सरकार इस तारीख से शुरू करने जा रही है दुर्लभ खनिजों की नीलामी, इतने चरणों में लगेगी बोली 

केन्‍द्र सरकार ने अगस्‍त में एक बदलाव किया था जिसमें जहां राजस्‍व राज्‍य सरकार को दिए जाने की बात कही गई थी वहीं नीलामी को देशहित में प्राथमिकता पर किए जाने की बात कही गई थी. 

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Tuesday, 28 November, 2023
Lithium Mining

केन्‍द्र सरकार महत्‍वपूर्ण खनिजों की बिक्री बुधवार से शुरू करने जा रही है. पहले चरण में सरकार 20 खनिज ब्‍लॉक के लिए नीलामी प्रक्रिया को शुरू करेगी, ये सभी ब्‍लॉक देशभर में फैले हुए हैं. इस प्रक्रिया की शुरुआत केन्‍द्रीय खान मंत्री प्रहलाद जोशी करने जा रहे हैं. मंत्रालय का मानना है कि ये नीलामी देश की अर्थव्‍यवस्‍था में इजाफा करने के साथ-साथ अर्थव्‍यवस्‍था को बढ़ावा देगी, राष्‍ट्रीय सुरक्षा को बढ़ाएगी और स्‍वच्‍छ ऊर्जा भविष्‍य में हमारे परिवर्तन को गति देने का काम करेगी. 

किन किन खनिजों की होगी नीलामी 
सरकार कल पहले चरण में जिन खनिजों की नीलामी करने जा रही है उनमें लीथियम, ग्रेफाइट, कोबाल्‍ट, टाइटेनियम, आरईई जैसे खनिज शामिल हैं. ये ऐसे खनिज हैं जिनकी भविष्‍य में बड़ी जरूरत तकनीक के विकास में पैदा होने वाली हैं. इनके अभी कुछ सीमित देशों में होने के कारण भारत को उनकी खरीद में बड़ा निवेश करना पड़ता है. कई बार इनकी कमी से देश में उस सेक्‍टर की सप्‍लाई चेन में भी परेशानी आ जाती है. भारत का लक्ष्‍य है कि वो 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा गैर जीवाश्‍म स्‍त्रोंतों से हासिल करेगा. ऐसे में इन खनिजों की भूमिका अहम होने वाली है. 

EV उत्‍पादन में होने वाली इनकी अहम भूमिका 
देश को अगर 2030 तक उस लक्ष्‍य पर पहुंचाना है तो ऐसे में इलेक्‍ट्रॉनिक कारों से लेकर पवन और सौर ऊर्जा जैसे क्षेत्र में उत्‍पादन को बढ़ाना होगा. इस तरह के खनिजों की पूरी दुनिया में बड़ी मांग है. विशेषतौर पर नवीन ऊर्जा, डिफेंस, एग्रीकल्‍चर, फॉर्मा, हाईटेक इलेक्‍ट्रॉनिक, टेलीकम्‍यूनिकेशन, ट्रांसपोर्ट और गीगाफैक्‍ट्रीज शामिल हैं. इस ऑक्‍शन की ज्‍यादा जानकारी को एमएसटीएस ऑक्‍शन प्‍लेटफॉर्म WWW.mstcecommerce.com/auctionhome/mlcl/index.jsp पर जाकर 29 नवंबर को शाम को 6 बजे देखा जा सकता है. इस ऑक्‍शन को ट्रांसपेरेंट तरीके से किया जाएगा. इसे दो तरह से एसेडिंग फॉरवर्ड ऑक्‍शन के जरिए किया जाएगा. इस ट्रांसपेरेंट तरीके से उचित बोली लगाने वाले योग्‍य खरीदार को इन्‍हें आवंटित कर दिया जाएगा. 

सरकार ने हाल ही में किया है एक बडा बदलाव
केन्‍द्र सरकार ने 17 अगस्‍त को 2023 को एक बड़ा बदलाव करते हुए 24 खनिजों को क्रिटिकल और स्‍टेटजिक मिनरल की श्रेणी में रख दिया था. सरकार के ये बदलाव उसे देश हित में खनिज रियायत देने के अधिकार देता है, ताकि सरकार देश की आवश्‍यकताओं को देखते हुए प्राथमिकता से इनकी नीलामी कर सके. इन नीलामियों से जो भी राजस्‍व पैदा होगा उसे राज्‍य सरकारों को दिया जाएगा. सरकार की ओर से इनके दामों को भी व्‍यवहारिक बनाया गया है जिससे ज्‍यादा भागीदार इसमें भाग ले सकें. 
 


Budget 2024: पहली बार वर्कफोर्स में शामिल होने वाले युवाओं को तोहफा, सरकार देगी अतिरिक्त पीएफ का लाभ

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार के बजट 2024 में युवाओं के लिए रोजगार पैकेज का ऐलान भी किया है.

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Tuesday, 23 July, 2024
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को संसद में वित्त वर्ष 2024-25 का बजट पेश किया. मोदी सरकार के 3.0 कार्यकाल के पहले बजट में युवाओं के लिए कई खास घोषणा हुई हैं. दरअसल, वित्त मंत्री ने पहली बार वर्कफोर्स में शामिल होने वाले लाखों लोगों को सरकार की ओर से अतिरिक्त पीएफ का लाभ दने की घोषणा की है. तो आइए जानते हैं इस अतिरिक्त पीएफ से कितने लोगों को लाभ मिलेगा?

