में क्या कहा था
हिंडनबर्ग के आरोपों पर अडानी समूह की ओर से 413 पन्नों का जवाब दिया गया था. इस जवाब में अडानी ग्रुप ने कहा था कि ये रिपोर्ट एक एक छिपे हुए मकसद से प्रेरित थी, ताकि अमेरिकी फर्म को वित्तीय लाभ मिल सके. अडानी समूह ने कहा कि हिंडनबर्ग द्वारा उठाए गए 88 प्रश्नों में से 65 ऐसे मामलों से संबंधित हैं, जिनका उसकी पोर्टफोलियो कंपनियों द्वारा विधिवत जवाब दिया गया है. अडानी समूह ने ये भी कहा कि बाकी 23 प्रश्नों में से 18 प्रश्न सार्वजनिक शेयरधारकों और थर्ड पार्टी से जुड़े हुए हैं जो अडानी पोर्टफोलियो कंपनियों से संबंधित नहीं हैं, जबकि बाकी 5 काल्पनिक, तथ्यहीन और निराधार आरोप हैं.
हिंडनबर्ग ने अडानी से पूछे थे 88 सवाल
हिंडनबर्ग ने कहा कि अडानी फर्म उनके द्वारा उठाए गए 88 सवालों में से 62 का विशेष रूप से जवाब देने में विफल रहे और जिन सवालों का उसने जवाब दिया, अडानी समूह उसमें भी मामले से बचता हुआ नजर आया है. हिंडनबर्ग ने कहा कि इसके बजाय अडानी समूह एक ही श्रेणी के कई सवालों को का जवाब दे सकता था. हिंडनबर्ग ने ये भी कहा कि अन्य मामलों में अडानी अपनी फाइलिंग के जरिए सवालों के जवाब देने की कोशिश कर रहा है लेकिन वो इसमें भी विफल रहे हैं. हिंडनबर्ग समूह का ये जवाब अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड द्वारा $2.5 बिलियन की शेयर बिक्री के कुछ दिनों से पहले आया है, जिससे उसे शुक्रवार को 1% का सब्सिक्रप्शिन प्राप्त हुआ है.
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