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रिपोर्ट पर बवाल के बाद अब Adani Group और Hindenburg के बीच छिड़ेगी जंग, आया ये बयान

हिंडनबर्ग रिसर्च की एक रिपोर्ट ने अडानी समूह को भारी नुकसान पहुंचाया है. अब अडानी ग्रुप उसके खिलाफ कोर्ट जाने पर विचार कर रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

अमेरिकी कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च (Hindenburg Research) की जिस रिपोर्ट पर बवाल मचा हुआ है, उसे अडानी समूह ने बकवास करार दिया है. समूह अब इस मामले को अदालत लेकर जाने पर विचार कर रहा है. यानी आने वाले समय में इस मुद्दे पर विवाद और गहरा सकता है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत और एशिया के सबसे रईस कारोबारी गौतम अडानी (Gautam Adani) की अगुवाई वाले अडानी ग्रुप ने कहा है कि वह अमेरिकी कंपनी के खिलाफ लीगल एक्शन पर विचार कर रहा है. वहीं, Hindenburg का कहना है कि वो इसके लिए तैयार है.

ओवरवैल्यूएशन का आरोप 
Hindenburg की रिपोर्ट में अडानी की कंपनियों को 85 फीसदी से अधिक ओवरवैल्यूड बताया गया है और ग्रुप के कर्ज पर सवाल उठाए गए हैं. वहीं, अडानी समूह का कहना है कि यह उसके खिलाफ साजिश है. समूह की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज के FPO को नुकसान पहुंचाने के लिए रिपोर्ट तैयार की गई है. जबकि हिंडनबर्ग रिसर्च ने कहा कि वह अपनी रिपोर्ट पर पूरी तरह कायम है. बता दें कि इस रिपोर्ट के सामने आते ही अडानी ग्रुप के शेयरों में भारी गिरावट आई थी.

नहीं दिया सवालों का जवाब
मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि अडानी ग्रुप ने संक्षिप्त बयान जारी करते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है. उधर, हिंडनबर्ग ने ट्विटर पर लिखा कि अडानी ग्रुप ने रिपोर्ट में उठाए गए 88 सीधे सवालों में से किसी का भी जवाब नहीं दिया है. कंपनी ने यह भी कहा कि अगर अडानी ग्रुप गंभीर है, तो उसे अमेरिका में भी मुकदमा दायर करना चाहिए, जहां हम काम करते हैं. हमारे पास कानूनी प्रक्रिया के दौरान मांगे जाने वाले दस्तावेजों की एक लंबी सूची है. यानी हिंडनबर्ग इस मामले में लंबी लड़ाई लड़ने के लिए भी तैयार है. 

अडानी ग्रुप का आरोप
अडानी ग्रुप के लीगल मामलों के प्रमुख जतिन जलुंधवाला ने कहा कि हिंडनबर्ग रिसर्च ने गलत इरादे से बिना कोई शोध और पूरी जानकारी के समूह के खिलाफ रिपोर्ट प्रकाशित की. इससे अडानी ग्रुप, हमारे शेयरधारकों और निवेशकों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है. हम हिंडनबर्ग रिसर्च के खिलाफ अमेरिकी और भारतीय कानून के तहत निपटने और दंडात्मक कार्रवाई पर गौर कर रहे हैं. इसके जवाब में हिंडनबर्ग ने कहा कि वह अपनी रिपोर्ट पर पूरी तरह कायम है और उसे पूरा विश्वास है कि यदि कोई कानूनी कार्रवाई की जाती है, उसमें कोई दम नहीं होगा.

क्या करती है कंपनी?
अब चलिए Hindenburg Research के बारे में कुछ जानते हैं. अब तक कई कंपनियों को अपनी रिपोर्ट से चौंका चुकी हिंडनबर्ग रिसर्च की स्थापना 2017 में नाथन एंडरसन (Nathan Anderson) ने की थी. यह एक फोरेंसिक फाइनेंशियल रिसर्च फर्म है, जो इक्विटी, क्रेडिट और डेरिवेटिव्स को एनालाइज करती है और उसके आधार पर रिपोर्ट तेयार करती है. एक रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी का नाम छह मई, 1937 में हुए हाई प्रोफाइल हिंडनबर्ग एयरशिप हादसे के नाम पर रखा गया है. Hindenburg किसी भी कंपनी में हो रही गड़बड़ी का पता लगाती है.

ड्राइवर भी रहे हैं नाथन
एक रिपोर्ट के मुताबिक, नाथन एंडरसन ने यूनिवर्सिटी ऑफ कनेक्टीकट से इंटरनेशनल बिजनस में डिग्री लेने के बाद एक डेटा कंपनी में काम किया. वहां उनका काम इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट कंपनियों से जुड़ा हुआ था. नाथन इजरायल में एंबुलेंस ड्राइवर का काम भी कर चुके हैं. वह हैरी मार्कपोलोस को अपना रोल मॉडल मानते हैं. मार्कपोलोस एनालिस्ट हैं, जिन्होंने Bernie Madoff की फ्रॉड स्कीम का पर्दाफाश किया था.


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