30 लाख युवाओं के पीएफ खाते में आएंगे अतिरिक्त 15 हजार रुपये
वित्त मंत्री ने सरकार की दूसरी प्राथमिकता रोजगार और कौशल के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार को बढ़ावा देने पहली बार वर्कफोर्स में शामिल होने वाले युवाओं को पीएफ का अतिरिक्त लाभ देगी. युवाओं के पीएफ खाते में सरकार अपनी ओर से 15 हजार रुपये जमा करेगी. इस स्कीम से 30 लाख युवाओं को फायदा होने की उम्मीद है.

हर कंपनी नए कर्मचारी को 2 साल तक देगी रिम्बर्समेंट
केंद्र सरकार की इस स्कीम से देश में रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. उसके अलावा वित्त मंत्री ने युवाओं के लिए कौशल विकास पर ध्यान दिए जाने का भी ऐलान किया. उन्होंने कहा कि विनिर्माण सेक्टर में युवाओं को प्रोत्साहन मिलेगा. हर नए कर्मचारी के लिए कंपनियों को 2 साल तक हर महीने 3-3 हजार रुपये का रिम्बर्समेंट मिलेगा. इससे 50 लाख लोगों को लाभ होगा.

सरकार की 9 प्राथमिकताएं
वित्त मंत्री ने लोकसभा में बजट भाषण की शुरुआत करते हुए बताया कि सरकार ने 9 प्राथमिकताएं तय की हैं. सरकार के द्वारा इस बार के बजट में तय की गई प्राथमिकताओं में कृषि उत्पादन बढ़ाने पर जोर, रोजगार और कौशल, समावेशी मानव संसाधन विकास और सामाजिक न्याय, विनिर्माण एवं सेवाएं, शहरी विकास, ऊर्जा सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन और रिसर्च एवं डेवलपमेंट और अगली पीढ़ी के सुधार शामिल हैं. 
 

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जानिए चार प्रमुख मंत्रालयों में से किसे मिला सबसे ज्‍यादा फंड, कितना हुआ आवंटन

सरकार इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर पर पिछले 10 सालों में सबसे ज्‍यादा खर्च कर रही है. इस इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर से जहां सरकार लॉजिस्टिक कॉस्‍ट को कम करना चाहती है वहीं दूसरी ओर निवेश को भी दुरुस्‍त करना चाहती है. 

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Tuesday, 23 July, 2024
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केन्‍द्र सरकार ने 2024-25 के लिए बजट का निर्धारण कर दिया है. बजट में हर साल चार मंत्रालय ऐसे होते हैं जिनके बीच एक तरह की प्रतिस्‍पर्धा रहती है. ये प्रतिस्‍पर्धा सरकार की प्राथमिकताओं को दिखाती है. सड़क परिवहन, डिफेंस, होम और कृषि इन चारों में देखा जाता है कि आखिर सबसे ज्‍यादा बजट आवंटन किस मंत्रालय को हुआ है. इस बजट आवंटन में एक बार फिर सड़क परिवहन मंत्रालय बाजी मारता हुआ दिखाई दे रहा है. 

नितिन गडकरी के मंत्रालय को हुआ इतना आवंटन
मोदी सरकार पिछले दो टर्म से लगातार इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर पर सबसे ज्‍यादा पैसा खर्च कर रही है. भविष्‍य की जरूरतों को देखते हुए और मोबिलिटी को आसान बनाने के लिए सरकार सड़कों से लेकर इंफ्रा तक सभी जगह बड़ा निवेश कर रही है. इसी कड़ी में इस बार भी नितिन गडकरी सबसे ज्‍यादा आवंटन पाने में कामयाब हुए हैं. उनके मंत्रालय को वित्‍त मंत्रालय से 544128 करोड़ रुपये अलॉट किए गए हैं. खुद निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर को बढ़ावा देने के लिए वित्‍तीय सहायता देना जारी रखेगी. 

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दूसरे नंबर पर रहा रक्षा मंत्रालय
वित्‍त मंत्री के बजट आवंटन में दूसरा सबसे पसंदीदा मंत्रालय रहा रक्षा मंत्रालय. रक्षा मंत्रालय हमेशा से ही भारी भरकम बजट वाला मंत्रालय रहा है. देश की रक्षा से जुड़े साजो सामान खरीदने से लेकर सेना को आधुनिक हथियार मुहैया कराना सरकार की कई प्राथमिकताओं में एक रहा है. इसी को देखते हुए वित्‍त मंत्री ने 454773 करोड़ रुपये का आवंटन किया है. वहीं इसके बाद तीसरे नंबर पर रहा है एग्रीकल्‍चर मंत्रालय जिसे कृषि मंत्रालय भी कहा जाता है. कृषि मंत्रालय को सरकार की ओर से 151851 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. 

चौथे पर रहा अमित शाह का गृह मंत्रालय 
बजट आवंटन के मामले में चौथे नंबर पर केन्‍द्रीय गृह मंत्री अमित शाह का मंत्रालय रहा. अमित शाह के मंत्रालय को वित्‍त मंत्रालय ने 150983 करोड़ रुपये का आवंटन किया है. इसके बाद जेपी नड्डा के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय को 89287 करोड़ रुपये, धर्मेन्‍द्र प्रधान के शिक्षा मंत्रालय को 125638 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. इसी तरह विदेश मंत्रालय को 22155 करोड़ रुपये और शहरी विकास मंत्रालय को 82855 करोड़ रुपये दिए गए हैं. ऊर्जा मंत्रालय को 68769 करोड़ रुपये दिए गए हैं. 


