होम / बिजनेस / हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद ये बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है SEBI!
हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद ये बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है SEBI!
अमेरिकी कंपनी हिंडनबर्ग की रिपोर्ट पर बवाल मचा हुआ है. अडानी समूह की कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
हिंडनबर्ग (Hindenburg) की रिपोर्ट ने अडानी ग्रुप (Adani Group) को बड़ा नुकसान पहुंचाया है. ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई है और समूह के प्रमुख गौतम अडानी (Gautam Adani) की नेटवर्थ भी कम हो गई है. इस बीच, माना जा रहा है कि बाजार नियामक सेबी (Sebi) पिछले कुछ दिनों में भारतीय शेयर बाजार में की गई शॉर्ट सेलिंग (Short Selling) की जांच कर सकता है. एक मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि सेबी इस पर गंभीरता से विचार कर रहा है.
दबाव में है स्टॉक मार्केट
रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से शेयर बाजार पर काफी दबाव रहा है. ऐसे में जांच से बाजार को गिराने में शॉर्ट सेलर्स की भूमिका का पता चलेगा. बता दें कि 'शॉर्ट सेलिंग' ऐसा ट्रेड है, जिसमें उस स्टॉक की बिक्री होती है, तो ट्रेडर के पास है ही नहीं. वैसे तो स्टॉक मार्केट में लंबे समय से शॉर्ट सेलिंग चली आ रही है. हालांकि, अब इसे लेकर बहस शुरू हो गई है.
ये भी पढ़ें: कश्ती डूबेगी, तो सवार भी डूबेंगे; अकेले Adani Group ही नहीं रहेगा नुकसान में
अलग-अलग राय
कुछ लोगों का मानना है कि शॉर्ट सेलिंग मार्केट का एक जरूरी फीचर मानते है. जबकि आलोचकों का मानना है कि शॉर्ट सेलिंग, डायरेक्ट या इन-डायरेक्ट तरीके से जोखिम पैदा करता है और बाजार को आसानी से अस्थिर कर सकता है. इसलिए इस पर लगाम लगाए जाने की सख्त जरूरत है. वहीं, प्रतिभूति आयोगों के अंतर्राष्ट्रीय संगठन (IOSCO) ने भी बाजारों में शॉर्ट सेलिंग और सिक्युरिटीज लेंडिंग प्रैक्टिस की समीक्षा की है. हालांकि, IOSCO ने इन्हें प्रतिबंधित करने के बजाये शॉर्ट सेलिंग में पारदर्शिता की सिफारिश की है.
फायदा उठाने की कोशिश!
हिंडनबर्ग ने शुरुआत में ही साफ किया था कि वो अडानी के शेयरों में शॉर्ट सेलिंग कर रही है. जानकार मानते हैं कि कंपनी अडानी ग्रुप के शेयरों में गिरावट का भरपूर फायदा उठाना चाहती है. गौरतलब है कि हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के सामने आते ही Adani Group की कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई है. इसके साथ-साथ बैंकों और LIC के शेयर भी बड़ा गोता लगा चुके हैं. क्योंकि भारतीय बैंकों ने अडानी ग्रुप की कंपनियों को करीब 80,000 करोड़ रुपए का कर्ज दे रखा है. वहीं, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) का अडानी ग्रुप की कंपनियों में 70,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश है.
टैग्स