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अडानी संकट से कितने खतरे में हैं बैंक? रेटिंग एजेंसी Moody's ने दिया जवाब
क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज और फिच (Fitch) दोनों ने अडानी संकट को लेकर बैंकों के खतरे पर बयान जारी किया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
अडानी ग्रुप (Adani Group) पर आए संकट से क्या भारतीय बैंक जबरदस्त खतरे में हैं? क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज (Moody's) ने इस सवाल का जवाब दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मूडीज का कहना है कि अडानी समूह के शेयरों में आ रही गिरावट से भारतीय बैंकों को खतरा सीमित है. अपनी लेटेस्ट रिपोर्ट में रेटिंग एजेंसी ने कहा कि अडानी ग्रुप की कंपनियों को बैंकों का कर्ज इतना ज्यादा नहीं है कि वह उनकी लोन क्वालिटी को प्रभावित कर सके.
तब बढ़ सकता है जोखिम
हालांकि मूडीज ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर अडानी ग्रुप की बैंक लोन पर निर्भरता और बढ़ती है, तो इससे बैंकों के लिए जोखिम बढ़ सकता है. मालूम हो कि अमेरिकी शॉर्ट-सेलर फर्म 'हिंडनबर्ग रिसर्च' ने ने अडानी ग्रुप पर कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़े कई गंभीर आरोप लगाए हैं. इसके बाद से समूह को लगातार झटके लग रहे हैं. समूह की कंपनियों का मार्केट बड़ा गोता लगा चुका है. समूह प्रमुख गौतम अडानी की पर्सनल वेल्थ में भी भारी गिरावट आई है.
जताई जा रही ये आशंका
अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट के मद्देनजर भारतीय बैंकों की तरफ से अडानी ग्रुप को दिए गए कर्ज और LIC के अडानी समूह में निवेश पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं. यह आशंका भी जताई जा रही है कि कहीं बैंकों और LIC का पैसा डूब न जाए. मूडीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि भले ही अडानी ग्रुप को कर्ज देने के मामले में प्राइवेट बैंकों की तुलना में सरकारी बैंक आगे हैं, लेकिन ज्यादातर बैंकों की कुल लोन बुक में अडानी समूह की हिस्सेदारी एक प्रतिशत से भी कम है. इसलिए फिलहाल खतरा सीमित है.
फंडिंग में आ सकती है गिरावट
मूडीज ने आगे कहा कि बैंकों का जोखिम तब बढ़ सकता है, यदि अडानी ग्रुप बैंकों से लिए गए कर्ज पर अधिक निर्भर हो जाता है. हालांकि, रेटिंग एजेंसी ने यह भी कहा कि मौजूदा संकट के चलते अडानी ग्रुप को इंटरनेशनल मार्केट से मिलने वाली फंडिंग में गिरावट आ सकती है. मूडीज के अनुसार, पिछले कुछ सालों में अडानी ग्रुप की कंपनियों ने आमतौर पर अपने कर्ज को कम किया है. वहीं, दूसरी तरफ रेटिंग एजेंसी फिच (Fitch) का भी कहना है कि शेयर बाजार में गिरावट का सामना कर रहीं अडानी समूह की कंपनियों को बैंकों का कर्ज इतना अधिक नहीं है कि उनके लोन पोर्टफोलियो के लिए कोई ठोस जोखिम पैदा हो.
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