Budget 2024 Live: रक्षा क्षेत्र को कितना और कैसे मजूबत करेगा बजट 2024, जानिए पूरी डिटेल

मोदी सरकार 3.0 के पहले बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए कई बड़े ऐलान किए गए हैं. इस बजट में रक्षा क्षेत्र और सेना के लिए क्या है? यहां जानिए

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Tuesday, 23 July, 2024
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी सरकार 3.0 का पहला बजट पेश कर कर दिया है. इस बजट में कई बड़े ऐलान किए गए हैं. इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर डिजिटल टेक्नोलॉजी तक सरकार का खास ध्यान है. सरकार ने बजट में किसान, युवाओं और मिडिल क्लास पर तो फोकस किया ही है साथ ही रक्षा क्षेत्र का भी पूरा ध्यान रखा है. रक्षा क्षेत्र के लिए बजट में क्या-क्या खास है? आइए बताते हैं...

कितना बढ़ा रक्षा का बजट

बजट में रक्षा क्षेत्र को और मजबूत किया गया है. इसमें डिफेंस के लिए 6.2 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले साल के मुकाबले तकरीबन 3.4 प्रतिशत ज्यादा है. पिछले साल सरकार ने रक्षा क्षेत्र के लिए 5.93 लाख करोड़ का प्रावधान किया था. कुल बजट के हिसाब से देखें तो सरकार ने सबसे ज्यादा हिस्सा रक्षा क्षेत्र के लिए रखा है जो कि तकरीबन 12.9 प्रतिशत है. यूनियन बजट की वेबसाइट के मुताबिक सरकार ने डिफेंस के लिए 6 लाख 21 हजार 940 करोड़ रुपये रखे हैं. इस बजट से डिफेंस सेक्टर को मजबूत करने के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाएगा.

रक्षा बजट के 4 पार्ट, जानिए कहां कितना प्रावधान

रक्षा बजट को 4 भागों में बांटा गया है, इनमें पहला पार्ट है सिविल का, दूसरा हिस्सा है रेवेन्यू, तीसरा कैपिटल एक्सपैंडीचर और चौथा पेंशन. इसमें सिविल से बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन, ट्रिब्यूनल समेत सड़क व अन्य डेवलपमेंट के काम होते हैं, इसके लिए 25 हजार 963 करोड़ रुपये रखे गए हैं. रेवेन्यू बजट से रक्षा क्षेत्र में सैलरी बांटी जाती है. इसके लिए 2 लाख 82 हजार 772 करोड़ रुपये रखे गए हैं. इसके अलावा कैपिटल एक्सपैंडीचर से हथियार और अन्य जरूरी उपकरण खरीदे जाते हैं, जिसके लिए बजट में 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये रखे गए हैं. इसके अलावा सबसे जरूरी हिस्सा होता है पेंशन, इसके लिए बजट में 1 लाख 41 हजार 205 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.

कैसे मजबूत होंगी हमारी सेनाएं?

किसी भी देश की सेना की सबसे बड़ी ताकत उसके हथियार, फाइटर प्लेन और गोला बारूद होते हैं. रक्षा बजट में हथियार और उपकरण खरीदने के लिए सरकार ने 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. इस पैसे से एयरक्राफ्ट और एयरोइंजन उपकरण खरीदे जाएंगे. इसके अलावा हैवी और मीडियम व्हीकल, अन्य हथियार और गोला बारूद खरीदे जाएंगे. इसके अलावा अन्य तकनीकी उपकरणों से भी सेना को सुसज्जित किए जाने की योजना है. सेना के लिए स्पेशल रेलवे वैगन खरीदे जाएंगे. इसके अलावा नेवल फ्लीट को मजबूत किया जाएगा और अन्य नेवल डॉकयार्ड प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे. एयरफोर्स के लिए भी एयरक्राफ्ट, हैवी व्हीकल और अन्य उपकरण खरीदे जाने की योजना है.

आत्मनिर्भर बनेगी सेना

डिफेंस बजट में सेना को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी कई प्रावधान हैं. इनमें तीनों सेनाओं के लिए हथियारों और उपकरणों के निर्माण के लिए कई परियोजनाओं की तैयारी की गई है. इसके अलावा सार्वजनिक उद्यमों में भी निवेश के लिए सरकार तैयार है. इससे पहले अंतरिम बजट में भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया था कि डिफेंस सेक्टर के लिए डीप टेक टेक्नोलॉजी मजबूत की जाएगी. इसका मकसद हथियारों के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाना है. इसके अलावा रोबोटिक्स, मशीन लर्निंग और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में रिसर्च भी की जाएगी.
 


Budget 2024: बड़े काम की है NPS Vatsalya योजना, जानें इससे जुड़ी हर बात

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में एनपीएस वात्सल्य योजना का ऐलान किया है. यह योजना बच्चों के भविष्य को सुरक्षित कर सकती है.

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Tuesday, 23 July, 2024
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने आज अपने बजट में नेशनल पेंशन सिस्टम (National Pension System) के तहत एनपीएस वात्सल्य (NPS Vaatsalya) योजना का ऐलान किया है. यह एक ऐसी योजना है, जिसमें निवेश करके आप अपने बच्चे का भविष्य सुरक्षित बना सकते हैं. एनपीएस वात्सल्य के तहत आप अपने नाबालिग बच्चे के नाम पर भी NPS अकाउंट खोलकर इन्वेस्टमेंट कर पाएंगे. बच्चे के बालिग यानी 18 साल का हो जाने के बाद एनपीएस वात्सल्य को रेगुलर एनपीएस प्लान में तब्दील करवाया जा सकेगा.

