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सरकार ने विंडफॉल टैक्स घटाकर किया 13,000 रुपये प्रति टन, ATF पर फिर लगाई एक्सपोर्ट ड्यूटी
केंद्र सरकार की टैक्स को लेकर ये तीसरी समीक्षा है. सरकार ने सबसे पहले 1 जुलाई को घरेलू क्रूड उत्पादन पर 23,250 रुपये प्रति टन विंडफॉल टैक्स लगाया था.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्ली: कच्चे तेल की कीमतें 6 महीने के निचले स्तर पर चली गई हैं, इसे देखते हुए सरकार ने पेट्रोलियम क्रूड पर विंडफाल टैक्स में कटौती कर दी है. विंडफॉल टैक्स को 17,750 रुपये प्रति टन से घटाकर 13,000 रुपये प्रति टन कर दिया है. कच्चा तेल जून में 120 डॉलर तक उछलने के बाद लगातार सस्ता हो रहा है, फिलहाल ब्रेंट क्रूड 96 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है.
ATF पर फिर से एक्सपोर्ट ड्यूटी
केंद्र सरकार ने हालांकि डीजल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी (Export Duty) में बढ़ोतरी कर दी है, इसे 5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 7 रुपये प्रति लीटर कर दिया है. इसके अलावा एविएशन टर्बाइन फ्यूल ATF के एक्सपोर्ट पर ड्यूटी को फिर से 2 रुपये प्रति लीटर के भाव पर लगा दिया गया है. हालांकि, सरकार ने पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी को जीरो ही रखा है. पेट्रोलियम मंत्रालय कच्चे तेल की कीमतों में कमी के कारण ऐसी सिफारिश करता है. सरकार ने कल इसका नोटिफिकेशन जारी किया था, नए भाव आज से ही लागू हो चुके हैं.
कब टैक्स लगाया, कब हटाया
केंद्र सरकार की टैक्स को लेकर ये तीसरी समीक्षा है. सरकार ने सबसे पहले 1 जुलाई को घरेलू क्रूड उत्पादन पर 23,250 रुपये प्रति टन विंडफॉल टैक्स लगाया था. फिर 20 जुलाई को इसे घटाकर 17,000 रुपये प्रति टन कर दिया, 1 जुलाई को पेट्रोल और ATF पर 6 रुपये प्रति लीटर एक्सपोर्ट ड्यूटी लगाई थी, जबकि डीजल पर 13 रुपये प्रति लीटर टैक्स लगाया था. इसके बाद 20 जुलाई को पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी को खत्म कर दिया गया. ATF और डीजल की ड्यूटी में 2 रुपये की कटौती की गई और ये 11 रुपये और 4 रुपये हो गए. फिर 2 अगस्त को केंद्र सरकार ने विंडफॉल टैक्स को 17000 रुपये प्रति टन से बढ़ाकर 17750 रुपये प्रति टन किया था, साथ ही ATF पर लग रहे 4 रुपये प्रति लीटर की एक्सपोर्ट ड्यूटी को हटा दिया था. सरकार ग्लोबल कच्चे तेल की कीमतों को देखते हुए सेस का रिव्यू हर पखवाड़े में एक बार करती है. पिछली समीक्षा बैठक में कच्चा तेल $100-103 प्रति बैरल के आस-पास था, लेकिन अब ये उससे काफी नीचे आ चुका है.
क्या पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ेंगे
विंडफॉल टैक्स का इस्तेमाल सरकार सिर्फ तेल कंपनियों के हद से ज्यादा मुनाफे को कम करने के लिए करती है और उसमें से अपना हिस्सा लेती है. इसका देश में बिक रहे पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर कोई असर नहीं होता, ये जिस भाव पर बिक रहे हैं, उसी भाव पर बिकते रहेंगे. जब पहली बार 1 जुलाई को विंडफॉल टैक्स लगाया गया था तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 120 डॉलर के उफान पर था, जिसका फायदा घरेलू तेल कंपनियों ने उठाया. जब दूसरी बार 20 जुलाई को जब कच्चा तेल थोड़ा नरम हुआ और 100 डॉलर के आस-पास आया तो विंडफॉल टैक्स में कटौती की गई.
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