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बाजार का हाल देख घबराई ये कंपनी, IPO की योजना ठंडे बस्ते में डाली
शेयर बाजार के बुरे दिन चल रहे हैं. पिछले कुछ समय से बाजार लगातार गोता लगा रहे हैं. इससे निवेशक और कंपनियां डरी हुई हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद शेयर बाजार का जो हाल हुआ है, उससे सभी आशंकित हैं. निवेशकों से लेकर कंपनियां तक खौफ में है. कोई नहीं जानता कि बाजार अभी और कितना नीचे जाएगा. इसलिए सभी अलर्ट मोड में हैं. निवेशक जहां बाजार में पैसा लगाने से कतरा रहे हैं. वहीं, आईपीओ लाने की तैयारी कर रहीं कंपनियां अपनी योजना पर नए सिरे से विचार कर रही हैं. ज्वेलरी कंपनी जोयालुक्कास (Joyalukkas) के बाद अब एपेरल रिटेल कंपनी फैबइंडिया (FabIndia) ने भी अपना आईपीओ लाने की योजना को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया है.
DRHP आवेदन वापस लिया
मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि फैबइंडिया ने लगभग 4000 करोड़ रुपए का अपना IPO लाने की योजना रद्द कर दी है. कंपनी ने शेयर बाजार में लिस्टेड होने के लिए बाजार नियामक सेबी (SEBI) के पास दाखिल शुरुआती मसौदा (DRHP) आवेदन को भी वापस ले लिया है. कंपनी की तरफ से कहा गया है कि हम जिस आकार का आईपीओ ला रहे हैं, वह बाजार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए अनुकूल नहीं लग रहा. इसलिए फिलहाल आईपीओ की योजना को रद्द कर दिया गया है.
भविष्य में होगा विचार
FabIndia के निर्गम प्रस्ताव की वैधता अप्रैल, 2023 में खत्म हो रही थी. इसके जरिए 2.5 करोड़ शेयरों की बिक्री पेशकश (OFS) लाने की योजना थी. कंपनी को उम्मीद थी कि आईपीओ के जरिए वो करीब 4000 करोड़ रुपए जुटा पाएगी. लेकिन शेयर बाजार के हाल को देखते हुए कंपनी ने अपनी योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया है. FabIndia की तरफ से कहा गया है कि कंपनी धन जुटाने के लिए अन्य विकल्पों की तलाश करेगी और भविष्य में आईपीओ लाने के बारे में भी सोच सकती है.
फैबइंडिया के बारे में
फैबइंडिया की स्थापना 1960 में हुई थी. कंपनी देशभर के 40,000 कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों के बनाए उत्पादों की बिक्री करती है. 2020 के आंकड़ों के अनुसार फैबइंडिया के स्टोर्स की संख्या 327 थी. फैब इंडिया का फाउंडर जॉन बिसेल हैं. भारतीय पारंपरिक परिधानों में कंपनी ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है. 1958 में, अमेरिकी जॉन बिसेल भारत दौरे पर आए थे. वह अखिल भारतीय हस्तशिल्प बोर्ड और कॉटेज इंडस्ट्रीज को हथकरघा कपड़ों के लिए एक बाजार बनाना चाहते थे और अपने इस उद्देश्य के लिए यहीं बस गए. इसके बाद उन्होंने फैबइंडिया की स्थापना की. आज कंपनी देश-विदेशों में कई स्टोर्स हैं. यह एक अंतरराष्ट्रीय ब्रैंड के रूप में स्थापित हो गई है.
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