समाधान योजना होगी पेश
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) को लेकर सरकारी कर्मचारियों की चिंता का भी जिक्र किया. साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि एनपीएस को लेकर सरकार कर्मचारियों की चिंताओं को दूर करने के लिए जल्द ही एक समाधान योजना के साथ सामने आएगी. बता दें कि अधिकांश सरकारी कर्मचारी   एनपीएस से नाखुश हैं. वे ओल्ड पेंशन स्कीम (Old Pension Scheme) की बहाली की मांग का रहे हैं. हालांकि, सरकार यह स्पष्ट कर चुकी है कि OPS की बहाली की कोई संभावना नहीं है.  

वात्सल्य एक अच्छी शुरुआत 
फाइनेंस मिनिस्टर ने बजट पेश करते हुए बताया कि एनपीएस को रिव्यू करने के लिए एक कमेटी बनाई गई है, जिसने काफी काम कर लिया है. समिति की फाइनल रिपोर्ट मिलते ही NPS को आकर्षक बनाने से जुड़े फैसले लिए जाएंगे. वहीं, एक्सपर्ट्स का मानना है कि एनपीएस वात्सल्य एक अच्छी शुरुआत है. इससे पैरेंट्स अपने बच्चों के लिए भी पेंशन की व्यवस्था कर सकते हैं. अच्छी बात यह है कि बच्चे के 18 वर्ष का होने के बाद यह अकाउंट अपने आप रेगुलर NPS अकाउंट में कन्वर्ट हो जाएगा.  

क्या है NPS?
माना जा रहा है कि वित्त मंत्री NPS में सुधार को लेकर कुछ बड़े ऐलान कर सकती हैं. उम्मीद जताई जा रही थी कि NPS में शामिल कर्मचारियों को उनकी आखिरी सैलरी का 50% पेंशन के रूप में देने का प्रावधान बजट में किया जा सकता है. लेकिन फिलहाल सरकारी कर्मचारियों को केवल आश्वासन मिला है. यह स्कीम 2004 में लागू की गई थी, इसलिए उसके बाद के सभी सरकारी कर्मचारी इसी के दायरे में आते हैं. NPS के दायरे में आने वाले कर्मचारियों की सैलरी से 10% की कटौती की जाती है. कहने का मतलब है कि कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते (DA) का 10 फीसदी कंट्रीब्यूशन देता है, जिसमें राज्य या केंद्र भी योगदान देते हैं. नई पेंशन स्कीम में GPF की सुविधा उपलब्ध नहीं है. 

क्या है चिंता? 
शेयर बाजार पर आधारित इस स्कीम में पैसा पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा एप्रूव्ड कई पेंशन फंड्स में से एक में निवेश किया जाता है और रिटर्न बाजार से जुड़ा होता है. इसलिए इसमें रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती. इसी को लेकर कर्मचारी सबसे ज्यादा आशंकित हैं. उन्हें लग रहा है कि भविष्य में यदि बाजार डूबता है, तो उनकी मेहनत की कमाई भी डूब जाएगी और उनकी रिटायरमेंट लाइफ मुश्किल में पड़ जाएगी.


Budget 2024: Angle Tax हुआ खत्म, जानिए क्या है ये टैक्स और इसके हटने से किसे होगा फायदा ?

इस बार के बजट में एंजेल टैक्स (Angel Tax) को खत्म कर दिया गया है. इसे देश में साल 2012 में लागू किया गया था.

रितु राणा by
Published - Tuesday, 23 July, 2024
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Tuesday, 23 July, 2024
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केंद्र सरकार 3.0 कार्यकाल के पहले बजट सत्र 2024-25 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई बड़ी घोषणा की हैं. इसी में से एक घोषणा एंजेल टैक्स (Angle Tax) को लेकर हुई है. दरअसल, वित्त मंत्री ने संसद में बजट पेश करने के दौरान एंजेल टैक्स को अब पूरी तरह से खत्म करने की घोषणा की है. तो आइए जानते हैं कि आखिर ये एंजेल टैक्स क्या था और इसके खत्म होने से किसे फायदा होगा?

क्या है एंजेल टैक्स?

एंजेल टैक्स (Angel Tax) को देश में साल 2012 में लागू किया गया था. यह टैक्स उन अनलिस्टेड बिजनेस पर लागू होता था, जो एंजेल निवेशको से फंडिंग हासिल करते थे. इसे ऐसे समझें कि जब कोई स्टार्टअप किसी एंजेल निवेशक से फंड लेता था तो वह इस पर भी टैक्स चुकाता था. यह सारी प्रक्रिया आयकर अधिनियम 1961 की धारा 56 (2) (vii) (b) के तहत होती थी.

इसलिए लागू हुआ था ये टैक्स

सरकार ने मनी लॉन्ड्रिंग पर रोक लगाने के लिए एंजेल टैक्स लागू किया था. इसके अलावा इस टैक्स की मदद से सरकार सभी तरह के बिजनेस को टैक्स के दायरे में लाने की कोशिश कर रही थी. हालांकि, सरकार के इस कदम से देश के तमाम स्टार्टअप्स को नुकसान झेलना पड़ रहा था. यही वजह थी कि इस टैक्स को खत्म करने की मांग उठ रही थी. इस टैक्स को लेकर असली दिक्कत तब होती थी, जब किसी स्टार्टअप को मिलने वाला इन्वेस्टमेंट उसकी फेयर मार्केट वैल्यू (FMV) से भी अधिक हो जाता था. ऐसी हालत में स्टार्टअप को 30.9 प्रतिशत तक टैक्स चुकाना पड़ता था.

