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शेयर बाजार के लिए अच्छी खबर, इस वजह से जारी रहेगा तेजी का दौर!
भारतीय शेयर बाजार की चाल काफी हद तक विदेशी निवेशकों पर निर्भर करती है. जब वह बाजार में पैसा डालते हैं, तो मार्केट उड़ान भरने लगता है और उनके पैसे निकालते ही वो धड़ाम से नीचे आ गिरता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए बीते कुछ दिन थोड़े राहत भरे रहे हैं. क्योंकि बाजार ने कोई खास बड़ा गोता नहीं लगाया है. बाजार में अब तेजी दिखाई दे रही है और एक्सपर्ट्स का मानना है कि तेजी का दौर अभी बरकरार रहने वाला है. इसकी वजह है विदेशी निवेशकों की भारतीय शेयर बाजार में खरीदारी. विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने इस महीने अब तक करीब 5,600 करोड़ रुपए निवेश किए हैं.
FPI पर निर्भर रहती है चाल
भारतीय शेयर बाजार की चाल काफी हद तक विदेशी निवेशकों पर निर्भर करती है. जब वह बाजार में पैसा डालते हैं, तो मार्केट उड़ान भरने लगता है और उनके पैसे निकालते ही वो धड़ाम से नीचे आ गिरता है. कुछ वक़्त पहले घबराए विदेशी निवेशक भारतीय स्टॉक मार्केट में बिकवाली कर रहे थे, इसलिए बाजार गहरे गोते लगाए जा रहा था, लेकिन अब वो बाइंग मोड में आ गए हैं.
बदले मिजाज की वजह
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के बदले मिजाज के पीछे त्योहारी सीजन में उपभोक्ता खर्च बढ़ने की उम्मीद एक बड़ा कारण है. साथ ही अन्य उभरते बाजारों की तुलना में फंडामेंटल्स मजबूत होने की वजह से एफपीआई का भारतीय बाजार के प्रति आकर्षण बढ़ा है. इससे पहले अगस्त में विदेशी निवेशकों ने इंडियन स्टॉक मार्केट में 51,200 करोड़ और जुलाई में लगभग 5,000 करोड़ रुपए का निवेश किया था.
जमकर की थी बिकवाली
FPI का भारतीय बाजारों से निकासी का सिलसिला पिछले साल अक्टूबर में शुरू हुआ था. अक्टूबर, 2021 से जून, 2022 के दौरान एफपीआई ने करीब 2.46 लाख करोड़ रुपए के शेयर बेचे थे. जबकि अब एक से नौ सितंबर के दौरान एफपीआई ने भारतीय शेयर बाजारों में शुद्ध रूप से 5,593 करोड़ रुपए डाले हैं, जो बाजार के लिए शुभ संकेत हैं.
जारी रहेगी FPI की शॉपिंग!
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि भारतीय बाजारों में एफपीआई की लिवाली जारी रहेगी. हालांकि, यदि अमेरिका में बॉन्ड पर यील्ड बढ़ती है या डॉलर इंडेक्स 110 से ऊपर जाता है, तो उनका रुख प्रभावित हो सकता है. उनके मुताबिक, विदेशी निवेशक भारतीय बाजारों में इसलिए खरीदारी कर रहे हैं, क्योकि बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भारत का प्रदर्शन सबसे अच्छा है. जबकि अमेरिका, यूरोपीय देशों और चीन में सुस्ती है.
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