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हल्‍दीराम ने इस शख्‍स को बनाया कंपनी का नया सीईओ,  जानते हैं कहां थे इससे पहले? 

हल्‍दीराम ने जिस शख्‍स को कंपनी का नया सीईओ बनाया है वो इससे पहले डाबर की कमान संभाल रहे थे, लेकिन अब वो हल्‍दीराम के लिए रणनीति बनाएंगे. 

ललित नारायण कांडपाल 3 years ago

अब जबकि बाजार में सभी कंपनियां अपनी चौथी तिमाही और सालाना नतीजों को जारी कर चुका है उसके बाद हल्‍दीराम में एक बड़ा बदलाव हुआ है. फूड एंड बिवरेजेस सेक्‍टर की नामी कंपनी हल्‍दीराम की कमान नए शख्‍स के कंधों पर आ गई है. अब हल्‍दीराम के लिए यही शख्‍स उसके कारोबार की रणनीति को बनाएगा. कंपनी ने कृष्‍ण कुमार चुटानी को नया सीईओ बनाया है. कृष्‍ण कुमार चुटानी इससे पहले डाबर से जुड़े हुए थे. डाबर में एक लंबी पारी खेलने के बाद अब चुटानी हल्‍दीराम के लिए बिजनेस रणनीति बनाने का काम करेंगें. 

डाबर के लिए क्‍या करते थे कृष्‍ण कुमार 
कृष्‍ण कुमार चुटानी इससे पहले डाबर की इंटरनेशनल सेल को देखा करते थे. वो हल्दीराम में शामिल होने से पहले लगभग 26 वर्षों तक डाबर के साथ जुड़े थे. केसी के नाम से जाने जाने वाले कृष्ण कुमार चुटानी 1992 से डाबर में बड़ी जिम्‍मेदारी का नेतृत्व कर रहे हैं. उन्होंने एईडी 1.2 बिलियन से अधिक के वार्षिक कारोबार के साथ डाबर इंटरनेशनल बिजनेस का नेतृत्व किया और मध्य पूर्व और अफ्रीका के देशों में इसका संचालन देखा. यूएसए,  यूके,  तुर्की, मिस्र, पाकिस्तान, चीन और दक्षिण पूर्व एशिया,  सीआईएस और अन्य उभरते बाजार में उन्‍होंने डाबर के कारोबार को तेजी से बढ़ाया जिसके चलते डाबर का इंटरनेशनल कारोबार 1.2 बिलियन तक जा पहुंचा. डाबर के कारोबार को इंटरनेशनल बाजार में तेजी से बढ़ाने में उनका बड़ा योगदान रहा है. 

दूरदर्शी सोच वाले रहे हैं केसी 
केसी को इंडस्‍ट्री में उनकी दूर की सोच के लिए जाना जाता है. डाबर की अंतर्राष्ट्रीय सफलता के लिए भी उनकी इसी दूरदर्शी सोच को श्रेय जाता है. उनका मकसद न केवल लाभ कमाने में रहा बल्कि उत्पाद को सफल बनाने में भी उनकी बड़ी भूमिका रही है. उनकी इसी समझ ने डाबर को अंततः अपनी-अपनी श्रेणियों में गेम-चेंजर ब्रैंड के रूप में स्‍थापित करने में अहम भूमिका निभाई. 

भारत की चौथी बड़ी FMCG कंपनी है डाबर 
दो दशक से भी ज्‍यादा समय तक कृष्‍ण कुमार चुटानी जिस डॉबर से जुड़े हुए थे वो देश की चौथी सबसे बड़ी FMCG सेक्‍टर की कंपनी है. कंपनी की आय करीब 10800 करोड़ और कंपनी का बाजार मूल्‍यांकन 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक है. डाबर 137 साल पुरानी कंपनी है कंपनी की शुरुआत बर्मन परिवार ने कोलकाता से की थी. चुटानी ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बिजनेस इकोनॉमिक्स मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री और आईआईएम अहमदाबाद और इनसीड से कार्यकारी शिक्षा प्राप्त की है. उन्होंने केलॉग स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से ग्लोबल एडवांस्ड लीडरशिप प्रोग्राम भी पूरा किया है.


 


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