टैक्स खत्म होने पर क्या है स्टार्टअप्स की प्रतिक्रिया?

अब सरकार ने इस टैक्स को खत्म कर दिया है, जिससे देश के स्टार्टअप्स को फायदा होगा. आपको बता दें, बीते कुछ वर्षों में देश में स्टार्टअप्स की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. इसके साथ ही कई स्टार्टअप्स ऐसे भी हैं जो यूनिकॉर्न बने हैं. सरकार का लक्ष्य भी देश में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना है.

ऐंजल टैक्स से छुटकारा पाना भारत में स्टार्टअप्स के लिए एक बड़ी जीत है. इससे न केवल नए व्यवसायों पर वित्तीय बोझ कम होगा बल्कि एंटरप्रेन्योरियल इकोसिस्टम में इनोवेशन और विकास को भी बढ़ावा मिलेगा. फ्लाईरोब में हम इस बदलाव के सकारात्मक प्रभाव को लेकर उत्साहित हैं. हम अपनी कंपनी के संचालन और एक्सपेंशन प्लान पर काम कर रहे हैं, जिससे हम अधिक ग्राहकों को अपनी सर्विस प्रदान कर सकेंगे और स्थायी फैशन समाधान तैयार कर सकेंगे.

आंचल सैनी, सीईओ, फ्लाइरोब (Flyrobe)

सभी वर्गों के निवेशकों के लिए एंजेल टैक्स खत्म होने स्टार्ट-अप के लिए एक बड़ी राहत है. इससे क्षेत्र में अनिश्चितता दूर होगी और अधिक निवेश भी आएगा जो विस्तार  के लिए एक महत्वपूर्ण कारक है.

सौम्यदीप रॉयचौधरी, टैक्स एंड रेगुलेटरी पार्टनर, एमएसकेबी एंड एसोसिएट्स एलएलपी (Tax & Regulatory Partner, MSKB & Associates LLP)

इस साल के बजट ने स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को काफी बढ़ावा दिया है. एंजेल टैक्स का खत्म होना स्टार्टअप उद्योग को लाभ पहुंचाने वाली एक बड़ी राहत है. वित्त मंत्री ने यह भी कहा है कि सरकार कृषि-तकनीकी क्षेत्र में विकास को बढ़ावा देने के लिए सब्जी आपूर्ति श्रृंखला में स्टार्ट-अप को बढ़ावा देगी.

समीर शेठ, पार्टनर एंडहेड प्रमुख, डील एडवाइजरी सर्विसेज, बीडीओ इंडिया  (Partner & Head, Deal Advisory Services, BDO India)

पहले स्टार्ट-अप को कुछ शर्तों के अधीन एंजेल टैक्स से टैक्स छूट की अनुमति दी गई थी. जैसे शेयर कैपिटल और सिक्योरिटीज प्रीमियम की राशि, फंड जुटाने के बाद 25 करोड़ रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए. इसके अलावा स्टार्ट-अप द्वारा उठाए गए फंड पर अंतिम उपयोग प्रतिबंध जैसे वित्तीय परिसंपत्तियों आदि में कोई निवेश नहीं. वहीं, अब एंजेल टैक्स खत्म होने से स्टार्ट-अप्स बिना किसी शर्त के फंड जुटाने में सक्षम होंगे. 

अनीश शाह, पार्टनर, एमएंडए टैक्स एंड रेग्यूलेटरी सर्विसेज, बीडीओ इंडिया (Partner, M&A Tax and Regulatory Services, BDO India)


वित्‍त मंत्री के इस ऐलान ने सस्‍ता कर दिया सोना चांदी, अब जमकर हो पाएगी शॉपिंग

सोने चांदी के दामों में पिछले कुछ समय से तेजी देखने को मिल रही थी. लेकिन सरकार के इस कदम के बाद आम लोगों को 10 ग्राम सोने पर 6000 रुपये से ज्‍यादा की राहत मिलने की उम्‍मीद है. 

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Tuesday, 23 July, 2024
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क्‍या आपके घर में आने वाले साल में शादी है जिसके लिए आप सोना चांदी के सस्‍ता होने का इंतजार कर रहे थे. अगर ऐसा है तो वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आपके इंतजार को खत्‍म कर दिया है. वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कस्‍टम ड्यूटी में बड़ी कमी करते हुए उसे 15 प्रतिशत से 6 प्रतिशत तक कर दिया है. इस कमी के बाद सोने के दामों में बड़ी कमी होने की उम्‍मीद है. सरकार के इस कदम ने उन परिवारों को बड़ी राहत दी है जो शादी या किसी दूसरे त्‍योहार के लिए ज्‍वैलरी खरीदने की तैयारी कर रहे थे. 

