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ई-कॉमर्स वेबसाइट: Fake Reviews लिखने वालों की खैर नहीं, ऐसे सबक सिखाएगी सरकार
ई-कॉमर्स वेबसाइट पर फेक पेड़ रिव्यू लिखने के साथ-साथ अन-वेरिफाइड स्टार रेटिंग के मामलों में पिछले कुछ समय में काफी इजाफा देखने को मिला है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
अमेजन और फिल्पकार्ट जैसी ई-कॉमर्स वेबसाइट पर खरीदारी करते समय आप प्रोडक्ट के रिव्यू पढ़ते होंगे और शायद उन्हीं के आधार पर खरीदारी भी करते हों. उदाहरण के तौर पर यदि किसी प्रोडक्ट पर अच्छे रिव्यू ज्यादा हैं, तो संभव है कि आपके उसे खरीदने की संभावना भी अधिक हो. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसे 'अच्छे' रिव्यू फेक यानी कि फर्जी भी होते हैं. ई-कॉमर्स कंपनियां फर्जी यूजर को पैसे देकर उनसे फेक रिव्यू लिखवाती हैं. यह एक ऐसा तरीका है जिसमें कोई यूजर सामान खरीदे बिना उसके बारे में कुछ अच्छा लिखकर उस ब्रैंड या उस प्रोडक्ट को प्रमोट करता है.
नकेल कसने की तैयारी
इस फर्जी प्रथा पर अब सरकार नकेल कसने जा रही है. केंद्र सरकार ने एक ड्राफ्ट फ्रेमवर्क तैयार किया है, जिसकी मदद से फेक रिव्यू लिखने और अन-वेरीफाइड स्टार रेटिंग का मुकाबला किया जा सकेगा. ई-कॉमर्स वेबसाइट पर फेक पेड़ रिव्यू लिखने के साथ-साथ अन-वेरिफाइड स्टार रेटिंग के मामलों में पिछले कुछ समय में काफी इजाफा देखने को मिला है. वैसे, फेक रिव्यू केवल अमेजन और फिल्पकार्ट तक ही सीमित नहीं है. ट्रैवल और होटल बुकिंग प्लेटफार्म पर भी फेक रिव्यू के मामले देखने में मिल रहे हैं.
सरकार कर रही बातचीत
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार इ-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से बातचीत कर इस बारे में आम राय बनाने की कोशिश कर रही है. रिपोर्ट्स में उपभोक्ता मामलों के विभाग के सचिव रोहित कुमार सिंह के हवाले से बताया गया है कि फेक रिव्यू और अन्य-वेरीफाइड स्टार रेटिंग से निपटने के लिए गाइडलाइंस तैयार की जाएगी. वहीं, एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सरकार को इस बारे में जल्दी कुछ करना चाहिए, क्योंकि ऑनलाइन सामान और सेवाओं की खरीदारी दिन ब दिन बढ़ती जा रही है. ऑनलाइन शॉपिंग में लोग केवल प्रोडक्ट की तस्वीर, स्टार रेटिंग देखकर और उसके बारे में दिए ग्राहकों के फेक रिव्यू पढ़कर खरीदारी करते हैं. ऐसे में फेक रिव्यू के चक्कर में कई बार वो खराब क्वालिटी वाले प्रोडक्ट भी खरीद लेते हैं.
कानून का भी उल्लंघन
फेक और भ्रामक रिव्यू एक तरह से कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 के तहत दिए गए राइट टू बी इनफॉर्म्ड का उल्लंघन करते हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए अब सरकार फेक रिव्यू पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने जा रही है. आने वाले दिनों में ई-कॉमर्स वेबसाइट पर किसी कंपनी की साख खराब करने वाले या अन्य यूजर को भ्रमित करने के लिए फेक पेड रिव्यू लिखने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है.
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