पहले जानिए कितनी हुई है कमी 
मंगलवार को वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में ऐलान करते हुए कस्‍टम ड्यूटी में बड़ी कमी कर दी. अब तक सोने के सिक्‍के पर जहां 15 प्रतिशत कस्‍टम ड्यूटी लग रही थी वहीं  दूसरी ओर अब इसमें केवल 6 प्रतिशत कस्‍टम ड्यूटी लगा करेगी. सोने की ईंट पर लगने वाले आयात शुल्‍क को 14.35 प्रतिशत से कम करके 5.35 प्रतिशत कर दिया गया है. वहीं चांदी के सिक्‍के पर जो आयात शुल्‍क 15 प्रतिशत लगा करता था अब वो 6 प्रतिशत कर दिया गया है. चांदी की ईंट पर आयात शुल्‍क 14.35 प्रतिशत से 5.35 प्रतिशत कर दिया गया है. इसी तरह प्‍लेटिनम पर आयात शुल्‍क 15.4 प्रतिशत से कम करके 6.4 प्रतिशत कर दिया गया है. इसी तरह कीमती धातुओं के सिक्‍कों पर आयात शुल्‍क 15 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत कर दिया गया है. 

ये भी पढ़ें: रोजगार बढ़ाने को लेकर सक्रिय हुई सरकार, वित्‍त मंत्री ने बताया कैसे बढ़ेगा देश में रोजगार

कीमत में कितना आया अंतर 
सबसे बड़ा सवाल ये है कि कस्‍टम ड्यूटी में हुई इस गिरावट से आम आदमी को कितनी राहत मिली है. इसे आसान भाषा में ऐसे समझा जा सकता है कि पहले 22 कैरेट के 10 ग्राम सोने के लिए जहां आपको 67510 रुपये चुकाने पड़ते थे. अभी तक इस पर 15 प्रतिशत की कस्‍टम डयूटी लगा करती थी, जिसके एवज में आपको 10126 रुपये चुकाने होते थे. अब वित्‍त मंत्री ने 2024-25 के लिए इस कस्‍टम ड्यूटी को 6 प्रतिशत कर दिया है तो ऐसे में आपके 6076 रुपये की बचत हो पाएगी. अब आपको 10 ग्राम सोने के लिए 61434 रुपये चुकाने होंगे.  

इतनी सस्‍ती हो गई चांदी 
वहीं अगर चांदी की बात करें तो पहले 1 किलोग्राम चांदी की कीमत 88983 रुपये थी. अब तक इस पर 15 प्रतिशत टैक्‍स के अनुसार 12 हजार रुपये का टैक्‍स लगा करता था. अब 6 प्रतिशत कस्‍टम ड्यूटी के हिसाब से देखें तो ये 7000 रुपये तक सस्‍ता पड़ेगा. इसी तरह 10 ग्राम प्‍लेटिनम के लिए अभी 15.4 प्रतिशत की ड्यूटी के साथ 25520 रुपये चुकाने पड़ते थे. लेकिन अब इसमें 2000 रुपये तक की राहत मिल पाएगी. 
 


 


Budget 2024 Live: टेक लवर्स को मिला तोहफा, मोबाइल फोन और चार्जर हए सस्ते, इतनी हुई कटौती

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2024 में मोबाइल और चार्जर पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को 20% से कम करके 15% कर दिया गया है.

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Tuesday, 23 July, 2024
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज 7वीं बार आम बजट पेश किया है और इस बजट में लगभग हर क्षेत्र को लेकर बड़ी घोषणाएं की गई हैं. टेक इंडस्ट्री की बात करें तो आज का आम बजट बहुत ही खास रहा. क्योंकि टेक इंडस्ट्री को बड़ी राहत देते हुए वित्त मंत्री ने मोबाइल फोन और चार्जर पर लगने वाले सीमा शुक्ल को 15 प्रतिशत तक कम करने की घोषणा की है. जिसके बाद मोबाइल और चार्जर की कीमत बहुत ही कम हो जाएगी. यानि आने वाले समय में स्मार्टफोन बहुत ही सस्ते होने वाले हैं.

सस्ते हुए मोबाइल और चार्जर

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए कहा कि पिछले 6 सालों में घरेलू प्रोडक्शन में काफी बढ़ोत्तरी हुई है. यही वजह है कि घरेलू प्रोडक्शन को बढ़ावा देने के लिए मोबाइल के पार्ट्स, गैजेट्स और पीवीसी के मैन्युफैक्चरिंग में उपयोग होने वाले पार्ट्स पर लगने वाले सीमा शुक्ल में 15 प्रतिशत की कटौती का ऐलान किया गया है. जिसके बाद नया स्मार्टफोन और चार्जर पहले की तुलना में बहुत ही सस्ता होगा.

बढ़ेगा भारत का स्मार्टफोन बाजार

आम बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आने वाले समय में भारत दुनिया का सबसे बड़ा स्मार्टफोन बाजार बनेगा और यह दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब भी बन सकता है. क्येांकि यहां हर महीने करोड़ो की संख्या में मोबाइल फोन का प्रोडक्शन हो रहा है. बता दें कि भारत में Apple, Samsung, Xiaomi, Google, Realme और Oppo जैसी कई दिग्गज कंपिनयां अपने मोबाइल फोन व गैजेट्स का प्रोडक्शन कर रही हैं. ऐसे में आने वाले समय में प्रोडक्शन में इजाफा होने की उम्मीद है.

BCD से बदलाव का आपकी जेब पर असर

इस साल जनवरी 2024 में केंद्र सरकार ने मोबाइल फोन निर्माण से जुड़े पार्ट्स पर भी आयात शुल्क को 15 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी कर दिया था.डिवाइस या फिर कंपोनेंट्स को दूसरे देशों से मंगवाने पर मोबाइल फोन बनाने वाली कंपनियों को बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) पर राहत से सीधा फायदा आप लोगों को होने वाला है.

पहले कंपनियों को ज्यादा टैक्स का भुगतान करना पड़ता था जिसका सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ता था जिस वजह से नए फोन के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ती थी. अब सरकार ने कस्टम ड्यूटी को कम करने का बड़ा फैसला लिया है जिससे कंपनियों को कम भुगतान करना होगा जिससे मोबाइल फोन की कीमतों में गिरावट आएगी और जेब पर भी कम बोझ पड़ेगा.
 

 

Budget 2024: वित्त मंत्री ने सबको साधा, लेकिन सीनियर सिटीजंस को भूल गईं!

देश के बजट से वरिष्ठ नागरिक काफी आस लगाए हुए थे, लेकिन वित्त मंत्री ने उनके बारे में कोई बड़ी घोषणा नहीं की.

Last Modified:
Tuesday, 23 July, 2024
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने  अपने बजट में लगभग हर तबके को साधने की कोशिश की, लेकिन सीनियर सिटीजंस को वह भूल गईं. वरिष्ठ नागरिक बजट से जो आस लगाए बैठे थे, उन पर वित्त मंत्री ने कोई घोषणा नहीं की. सीनियर सिटीजंस काफी समय से रेल किराए में कोरोना से पहले मिलने वाली छूट बहाली की मांग कर रहे हैं. माना जा रहा था कि बजट में इस संबंध में कोई घोषणा हो सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इसी तरह वरिष्ठ नागरिक इनकम टैक्स में युवाओं की अपेक्षा और ज्यादा राहत की आस लगाए बैठे, उस पर भी कोई घोषणा नहीं हुई 

पहले थी ऐसी व्यवस्था
नई मोदी सरकार के पहले आम बजट में वरिष्ठ नागरिकों से जुड़ी कोई बड़ी घोषणा नहीं की गई है. ऐसी उम्मीद की जा रही थी कि वरिष्ठ यात्रियों को रेल किराए में मिलने वाली छूट इस साल के बजट में दोबारा बहाल की जा सकती है. भारतीय रेलवे ने कोरोना महामारी के दौरान मार्च 2020 में इस छूट पर रोक लगा दी थी. कोरोना से पहले की व्यवस्था के तहत महिला सीनियर सिटीजन को किराए में 50% और पुरुष एवं ट्रांसजेंडर सीनियर सिटीजंस को 40 प्रतिशत की छूट मिलती थी. रेलवे के मुताबिक, 60 साल या उससे ऊपर के पुरुषों एवं ट्रांसजेंडर और 58 वर्ष या उससे ऊपर की महिलाओं को वरिष्ठ नागरिक माना जाता है. उन्हें राजधानी, शताब्दी, दूरंतो और जन शताब्दी ट्रेन सहित सभी ट्रेनों में किराए पर रियायत मिलती थी. 

यहां भी टूट ई उम्मीद
इसके अलावा, वरिष्ठ नागरिक टैक्स में अतिरिक्त छूट की मांग भी कर रहे थे, जिस पर कोई घोषणा नहीं हुई है. वर्तमान में, 60 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों को आयकर में कुछ छूट मिलती है, लेकिन वे इसमें बढ़ोत्तरी चाहते थे. वित्त मंत्री ने न्यू टैक्स रिजीम के टैक्स स्लैब में बदलाव ज़रूर किया है, लेकिन वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त छूट का बजट में कोई प्रावधान नहीं है. इसी तरह, वरिष्ठ नागरिकों को जमा पूंजी पर मिलने वाली ब्याज दरों में भी राहत की उम्मीद थी. वे चाहते थे कि सरकार उनके लिए विशेष फिक्स्ड डिपॉजिट योजनाओं पर अधिक ब्याज दर प्रदान करे, ताकि उनकी वित्तीय स्थिति में सुधार हो सके. इस मोर्चे पर भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी है. 

नतीजों से बंधी थी आस
रेल किराए में छूट को लेकर केंद्र सरकार नरमी दिखाने के मूड में नहीं रही है. वह कहती रही है कि सरकार पहले से ही यात्रियों को किराए पर छूट दे रही है. ऐसे में वरिष्ठ नागरिकों व महिलाओं को अतिरिक्त छूट देने से रेलवे पर बोझ बढ़ेगा. हालांकि, लोकसभा चुनाव के परिणाम के बाद माना जा रहा था कि सरकार सीनियर सिटीजन की छूट बहाल कर सकती है.  गौरतलब है कि इस छूट पर कैंची चलाकर रेलवे ने अपना खजाना काफी भरा है. एक आरटीआई में खुलासा हुआ था कि एक अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2023 के बीच रेलवे ने वरिष्ठ नागरिकों से कुल 5,062 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त किया, जिसमें सब्सिडी खत्म होने से अर्जित अतिरिक्त 2,242 करोड़ रुपए शामिल रहे.
 


रोजगार बढ़ाने को लेकर सक्रिय हुई सरकार, वित्‍त मंत्री ने बताया कैसे बढ़ेगा देश में रोजगार 

सरकार जहां रोजगार बढ़ाने के लिए नियोक्‍ताओं को प्रोत्‍साह देने का काम करेगी वहीं दूसरी ओर स्किल एजुकेशन देने के लिए भी सरकार ने योजना बनाई है.  

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Tuesday, 23 July, 2024
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बीते लोकसभा चुनाव से लेकर नतीजों तक इस बार जो मुद्दा सबसे ज्‍यादा चर्चा में रहा वो है बेरोजगारी. लोकसभा चुनाव के नतीजों में इसकी बड़ी भूमिका मानी जा रही है. इसीलिए सरकार ने पहले बजट में इस मोर्चे पर बड़े ऐलान किए हैं. सरकार ने जहां रोजगार बढ़ाने के लिए कर्मचारी और नियोक्‍ता की मदद करेगी वहीं दूसरी ओर वहीं दूसरी ओर सरकारी नौकरी में आने वाले को 1 महीने का पीएफ देकर प्रोत्‍साहित करने की कोशिश करेगी. सरकार ने अगले पांच साल में 4 करोड़ लोगों को रोजगार मुहैया कराने का लक्ष्‍य भी रखा है. 

20 लाख युवाओं को दी जाएगी ट्रेनिंग 
मोदी 3.O सरकार का पहला पूर्ण बजट पेश करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि उनकी सरकार लगभग 20 लाख युवाओं को रोजगार के लिए ट्रेनिंग देने का काम करेगी. सरकार ने रोजगार देने पर इंसेंटिव देने की योजना भी बनाई है. सरकार इंसेंटिव देने के लिए 3 योजनांए लेकर आई है. सरकार जो लोग अलग अलग क्षेत्रों में काम कर रहे हैं उनके लिए हॉस्‍टल बनाने का भी काम करेगी. वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जब आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया था तो उसमें बताया था कि देश के 51.25 प्रतिशत युवा ही रोजगार के लिए स्किल्‍ड हैं जबकि 48.75 प्रतिशत युवा अनस्किल्‍ड हैं. इसी को देखते हुए सरकार 20 लाख युवाओं को स्किल्‍ड बनाने की तैयारी कर रही है. 

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इंटर्नशिप के साथ मिलेगा 5000 रुपये का मानदेय 
केन्‍द्र सरकार ने युवाओं को स्किल्‍ड बनाने के साथ ही  1 करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप कराने की भी योजना बनाई है. सरकार इंटर्नशिप के दौरान इन युवाओं को 5000 रुपये का मानदेय भी देगी. सरकार इन युवाओं को एकमुश्‍त 6000 रुपये की राशि भी देगी. सरकार का मकसद है इनकी देश की शीर्ष कंपनियों में इंटर्नशिप कराना जिससे उन्‍हें आसानी से नौकरी मिल पाए. सरकार की ओर से रोजगार, शिक्षा और युवाओं के स्किल एजुकेशन पर 2 लाख करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है. 

स्‍टूडेंट को मिलेंगे मॉडल स्किल लोन 
सरकार की ओर से केवल युवाओं को ही स्किल्‍ड शिक्षा देने की योजना नहीं है बल्कि सरकार स्‍टूडेंट को भी स्किल लोन दिलाने की तैयारी कर रही है. वित्‍त मंत्री ने कहा कि सरकार हर साल 1 लाख छात्रों को ई वाउचर देने का काम करेगी. इसमें कर्ज की रकम पर 3 प्रतिशत की ब्‍याज सब्सिडी के तौर पर मिलेगा. इसी तरह सरकार ने शिक्षा रोजगार और कौशल के लिए 1.48 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्‍य रखा है. 


 


Budget 2024 Live: 12 पॉइंट्स में समझिए कैसा रहा Modi 3.0 का पहला बजट

देश का बजट पेश हो गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज नई मोदी सरकार का पहला बजट पेश किया. उन्होंने सभी वर्गों को खुश रखने का प्रयास किया है.

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Tuesday, 23 July, 2024
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मोदी 3.0 का पहला बजट पेश हो गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में कई घोषणाएं की हैं. उन्होंने नौकरीपेशा को इनकम टैक्स में भी रियायत दी है. इसके साथ ही महिलाओं, छात्र और युवाओं का भी खास ख्याल रखा है. वित्त मंत्री ने बजट में मोदी सरकार के दो प्रमुख सहयोगियों के राज्यों के लिए भी पिटारा खोल दिया है. बजट में आंध्र प्रदेश और बिहार के लिए बड़ी घोषणाएं हुई हैं. चलिए देश के इस बजट को 12 पॉइंट्स में समझने की कोशिश करते हैं. 
 

 1. बिहार में राजमार्ग के लिए 26,000 करोड़ रुपए का प्रावधान.

2. आंध्र प्रदेश कैपिटल डेवलपमेंट के लिए चालू वित्त वर्ष में 15,000 करोड़ रुपए की व्यवस्था की जाएगी.

3. महिला एवं बालिका योजना के लिए 3 लाख करोड़ रुपए आवंटित.

4. इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की पूर्वोत्तर में 100 से अधिक शाखाएं स्थापित की जाएंगी.

5. खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पोलावरम सिंचाई परियोजना को पूरा किया जाएगा.

6. मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में जॉब्स बढ़ाए जाएंगे. नई योजनाओं के तहत  20 लाख युवाओं को कौशल प्रदान किया जाएगा.

7. MSME टर्म लोन: प्रति आवेदक 100 करोड़ रुपए तक के कवर के साथ क्रेडिट गारंटी योजना की शुरुआत होगी.

8. बिजली परियोजनाएं: 21,400 करोड़ की लागत से 2400 मेगावाट की नई परियोजना शुरू होगी.

9. मुद्रा लोन की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपए की गई.

10. ग्रामीण विकास के मद्देनजर बुनियादी ढांचे के लिए 2.66 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान.

11. कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों के लिए 1.52 लाख करोड़ रुपए आवंटित।

12. किफायती आवास योजना के तहत 30 मिलियन अतिरिक्त घरों का निर्माण किया जाएगा.